खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को शिवभोजन थाली योजना में आवश्यक बदलाव करने की जरूरत – विधायक संजय खोडके

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को शिवभोजन थाली योजना में आवश्यक बदलाव करने की जरूरत – विधायक संजय खोडके


 


विधान परिषद में शिवभोजन केंद्रों की क्षमता बढ़ाने और अनुदान में वृद्धि की मांग


*अस्पतालों और कृषि उपज मंडियों में नए शिवभोजन केंद्रों को प्राथमिकता से अनुमति दी जाएगी – मंत्री छगनराव भुजबल*


मुंबई, 23 जून। महाराष्ट्र सरकार की शिवभोजन थाली योजना गरीब, जरूरतमंद और श्रमिक वर्ग के लिए अत्यंत लाभदायक साबित हुई है। विशेष रूप से कोरोना काल में इस योजना का महत्व और अधिक स्पष्ट हुआ। आज भी हजारों गरीब एवं जरूरतमंद नागरिकों को मात्र 10 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो रहा है। इसी योजना के विस्तार, आवश्यक सुधार, केंद्रों की क्षमता बढ़ाने तथा अनुदान में वृद्धि की मांग विधायक संजय खोडके ने विधान परिषद में उठाई।



महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार, 23 जून 2026 को उच्च सदन में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण विभाग से संबंधित चर्चा के दौरान विधायक संजय खोडके ने यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया।



विधायक संजय खोडके ने कहा कि कोरोना काल से शुरू हुई शिवभोजन थाली योजना गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के लिए जीवनदायिनी साबित हुई है। इस योजना के अंतर्गत मात्र 10 रुपये में दो रोटियां, एक कटोरी सब्जी, एक कटोरी दाल और एक प्लेट चावल उपलब्ध कराया जाता है। अस्पतालों और कृषि उपज मंडियों के आसपास स्थित शिवभोजन केंद्रों से गरीब, श्रमिक और मरीजों के परिजनों को भोजन की सुविधा मिल रही है, जिससे यह योजना सरकार की सबसे जनहितकारी योजनाओं में से एक बन गई है।



उन्होंने आगे कहा कि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए नए शिवभोजन केंद्र शुरू किए जाने चाहिए। साथ ही थाली में कुछ अतिरिक्त पौष्टिक एवं पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। वर्तमान महंगाई को देखते हुए केंद्र संचालकों को पर्याप्त और नियमित अनुदान दिया जाना आवश्यक है, ताकि योजना सुचारू रूप से जारी रह सके और भविष्य में बंद होने की नौबत न आए।



इस पर जवाब देते हुए राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं ग्राहक संरक्षण मंत्री छगनराव भुजबल ने कहा कि योजना के शुरुआती दौर में अनुदान वितरण में लगभग छह माह तक की देरी होती थी, लेकिन सरकार ने सभी प्रशासनिक और वित्तीय अड़चनों को दूर कर दिया है। अब शिवभोजन केंद्रों को हर महीने नियमित रूप से अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।



उन्होंने बताया कि राज्य के कई अस्पतालों और कृषि उपज मंडियों में शिवभोजन योजना सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। साथ ही नए शिवभोजन केंद्रों की संख्या बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस से चर्चा की जाएगी। मंत्री भुजबल ने सदन में यह भी आश्वासन दिया कि अस्पतालों और बाजार समितियों जैसे क्षेत्रों में शिवभोजन केंद्रों की क्षमता बढ़ाने तथा नए केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर अनुमति देने पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी।

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