PRO Durg news & photo _ 09 October 2026 _ File 04

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार

रोशनी, संगीत और नृत्य से जीवंत हुई ‘नमो सेवा गाथा’

- प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन की अनकही कहानियों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने दर्शकों को किया प्रेरित

- सेवा संकल्प अभियान के तहत कला मंदिर भिलाई में लाइट एंड साउंड कार्यक्रम सम्पन्न


दुर्ग, 09 अक्टूबर 2026 / रोशनी, संगीत और नृत्य के समन्वय से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन की अनकही कहानियां आज भिलाई के सिविक सेंटर स्थित कला मंदिर में जीवंत हुईं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शाम 5 बजे आयोजित ‘नमो सेवा गाथा’ पर आधारित लाइट एंड साउंड कार्यक्रम में कलाकारों ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े प्रसंगों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। लगभग एक घंटे की इस प्रस्तुति को दर्शकों ने तन्मयता से देखा और प्रेरणास्पद बताते हुए सराहा।
संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से गुरतुर लोक सेवा संस्थान द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री मोदी के सेवाकाल से जुड़े विभिन्न पड़ावों को कला और नृत्य के माध्यम से मंच पर उतारा गया। गुजरात भूकंप के दौरान सहायता, कोविड काल में राहत के प्रयास, आतंकवाद के विरुद्ध कार्रवाई, नक्सल उन्मूलन, कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे प्रमुख विषयों को प्रस्तुति में शामिल किया गया। इसके साथ ही वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को भी प्रभावी ढंग से दर्शाया गया।
मंच पर बदलते प्रकाश, संगीत और कलाकारों के भावपूर्ण अभिनय ने इन प्रसंगों को आकर्षक स्वरूप दिया। प्रस्तुति में आपदा के समय सहायता और संवेदनशीलता से लेकर राष्ट्र की सुरक्षा तथा विकसित भारत के निर्माण तक की यात्रा को पिरोया गया। सेवा की भावना को केंद्र में रखकर प्रस्तुत इस गाथा ने दर्शकों को जनसेवा और देश के विकास में सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक की भी आकर्षक प्रस्तुति दी गई। उपस्थित जनों ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए ‘नमो सेवा गाथा’ को प्रेरणादायी बताया।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, सांसद श्री विजय बघेल, छ.ग. राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, विधायक वैशाली नगर श्री रिकेश सेन, खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, वरिष्ठ नागरिक श्री सुरेन्द्र कौशिक एवं श्री पुरूषोत्तम देवांगन सहित अन्य गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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पीएमएफएमई योजना की अवधि 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

दुर्ग, 09 अक्टूबर 2026 / भारत सरकार, द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) का विस्तार कर 31 मार्च 2027 तक वृद्धि की गई है। दुर्ग जिले के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े एवं नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों से प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) का लाभ उठाने की अपील की गई है।
मुख्य महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग से प्राप्‍त जानकारी अनुसार योजना के अंतर्गत पात्र सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक, अधिकतम ₹10.00 लाख का ऋण-संबद्ध पूंजीगत अनुदान प्रदान किया जाता है। हितग्राही का न्यूनतम 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान होना आवश्यक है। योजना के अंतर्गत पात्र व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHG), किसान उत्पादक संगठन (FPO) एवं सहकारी समितियां नियमानुसार लाभ प्राप्त कर सकती हैं। व्यक्तिगत आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा न्यूनतम 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इच्छुक आवेदक योजना की पात्रता एवं आवेदन प्रक्रिया की जानकारी हेतु जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, दुर्ग से संपर्क कर सकते हैं। अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों से योजना का लाभ लेकर खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय को विकसित करने एवं रोजगार के अवसर सृजित करने की अपील की गई है।      

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शोध की फ़ाइल से जनता के काम तक - सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में शोधार्थियों और नवाचारियों को आमंत्रण

- प्रयोगशाला, कार्यशाला या अपने अनुभव से निकले नवाचार पर ₹10 लाख का पुरस्कार; आवेदन 17 अक्टूबर 2026 तक


दुर्ग, 09 अक्टूबर 2026 / कई अच्छे शोध और उपयोगी प्रयोग शोध-पत्र या परियोजना रिपोर्ट तक सीमित रह जाते हैं। इसी प्रकार कई कारीगर, किसान, तकनीशियन और सेवानिवृत्त व्यक्ति अपने अनुभव से ऐसे हल निकाल लेते हैं, जिनकी जानकारी उनके आसपास तक ही रहती है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 ऐसे समाधानों को जन-उपयोग तक पहुँचाने का अवसर है।
चैलेंज में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता है जो किसी वास्तविक आवश्यकता के लिए नया और स्पष्ट हल दें तथा ज़मीन पर लागू किए जा सकें। मूल्यांकन में समस्या की प्रासंगिकता, समाधान की नवीनता, विकास-स्तर, संभावित प्रभाव, विस्तार की क्षमता तथा टीम को देखा जाएगा। इसलिए शोधार्थी अपने शोध को किसी ठोस समस्या से जोड़कर प्रस्तुत करें, तो आवेदन अधिक प्रभावी होगा।
शोधार्थी, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, तकनीशियन तथा कोई भी स्वतंत्र नवाचारी व्यक्तिगत रूप से अथवा टीम बनाकर आवेदन कर सकते हैं। प्राध्यापक अपने विद्यार्थियों के साथ संयुक्त टीम भी बना सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है।
प्रत्येक विजेता को ₹10 लाख की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में पाँच विजेता होंगे - तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि ₹5 करोड़ है।
आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर मोबाइल ओटीपी से पंजीयन कर किया जा सकता है। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम सदस्यों के नाम, भूमिका एवं योग्यता तथा छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति (अधिकतम 10 एमबी) अपलोड करनी होगी। एक नवाचार केवल एक बार भेजा जा सकेगा।
आवेदन 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हैं। अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026, रात्रि 11:59 बजे है।

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