नागपुर शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त, बाल-अनुकूल और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई **"मिशन मुक्ती"** मुहिम लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। नागपुर शहर के पुलिस आयुक्त **डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल** की संकल्पना से शुरू हुए इस अभियान के तीसरे चरण में गुरुवार को एक और व्यापक संयुक्त कार्रवाई की गई, जिसमें **52 लोगों को भिक्षावृत्ति और सड़क पर असुरक्षित जीवन से मुक्त कराया गया।**
इस अभियान में जिला प्रशासन, नागपुर पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, नागपुर महानगरपालिका, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों ने मिलकर भाग लिया।
## तीसरे चरण में अब तक 263 लोगों को मिली नई जिंदगी
ताजा कार्रवाई में बचाए गए 52 लोगों में 24 पुरुष, 24 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं। बच्चों में एक लड़का और तीन लड़कियां हैं। इसके साथ ही मिशन मुक्ती के तीसरे चरण में अब तक बचाए गए लोगों की संख्या बढ़कर **263** हो गई है।
वहीं, मिशन मुक्ती के तीनों चरणों को मिलाकर अब तक **745 लोगों का पुनर्वास और बचाव** किया जा चुका है, जो नागपुर में सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
## शहर में दिखने लगा बदलाव
अभियान के चलते शहर के प्रमुख चौकों, ट्रैफिक सिग्नलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है। खास तौर पर बच्चों को भिक्षावृत्ति के चक्र से निकालकर उन्हें शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास की मुख्यधारा से जोड़ने में सफलता मिली है।
इसके अलावा कई बेघर, निराश्रित और लापता व्यक्तियों को उनके परिवारों से दोबारा मिलाने का कार्य भी इस अभियान के माध्यम से किया गया है। इससे अनेक परिवारों का पुनर्मिलन संभव हो सका है।
## सिर्फ कानून नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी
मिशन मुक्ती ने यह संदेश देने में भी सफलता हासिल की है कि भिक्षावृत्ति केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्वास और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मुद्दा है। अभियान के कारण नागरिकों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बढ़ी है और जरूरतमंदों की मदद के प्रति जागरूकता विकसित हुई है।
## पुनर्वास की प्रक्रिया जारी
बचाए गए सभी व्यक्तियों की काउंसलिंग, स्वास्थ्य जांच, परिवार की खोज, दस्तावेज सत्यापन तथा आगे के पुनर्वास की प्रक्रिया संबंधित विभागों और संस्थाओं द्वारा की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर उपलब्ध कराना है।
## क्या बोले पुलिस आयुक्त?
पुलिस आयुक्त **डॉ. रविंद्र कुमार सिंगल** ने कहा कि मिशन मुक्ती केवल भिक्षावृत्ति विरोधी अभियान नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा को पुनर्स्थापित करने का एक सामाजिक आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि सड़क पर भीख मांगने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पीछे संघर्ष, गरीबी और परिस्थितियों की एक दर्दनाक कहानी होती है। ऐसे लोगों को केवल सड़कों से हटाना नहीं, बल्कि उन्हें परिवार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जोड़कर सम्मानजनक जीवन देना ही इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य है।
डॉ. सिंगल ने विश्वास जताया कि मिशन मुक्ती के माध्यम से नागपुर को भिक्षावृत्ति मुक्त और बाल भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिल रही है।
