कांग्रेस को हर अच्छे काम में खोट नजर आती है, पेड़ नहीं काटे गए, बीमारी से प्रभावित पेड़ों की आवश्यक छंटाई हुई
भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा—
“कांग्रेस की राजनीति अब ऐसी स्थिति में पहुंच गई है कि शहर में कोई अच्छा काम हो तो उसमें भी गलती निकालना उसकी आदत बन गई है। रानी सागर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का आरोप लगाकर कांग्रेस जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि पेड़ काटे नहीं गए, बल्कि बीमारी से प्रभावित पेड़ों और उनकी आवश्यक शाखाओं की छंटाई की गई थी। इसे पेड़ों की कटाई बताना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना है।
रानी सागर जैसे महत्वपूर्ण स्थल को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों का स्वागत होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण का अर्थ यह नहीं है कि बीमारी से प्रभावित या खतरनाक हो चुकी शाखाओं को भी बिना देखे छोड़ दिया जाए। आवश्यक छंटाई का उद्देश्य पेड़ को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
‘आशीर्वाद का दीया’ पर कांग्रेस की आपत्ति पर भी सवाल
कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने पर कांग्रेस की आपत्ति भी उसकी नकारात्मक राजनीति को दर्शाती है। 17 सितंबर को देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम जनभागीदारी और कृतज्ञता की भावना से आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वयं भी इस भाव को स्नेह और आशीर्वाद की अभिव्यक्ति बताया है।
उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी जी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि भारत का नेतृत्व करने वाले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में लोगों ने अपने-अपने तरीके से शुभकामनाएं और आशीर्वाद व्यक्त किया। दुनिया के अनेक देशों के नेताओं ने भी उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। ऐसे अवसर पर दीप जलाने जैसे सांस्कृतिक और भावनात्मक कार्यक्रम पर भी कांग्रेस को आपत्ति होना समझ से परे है।”
“दीपक भारतीय संस्कृति में प्रकाश, सकारात्मकता, कृतज्ञता और मंगलकामना का प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को भी इसी भावना से जोड़ा गया था। स्वयं केंद्र सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम में इसे सेवा, कृतज्ञता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ा गया।
कांग्रेस अगर दीये में भी राजनीति खोजेगी और पेड़ की छंटाई में भी पेड़ कटते हुए देखेगी, तो जनता समझ सकती है कि विपक्ष को काम से ज्यादा काम में कमी निकालने की चिंता है।”
“कांग्रेस बताए—विरोध किस बात का है?”
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को यदि पर्यावरण की चिंता है तो वह सकारात्मक सुझाव दे—कितने पेड़ बचाए जाएं, कितने नए पौधे लगाए जाएं और शहर को किस तरह हराभरा बनाया जाए। लेकिन हर विकास कार्य को विवाद का विषय बनाना और हर जनभागीदारी कार्यक्रम में राजनीति ढूंढना जनता के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा,
“भाजपा और नगर निगम की प्राथमिकता स्पष्ट है—शहर का विकास भी हो, पर्यावरण की रक्षा भी हो और जनता की भागीदारी भी बढ़े। कांग्रेस को चाहिए कि वह आरोपों की राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए। जनता अब यह देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल काम में कमी निकाल रहा है।”
भाजपा जिला अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा—
“कांग्रेस की राजनीति अब ऐसी स्थिति में पहुंच गई है कि शहर में कोई अच्छा काम हो तो उसमें भी गलती निकालना उसकी आदत बन गई है। रानी सागर में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का आरोप लगाकर कांग्रेस जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि पेड़ काटे नहीं गए, बल्कि बीमारी से प्रभावित पेड़ों और उनकी आवश्यक शाखाओं की छंटाई की गई थी। इसे पेड़ों की कटाई बताना तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करना है।
रानी सागर जैसे महत्वपूर्ण स्थल को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन और नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों का स्वागत होना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण का अर्थ यह नहीं है कि बीमारी से प्रभावित या खतरनाक हो चुकी शाखाओं को भी बिना देखे छोड़ दिया जाए। आवश्यक छंटाई का उद्देश्य पेड़ को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
‘आशीर्वाद का दीया’ पर कांग्रेस की आपत्ति पर भी सवाल
कोमल सिंह राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने पर कांग्रेस की आपत्ति भी उसकी नकारात्मक राजनीति को दर्शाती है। 17 सितंबर को देशभर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम जनभागीदारी और कृतज्ञता की भावना से आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी ने स्वयं भी इस भाव को स्नेह और आशीर्वाद की अभिव्यक्ति बताया है।
उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी जी केवल भाजपा के नेता नहीं, बल्कि भारत का नेतृत्व करने वाले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में लोगों ने अपने-अपने तरीके से शुभकामनाएं और आशीर्वाद व्यक्त किया। दुनिया के अनेक देशों के नेताओं ने भी उनके जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं। ऐसे अवसर पर दीप जलाने जैसे सांस्कृतिक और भावनात्मक कार्यक्रम पर भी कांग्रेस को आपत्ति होना समझ से परे है।”
“दीपक भारतीय संस्कृति में प्रकाश, सकारात्मकता, कृतज्ञता और मंगलकामना का प्रतीक है। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को भी इसी भावना से जोड़ा गया था। स्वयं केंद्र सरकार के आधिकारिक कार्यक्रम में इसे सेवा, कृतज्ञता और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ा गया।
कांग्रेस अगर दीये में भी राजनीति खोजेगी और पेड़ की छंटाई में भी पेड़ कटते हुए देखेगी, तो जनता समझ सकती है कि विपक्ष को काम से ज्यादा काम में कमी निकालने की चिंता है।”
“कांग्रेस बताए—विरोध किस बात का है?”
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को यदि पर्यावरण की चिंता है तो वह सकारात्मक सुझाव दे—कितने पेड़ बचाए जाएं, कितने नए पौधे लगाए जाएं और शहर को किस तरह हराभरा बनाया जाए। लेकिन हर विकास कार्य को विवाद का विषय बनाना और हर जनभागीदारी कार्यक्रम में राजनीति ढूंढना जनता के हित में नहीं है।
उन्होंने कहा,
“भाजपा और नगर निगम की प्राथमिकता स्पष्ट है—शहर का विकास भी हो, पर्यावरण की रक्षा भी हो और जनता की भागीदारी भी बढ़े। कांग्रेस को चाहिए कि वह आरोपों की राजनीति से ऊपर उठकर सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाए। जनता अब यह देख रही है कि कौन काम कर रहा है और कौन केवल काम में कमी निकाल रहा है।”
THANKS & REGARDS
जिला भाजपा राजनांदगाँव
07744-229988