जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
सेवा संकल्प अभियान-
नवजात शिशुओं के माताओं को मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने वितरण किया पोषण कीट
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / महिला एवं बाल विकास विभाग पाटन परियोजना द्वारा ग्राम सेलूद में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने गर्भ से ही शिशुओ के संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे के अच्छे संस्कार और व्यक्तित्व की नींव गर्भावस्था से ही प्रारंभ होती है। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा की सेवा संकल्प अभियान के तहत आज पाटन विकासखंड के सेलूद में आयोजित आँगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुआ। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत नवजात शिशुओं की माताओं एवं गर्भवती माताओं को पोषण आहार किट वितरित कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
आंगनबाड़ी केंद्र हमारे नन्हे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त समाज की आधार हैं। उन्होंने कहा कि लव-कुश तथा रावण-विभीषण एक ही मां की संतान थे, लेकिन उनके गुण और संस्कार अलग-अलग रहे। इससे स्पष्ट होता है कि गर्भावस्था के दौरान मां का खुश, स्वस्थ और सकारात्मक रहना गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पहले गर्भ संस्कार की परंपरा परिवार स्तर पर निभाई जाती थी, लेकिन अब सरकार भी इस दिशा में विशेष ध्यान दे रही है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा पौष्टिक किट प्रदान की जा रही है। उन्होंने पुंसवन संस्कार, गोद भराई, अन्नप्राशन और स्वस्थ शिशु जैसी गतिविधियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री श्री यादव ने लोगों से आह्वान किया कि पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाये। मंत्री ने कहा कि घर का वातावरण बच्चे के स्वास्थ्य, व्यवहार और संस्कारों पर सीधा प्रभाव डालता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को से कहा कि सकारात्मक विचार और अच्छा साहित्य गर्भस्थ शिशु के संस्कार निर्माण में सहायक होते हैं। मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी एक प्रकार का नशा बनता जा रहा है। अभिभावकों को स्वयं मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से बचते हुए बच्चों को भी इसके संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त बनाने के लिए उपस्थित लोगों से खिलौना दान करने की अपील की, ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में "हर मुनगा घर-घर मुनगा" का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष श्री योगेश निक्की भाले, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, सरपंच खिलेश मार्कण्डेय तथा जितेंद्र वर्मा, सुरेन्द्र कौशिक, छाया वर्मा, दिलीप साहू, हर्षा चंद्राकर, लोकमणि चंद्राकर, दिव्या कलिहारी, तिलोत्तमा मोदघरे, राकेश साहू, रानी बंछोर, खेमीन साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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सेवा संकल्प अभियान-
नवजात शिशुओं के माताओं को मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने वितरण किया पोषण कीट
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / महिला एवं बाल विकास विभाग पाटन परियोजना द्वारा ग्राम सेलूद में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने गर्भ से ही शिशुओ के संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे के अच्छे संस्कार और व्यक्तित्व की नींव गर्भावस्था से ही प्रारंभ होती है। मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा की सेवा संकल्प अभियान के तहत आज पाटन विकासखंड के सेलूद में आयोजित आँगन मिलन सेवा कार्यक्रम में शामिल हुआ। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत नवजात शिशुओं की माताओं एवं गर्भवती माताओं को पोषण आहार किट वितरित कर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
आंगनबाड़ी केंद्र हमारे नन्हे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक विकास की मजबूत नींव हैं। स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही सशक्त समाज की आधार हैं। उन्होंने कहा कि लव-कुश तथा रावण-विभीषण एक ही मां की संतान थे, लेकिन उनके गुण और संस्कार अलग-अलग रहे। इससे स्पष्ट होता है कि गर्भावस्था के दौरान मां का खुश, स्वस्थ और सकारात्मक रहना गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पहले गर्भ संस्कार की परंपरा परिवार स्तर पर निभाई जाती थी, लेकिन अब सरकार भी इस दिशा में विशेष ध्यान दे रही है। गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा पौष्टिक किट प्रदान की जा रही है। उन्होंने पुंसवन संस्कार, गोद भराई, अन्नप्राशन और स्वस्थ शिशु जैसी गतिविधियों को मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मंत्री श्री यादव ने लोगों से आह्वान किया कि पारिवारिक और सामाजिक कार्यक्रमों में नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाये। मंत्री ने कहा कि घर का वातावरण बच्चे के स्वास्थ्य, व्यवहार और संस्कारों पर सीधा प्रभाव डालता है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को से कहा कि सकारात्मक विचार और अच्छा साहित्य गर्भस्थ शिशु के संस्कार निर्माण में सहायक होते हैं। मोबाइल के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मोबाइल का अत्यधिक उपयोग भी एक प्रकार का नशा बनता जा रहा है। अभिभावकों को स्वयं मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से बचते हुए बच्चों को भी इसके संतुलित उपयोग के लिए प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधायुक्त बनाने के लिए उपस्थित लोगों से खिलौना दान करने की अपील की, ताकि बच्चों को खेल-खेल में सीखने के लिए बेहतर वातावरण मिल सके। कार्यक्रम में "हर मुनगा घर-घर मुनगा" का संदेश भी दिया गया। इस अवसर पर नगर पंचायत पाटन अध्यक्ष श्री योगेश निक्की भाले, जनपद अध्यक्ष कीर्ति नायक, सरपंच खिलेश मार्कण्डेय तथा जितेंद्र वर्मा, सुरेन्द्र कौशिक, छाया वर्मा, दिलीप साहू, हर्षा चंद्राकर, लोकमणि चंद्राकर, दिव्या कलिहारी, तिलोत्तमा मोदघरे, राकेश साहू, रानी बंछोर, खेमीन साहू, सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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सेवा संकल्प अभियान-
जिला अस्पताल दुर्ग की उल्लेखनीय उपलब्धियां: जनवरी से सितंबर तक हजारों मरीजों को मिली गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / जिला अस्पताल दुर्ग द्वारा आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। जनवरी से सितंबर की अवधि में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सिकल सेल एनीमिया जांच, डायलिसिस तथा डॉग बाइट के उपचार में बड़ी संख्या में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य
जिला अस्पताल दुर्ग के MCH भवन में जनवरी से सितंबर तक कुल 5,001 प्रसव कराए गए। इनमें 2,964 सामान्य प्रसव तथा 2,037 सिजेरियन/ऑपरेशन द्वारा प्रसव शामिल हैं। इसी अवधि में 854 महिला नसबंदी, 8 बच्चेदानी संबंधी ऑपरेशन तथा 20 जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। विशेष रूप से 61 जुड़वा बच्चों की डिलीवरी भी कराई गई। ये आंकड़े अस्पताल में उपलब्ध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपातकालीन प्रसूति प्रबंधन की व्यापकता को दर्शाते हैं।
सिकल सेल एनीमिया की जांच एवं पहचान पर विशेष ध्यान
सिकल सेल एनीमिया की समय पर पहचान के लिए अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच की गई। इस अवधि में कुल 1,792 व्यक्तियों की सिकल सेल जांच की गई, जिनमें 192 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। आगे की पुष्टि एवं वर्गीकरण के लिए 278 इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच की गईं। इनमें 29 SS टाइप तथा 159 AS टाइप के प्रकरण दर्ज किए गए। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं आगे की देखभाल उपलब्ध कराई गई।
डायलिसिस यूनिट से किडनी मरीजों को राहत
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट द्वारा जरूरतमंद मरीजों को नियमित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। जनवरी से सितंबर के दौरान कुल 2,984 डायलिसिस सत्र किए गए। इनमें HCV श्रेणी के 47 डायलिसिस भी शामिल रहे। इससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को जिला स्तर पर ही महत्वपूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है।
डॉग बाइट के 5,230 मरीजों को उपचार
रेबीज से बचाव के लिए अस्पताल की एंटी-रेबीज सेवाओं के माध्यम से जनवरी से सितंबर तक कुल 5,230 डॉग बाइट मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया तथा कुल 14,302 एंटी-रेबीज वैक्सीन/इंजेक्शन डोज लगाए गए। मरीजों को घाव की देखभाल, टीकाकरण तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया।
टीमवर्क से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर
जिला अस्पताल दुर्ग में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सिकल सेल स्क्रीनिंग, डायलिसिस तथा एंटी-रेबीज सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयास से बड़ी संख्या में मरीजों को जिला स्तर पर ही आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
“सुरक्षित मातृत्व, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार—जिला अस्पताल दुर्ग की प्राथमिकता।”
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जिला अस्पताल दुर्ग की उल्लेखनीय उपलब्धियां: जनवरी से सितंबर तक हजारों मरीजों को मिली गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / जिला अस्पताल दुर्ग द्वारा आम नागरिकों को बेहतर, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। जनवरी से सितंबर की अवधि में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सिकल सेल एनीमिया जांच, डायलिसिस तथा डॉग बाइट के उपचार में बड़ी संख्या में मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य
जिला अस्पताल दुर्ग के MCH भवन में जनवरी से सितंबर तक कुल 5,001 प्रसव कराए गए। इनमें 2,964 सामान्य प्रसव तथा 2,037 सिजेरियन/ऑपरेशन द्वारा प्रसव शामिल हैं। इसी अवधि में 854 महिला नसबंदी, 8 बच्चेदानी संबंधी ऑपरेशन तथा 20 जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए। विशेष रूप से 61 जुड़वा बच्चों की डिलीवरी भी कराई गई। ये आंकड़े अस्पताल में उपलब्ध मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपातकालीन प्रसूति प्रबंधन की व्यापकता को दर्शाते हैं।
सिकल सेल एनीमिया की जांच एवं पहचान पर विशेष ध्यान
सिकल सेल एनीमिया की समय पर पहचान के लिए अस्पताल में व्यापक स्तर पर जांच की गई। इस अवधि में कुल 1,792 व्यक्तियों की सिकल सेल जांच की गई, जिनमें 192 की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई। आगे की पुष्टि एवं वर्गीकरण के लिए 278 इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच की गईं। इनमें 29 SS टाइप तथा 159 AS टाइप के प्रकरण दर्ज किए गए। मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं आगे की देखभाल उपलब्ध कराई गई।
डायलिसिस यूनिट से किडनी मरीजों को राहत
जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट द्वारा जरूरतमंद मरीजों को नियमित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। जनवरी से सितंबर के दौरान कुल 2,984 डायलिसिस सत्र किए गए। इनमें HCV श्रेणी के 47 डायलिसिस भी शामिल रहे। इससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को जिला स्तर पर ही महत्वपूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध हो रही है।
डॉग बाइट के 5,230 मरीजों को उपचार
रेबीज से बचाव के लिए अस्पताल की एंटी-रेबीज सेवाओं के माध्यम से जनवरी से सितंबर तक कुल 5,230 डॉग बाइट मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया तथा कुल 14,302 एंटी-रेबीज वैक्सीन/इंजेक्शन डोज लगाए गए। मरीजों को घाव की देखभाल, टीकाकरण तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श भी प्रदान किया गया।
टीमवर्क से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की ओर
जिला अस्पताल दुर्ग में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, सिकल सेल स्क्रीनिंग, डायलिसिस तथा एंटी-रेबीज सेवाओं को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के समन्वित प्रयास से बड़ी संख्या में मरीजों को जिला स्तर पर ही आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
“सुरक्षित मातृत्व, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार—जिला अस्पताल दुर्ग की प्राथमिकता।”
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