जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी
शासकीय योजनाओं से बेटियों के भविष्य को संवार रही रुआबांधा की आफरीन
- मातृ वंदना और महतारी वंदन योजना की राशि से बेटियों के पोषण, शिक्षा और बचत को दे रहीं प्राथमिकता
दुर्ग, 01 अक्टूबर 2026 / शासकीय योजनाओं का लाभ सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। रुआबांधा, भिलाई की रहने वाली आफरीन ने सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग अपनी दोनों बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए कर रही हैं। पहली बेटी के जन्म पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिली 5 हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग उन्होंने बेटी के पोषण और स्वास्थ्य पर किया। वहीं, दूसरी बेटी के जन्म पर योजना के अंतर्गत प्राप्त 6 हजार रुपये की राशि भी उन्होंने उसकी देखभाल और पोषण में खर्च की।
इसके बाद महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत करने में मदद की। वे इस राशि से अपनी बड़ी बेटी की कोचिंग फीस का भुगतान करती हैं, ताकि बेटी को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के सहयोग से उन्होंने अपनी बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे हर महीने नियमित रूप से बचत राशि जमा कर रही हैं।
शासकीय योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार को संबल देने के साथ ही उन्हें अपनी बेटियों की जरूरतों को पूरा करने और भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से बचत करने का अवसर दिया है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपनी बेटियों की शिक्षा, पोषण और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहती है कि योजनाओं का सही उपयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही बेटियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी रख सकता है।
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सेवा की कहानी
शासकीय योजनाओं से बेटियों के भविष्य को संवार रही रुआबांधा की आफरीन
- मातृ वंदना और महतारी वंदन योजना की राशि से बेटियों के पोषण, शिक्षा और बचत को दे रहीं प्राथमिकता
दुर्ग, 01 अक्टूबर 2026 / शासकीय योजनाओं का लाभ सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो यह परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। रुआबांधा, भिलाई की रहने वाली आफरीन ने सरकारी योजनाओं से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उपयोग अपनी दोनों बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए कर रही हैं। पहली बेटी के जन्म पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत मिली 5 हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग उन्होंने बेटी के पोषण और स्वास्थ्य पर किया। वहीं, दूसरी बेटी के जन्म पर योजना के अंतर्गत प्राप्त 6 हजार रुपये की राशि भी उन्होंने उसकी देखभाल और पोषण में खर्च की।
इसके बाद महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए बचत करने में मदद की। वे इस राशि से अपनी बड़ी बेटी की कोचिंग फीस का भुगतान करती हैं, ताकि बेटी को बेहतर शिक्षा मिल सके। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र के सहयोग से उन्होंने अपनी बेटी का सुकन्या समृद्धि योजना में खाता भी खुलवाया है, जिसमें वे हर महीने नियमित रूप से बचत राशि जमा कर रही हैं।
शासकीय योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ने उनके परिवार को संबल देने के साथ ही उन्हें अपनी बेटियों की जरूरतों को पूरा करने और भविष्य के लिए योजनाबद्ध तरीके से बचत करने का अवसर दिया है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपनी बेटियों की शिक्षा, पोषण और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहती है कि योजनाओं का सही उपयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही बेटियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी रख सकता है।
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सेवा सेतु शिविर बना उम्मीद का सेतु, आवेदन के बाद तत्काल मिला ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र
दुर्ग, 1 अक्टूबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, सुगम और त्वरित रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सेवा सेतु शिविर नागरिकों के लिए सुविधाजनक माध्यम साबित हो रहे हैं। शिविरों में विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और समय की भी बचत हो रही है। इसी क्रम में फर्स्ट बटालियन एसएफ लाइन, वार्ड क्रमांक 60 निवासी श्री अमन प्रताप सिंह बघेल ने विवेकानंद सभागार में आयोजित सेवा सेतु शिविर में ईडब्ल्यूएस (इकोनोमिकल वीकर सेक्शन) प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उनके द्वारा आवेदन किए जाने के बाद आवश्यक प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूरी की गई और उन्हें तत्काल ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाकर प्रदान कर दिया गया।
श्री अमन प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए EWS प्रमाण पत्र काफी उपयोगी है। पात्र लोगों को इस प्रमाण पत्र के माध्यम से शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विभिन्न अवसरों का लाभ लेने में सुविधा मिलती है। ऐसे में शिविर में ही प्रमाण पत्र मिल जाने से उन्हें काफी सहूलियत हुई। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी प्रमाण पत्र के लिए संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन करने, दस्तावेज जमा करने और प्रमाण पत्र प्राप्त करने में समय लगता है। लेकिन सेवा सेतु शिविर में आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक की प्रक्रिया एक ही स्थान पर और त्वरित रूप से पूरी हो गई। इससे न केवल उनका समय बचा, बल्कि अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिली। तत्काल प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्री बघेल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए शासन की सेवाओं को उनके करीब लाने का सार्थक माध्यम है। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। सेवा सेतु शिविर जनसेवा को सरल, सहज और त्वरित बनाने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा रहे हैं।
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दुर्ग, 1 अक्टूबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, सुगम और त्वरित रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सेवा सेतु शिविर नागरिकों के लिए सुविधाजनक माध्यम साबित हो रहे हैं। शिविरों में विभिन्न शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होने से लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है और समय की भी बचत हो रही है। इसी क्रम में फर्स्ट बटालियन एसएफ लाइन, वार्ड क्रमांक 60 निवासी श्री अमन प्रताप सिंह बघेल ने विवेकानंद सभागार में आयोजित सेवा सेतु शिविर में ईडब्ल्यूएस (इकोनोमिकल वीकर सेक्शन) प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। उनके द्वारा आवेदन किए जाने के बाद आवश्यक प्रक्रिया शिविर स्थल पर ही पूरी की गई और उन्हें तत्काल ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाकर प्रदान कर दिया गया।
श्री अमन प्रताप सिंह बघेल ने बताया कि सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए EWS प्रमाण पत्र काफी उपयोगी है। पात्र लोगों को इस प्रमाण पत्र के माध्यम से शासन के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार विभिन्न अवसरों का लाभ लेने में सुविधा मिलती है। ऐसे में शिविर में ही प्रमाण पत्र मिल जाने से उन्हें काफी सहूलियत हुई। उन्होंने कहा कि सामान्यतः किसी प्रमाण पत्र के लिए संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन करने, दस्तावेज जमा करने और प्रमाण पत्र प्राप्त करने में समय लगता है। लेकिन सेवा सेतु शिविर में आवेदन से लेकर प्रमाण पत्र प्राप्त करने तक की प्रक्रिया एक ही स्थान पर और त्वरित रूप से पूरी हो गई। इससे न केवल उनका समय बचा, बल्कि अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिली। तत्काल प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्री बघेल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए शासन की सेवाओं को उनके करीब लाने का सार्थक माध्यम है। उन्होंने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। सेवा सेतु शिविर जनसेवा को सरल, सहज और त्वरित बनाने की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचा रहे हैं।
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