जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ. ग.)
समाचार
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर, लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर होगी कार्रवाई
- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ली राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
दुर्ग, 17 अक्टूबर 2026 / जिले में राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह लगातार राजस्व कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की तथा अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन, धारणाधिकार, भूमि आवंटन और मुआवजा वितरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित फौती नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा की। इसके साथ ही ऑनलाइन रिकॉर्ड दुरुस्ती, नक्शा संशोधन, बटांकन और डीसीएस से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि समय-सीमा में पूरे किए जाने वाले राजस्व प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि आदेश पारित होने के बाद रिकॉर्ड दुरुस्ती सहित संबंधित कार्यों का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले पटवारियों की प्रकरण क्रमांक सहित सूची तैयार कर जिम्मेदारी तय की जाए। लगातार लापरवाही बरतने और निर्देशों के बावजूद कार्य पूरा नहीं करने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निलंबन के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नॉन जियो-रिफरेंस खसरों, नक्शा दुरुस्ती और बटांकन के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही, पटवारियों की अनुपलब्धता के कारण राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा तकनीकी बाधाओं के समाधान के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खसरा सर्वे, पॉलीगन मैपिंग की समीक्षा की। उन्होंने बिना जियो-रिफरेंसिंग वाले खेतों की मौके पर जाकर सही पहचान करने और इस वर्ष धान लगाए गए छूटे हुए खेतों का प्राथमिकता से सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को धान विक्रय में परेशानी न हो।
कलेक्टर ने खेतों की सही स्थिति और सीमाएं निर्धारित करने के लिए पटवारी, सरपंच, पंच, ग्राम कोटवार और भूमि स्वामियों का सहयोग लेने को कहा। तैयार किए गए नक्शों की जांच के बाद ही उन्हें डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज करने को कहा । इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग, संयुक्त कलेक्टर श्री खेमलाल वर्मा , एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल गुप्ता, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण श्री सोनाल डेविड, एसडीएम पाटन श्री नीर निधि , एसडीएम धमधा श्री अंजलि खलको, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, भू अधीक्षक, सहायक अधीक्षक उपस्थित थे।
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राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर, लापरवाही बरतने वाले पटवारियों पर होगी कार्रवाई
- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ली राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक, लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
दुर्ग, 17 अक्टूबर 2026 / जिले में राजस्व प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण और आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह लगातार राजस्व कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा की तथा अनुविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री सिंह ने नामांतरण, फौती, बंटवारा, सीमांकन, धारणाधिकार, भूमि आवंटन और मुआवजा वितरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा से बाहर लंबित फौती नामांतरण और बंटवारा प्रकरणों की समीक्षा की। इसके साथ ही ऑनलाइन रिकॉर्ड दुरुस्ती, नक्शा संशोधन, बटांकन और डीसीएस से संबंधित कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि समय-सीमा में पूरे किए जाने वाले राजस्व प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग करते हुए संबंधित अधिकारियों और मैदानी अमले से कार्यों की प्रगति की जानकारी ली जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि आदेश पारित होने के बाद रिकॉर्ड दुरुस्ती सहित संबंधित कार्यों का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। कार्यों में अनावश्यक देरी करने वाले पटवारियों की प्रकरण क्रमांक सहित सूची तैयार कर जिम्मेदारी तय की जाए। लगातार लापरवाही बरतने और निर्देशों के बावजूद कार्य पूरा नहीं करने वाले पटवारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निलंबन के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
बैठक में नॉन जियो-रिफरेंस खसरों, नक्शा दुरुस्ती और बटांकन के लंबित मामलों को भी प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया गया। साथ ही, पटवारियों की अनुपलब्धता के कारण राजस्व कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा तकनीकी बाधाओं के समाधान के लिए आवश्यक पत्राचार करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने खसरा सर्वे, पॉलीगन मैपिंग की समीक्षा की। उन्होंने बिना जियो-रिफरेंसिंग वाले खेतों की मौके पर जाकर सही पहचान करने और इस वर्ष धान लगाए गए छूटे हुए खेतों का प्राथमिकता से सर्वे करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को धान विक्रय में परेशानी न हो।
कलेक्टर ने खेतों की सही स्थिति और सीमाएं निर्धारित करने के लिए पटवारी, सरपंच, पंच, ग्राम कोटवार और भूमि स्वामियों का सहयोग लेने को कहा। तैयार किए गए नक्शों की जांच के बाद ही उन्हें डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज करने को कहा । इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंग, संयुक्त कलेक्टर श्री खेमलाल वर्मा , एसडीएम दुर्ग शहर श्री प्रफुल्ल गुप्ता, एसडीएम दुर्ग ग्रामीण श्री सोनाल डेविड, एसडीएम पाटन श्री नीर निधि , एसडीएम धमधा श्री अंजलि खलको, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, भू अधीक्षक, सहायक अधीक्षक उपस्थित थे।
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