जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
जिले में अब तक 992.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ जिले में 1 जून 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक 992.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1298.4 मिमी दुर्ग तहसील में तथा न्यूनतम 645.0 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील पाटन में 1179.1 मिमी, तहसील बोरी में 880.1 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 1100.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 854.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 29 अक्टूबर 2026 को तहसील दुर्ग में 26.0 मिमी, तहसील धमधा में 21.9 मिमी, तहसील पाटन में 23.9 मिमी, तहसील बोरी में 12.0 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 26.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 28.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
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समाचार
अर्नब चक्रवात के कारण बीमित फसल में नुकसान होने पर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देवें
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेज सकते हैं
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न भीषण चक्रवात ’अर्नब’ के प्रभाव से जिले में अधिकांश स्थानाें पर भारी वर्षा हो रही है। असामयिक वर्षा से फसलों में नुकसान की संभावना है। बीमित फसल में नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मुआवज़ा देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए जिले में अधिसूचित फसले धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी हैं।
उपसंचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में तीन प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई / रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलप्लावन अतिवृष्टि धान फसल में जलप्लावन से होने वाली क्षति शामिल नहीं) एवं खेत में फसल काटने के पश्चात सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति को शामिल किया गया है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई उपरांत खेत में सूखने रखी फसल में नुकसान होने पर अंतरिम राहत दिए जाने का प्रावधान है। किन्तु इस हेतु किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही चउइिलण्हवअण्पद पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं एवं गूगल प्ले स्टोर से ’क्रॉप इंश्योरेंस ऐप’ डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि अर्नब चक्रवात के वजह से अत्याधिक वर्षा होने पर जो किसान भाई की फसल नुकसान है, तत्काल सूचना देवे।
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जिले में अब तक 992.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ जिले में 1 जून 2026 से 29 अक्टूबर 2026 तक 992.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 1298.4 मिमी दुर्ग तहसील में तथा न्यूनतम 645.0 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील पाटन में 1179.1 मिमी, तहसील बोरी में 880.1 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 1100.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 854.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 29 अक्टूबर 2026 को तहसील दुर्ग में 26.0 मिमी, तहसील धमधा में 21.9 मिमी, तहसील पाटन में 23.9 मिमी, तहसील बोरी में 12.0 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 26.4 मिमी और तहसील अहिवारा में 28.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
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अर्नब चक्रवात के कारण बीमित फसल में नुकसान होने पर टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना देवें
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेज सकते हैं
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न भीषण चक्रवात ’अर्नब’ के प्रभाव से जिले में अधिकांश स्थानाें पर भारी वर्षा हो रही है। असामयिक वर्षा से फसलों में नुकसान की संभावना है। बीमित फसल में नुकसान होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मुआवज़ा देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2026 के लिए जिले में अधिसूचित फसले धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी हैं।
उपसंचालक कृषि विभाग से मिली जानकारी अनुसार किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में तीन प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई / रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलप्लावन अतिवृष्टि धान फसल में जलप्लावन से होने वाली क्षति शामिल नहीं) एवं खेत में फसल काटने के पश्चात सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति को शामिल किया गया है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई उपरांत खेत में सूखने रखी फसल में नुकसान होने पर अंतरिम राहत दिए जाने का प्रावधान है। किन्तु इस हेतु किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही चउइिलण्हवअण्पद पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं एवं गूगल प्ले स्टोर से ’क्रॉप इंश्योरेंस ऐप’ डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाइयों से अपील की गई है कि अर्नब चक्रवात के वजह से अत्याधिक वर्षा होने पर जो किसान भाई की फसल नुकसान है, तत्काल सूचना देवे।
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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सफलता की कहानी
सेवा सेतु पोर्टल से आवेदक को मिला बच्चे के प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में सेवा सेतु पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम डीघारी निवासी श्री यशवंत भांडेकर को पाटन के सेवा सेतु केंद्र से अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र मिलने से उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र उन परिवारों के बच्चों को मिलता है जिनके माता-पिता अस्वच्छ व्यवसायों-जैसे चमड़ा रंगना, चमड़ा निकालना, कचरा बीनना इत्यादि कामों में संलग्न होते हैं।
यशवंत भांडेकर का परिवार सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन करता है। इन परिस्थितियों के बावजूद उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ें। जब उन्हें अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों के लिए केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली, तो उनके मन में बच्चों की पढ़ाई को लेकर नई उम्मीद जगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र आवश्यक था। सरकारी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर चिंतित यशवंत भांडेकर को तहसील कार्यालय पाटन स्थित सेवा सेतु केंद्र के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए केंद्र पहुंचे। वहां केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में मार्गदर्शन प्रदान किया। डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत 12 जून 2026 को उनका आवेदन दर्ज किया गया। केंद्र के माध्यम से दस्तावेजों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को उनका अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र सफलतापूर्वक अनुमोदित होकर प्राप्त हुआ। प्रमाण-पत्र मिलने से यशवंत भांडेकर के परिवार को बड़ी राहत मिली। यह दस्तावेज उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जिससे उनकी शिक्षा संबंधी उम्मीदों को नया सहारा मिला है। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए श्री यशवंत भांडेकर ने कहा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मुझे अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों की केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। यह प्रमाण-पत्र मेरे बच्चों की शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सेवा के लिए मैं मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूं।
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सफलता की कहानी
सेवा सेतु पोर्टल से आवेदक को मिला बच्चे के प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र
दुर्ग, 29 अक्टूबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में सेवा सेतु पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम डीघारी निवासी श्री यशवंत भांडेकर को पाटन के सेवा सेतु केंद्र से अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र मिलने से उनके बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र उन परिवारों के बच्चों को मिलता है जिनके माता-पिता अस्वच्छ व्यवसायों-जैसे चमड़ा रंगना, चमड़ा निकालना, कचरा बीनना इत्यादि कामों में संलग्न होते हैं।
यशवंत भांडेकर का परिवार सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन करता है। इन परिस्थितियों के बावजूद उनकी हमेशा से इच्छा रही है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ें। जब उन्हें अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों के लिए केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की जानकारी मिली, तो उनके मन में बच्चों की पढ़ाई को लेकर नई उम्मीद जगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र आवश्यक था। सरकारी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों को लेकर चिंतित यशवंत भांडेकर को तहसील कार्यालय पाटन स्थित सेवा सेतु केंद्र के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद वे प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए केंद्र पहुंचे। वहां केंद्र के प्रबंधक ने उन्हें आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी और आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने में मार्गदर्शन प्रदान किया। डिजिटल एवं पारदर्शी व्यवस्था के तहत 12 जून 2026 को उनका आवेदन दर्ज किया गया। केंद्र के माध्यम से दस्तावेजों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अगस्त 2026 को उनका अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र सफलतापूर्वक अनुमोदित होकर प्राप्त हुआ। प्रमाण-पत्र मिलने से यशवंत भांडेकर के परिवार को बड़ी राहत मिली। यह दस्तावेज उनके बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना का लाभ प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण है, जिससे उनकी शिक्षा संबंधी उम्मीदों को नया सहारा मिला है। अपनी खुशी व्यक्त करते हुए श्री यशवंत भांडेकर ने कहा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से मुझे अस्वच्छ व्यवसाय में कार्यरत परिवारों के बच्चों की केंद्र प्रवर्तित प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु अस्वच्छ व्यवसाय प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। यह प्रमाण-पत्र मेरे बच्चों की शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस सेवा के लिए मैं मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करता हूं।
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