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जिला जनसंपर्क कार्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
समाचार
बैठक के बाद तत्काल कार्रवाई : गोरीनगर अंडरपास से 24 घंटे में पानी निकासी का लक्ष्य
विधानसभा अध्यक्ष की पहल के बाद जिला प्रशासन सक्रिय, रेलवे से जुड़े कार्यों को मिली गति
राजनांदगांव 06 अक्टूबर 2026। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह एवं रेलवे के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ हुई बैठक के तत्काल बाद जिला प्रशासन द्वारा जनहित से जुड़े रेलवे कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। बैठक में उठाए गए मुद्दों पर संबंधित विभागों को सक्रिय करते हुए कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में नगर पालिक निगम राजनांदगांव के गौरी नगर अंडरपास में बारिश के बाद जमा पानी की निकासी का कार्य तत्काल तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा संबंधित औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से जल निकासी के लिए आवश्यक संसाधन और मशीनरी लगाई गई है। पानी की निकासी की प्रक्रिया को तेज गति से संचालित किया जा रहा है तथा आगामी 24 घंटे में पानी की निकासी पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। अंडरपास से पानी निकलने के बाद रेलवे द्वारा वहां किए जाने वाले आगामी कार्यों को प्रारंभ करने में सुविधा होगी। इस दिशा में जिला प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय के साथ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
बाकल ओवरब्रिज की सर्विस लेन का निर्माण भी जल्द
बैठक के बाद बाकल क्षेत्र में निर्मित ओवरब्रिज की सर्विस लेन के निर्माण कार्य को भी रेलवे द्वारा प्रारंभ किया जाना बताया गया है। सर्विस लेन के निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों के साथ-साथ आसपास के किसानों को आवागमन में महत्वपूर्ण सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से किसानों को कृषि कार्यों के दौरान आवागमन तथा कृषि उपज के परिवहन में सुविधा प्राप्त होगी। इससे क्षेत्र में आवागमन व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है। विधानसभा अध्यक्ष की पहल के बाद जिला प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए लंबित एवं जनहित से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है, ताकि रेलवे से संबंधित विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
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सहकारिता के साथ हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते कदम
- सूरज की रोशनी बनी सहकारिता की बचत का आधार
- सौर ऊर्जा से घटा सहकारी समितियों का बिजली खर्च
- बैंक के प्रधान कार्यालय में प्रतिमाह 80 से 90 हजार रूपए की हो रही बचत
राजनांदगांव 06 अक्टूबर 2026। सहकारिता के माध्यम से किसानों को सेवाएं उपलब्ध कराने वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियां अब हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित राजनांदगांव द्वारा सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और ऊर्जा सक्षम बनाने की दिशा में अभिनव पहल करते हुए समितियों में सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल से जहां समितियों के बिजली खर्च में कमी आ रही है, वहीं नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिल रहा है।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के कार्यक्षेत्र अंतर्गत राजनांदगांव जिले की 18 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 3 से 5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 9 सहकारी समितियों के भवनों में सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया प्रगतिरत है। सौर ऊर्जा के उपयोग से समितियों के नियमित विद्युत व्यय में उल्लेखनीय कमी आने लगी है। पहले इन सहकारी समितियों को प्रतिमाह लगभग 8 से 10 हजार रूपए तक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ता था। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद बिजली बिल में कटौती होने से समितियों पर आर्थिक भार कम हुआ है। बिजली पर खर्च होने वाली राशि की बचत समितियों की आर्थिक कार्यक्षमता को मजबूत करने में सहायक साबित हो रही है। साथ ही यह पहल पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
बैंक की शाखाएं भी हो रहीं सौर ऊर्जा से रोशन -
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक ने समितियों के साथ अपनी शाखाओं को भी सौर ऊर्जा से जोडऩे  की दिशा में कदम बढ़ाया है। बैंक द्वारा स्वयं के भवन में संचालित 7 शाखाओं में 5-5 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल स्थापित किए जा रहे हैं। इन शाखाओं में पहले प्रतिमाह लगभग 10 से 15 हजार रूपए तक विद्युत बिल का भुगतान किया जाता था। सौर ऊर्जा के उपयोग से विद्युत बिल में कमी आने के साथ बैंक को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिल रहा है।
प्रधान कार्यालय में हर माह 80 से 90 हजार रूपए की हो रही बचत -
सौर ऊर्जा के उपयोग का प्रभाव बैंक के प्रधान कार्यालय में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पूर्व में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के प्रधान कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) के माध्यम से 50 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित कराया गया। पहले प्रधान कार्यालय का बिजली बिल प्रतिमाह एक लाख रूपए से अधिक आता था। सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद यह घटकर लगभग 8 से 10 हजार रूपए प्रतिमाह रह गया है। इस तरह बैंक को बिजली खर्च में प्रतिमाह लगभग 80 से 90 हजार रूपए की बचत हो रही है।
सौर ऊर्जा से हो रही यह बचत न केवल बैंक के संचालन व्यय को कम कर रही है, बल्कि सहकारिता क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रभावी उपयोग का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है। बैंक द्वारा अपने कार्यक्षेत्र की सभी सहकारी समितियों में चरणबद्ध रूप से सोलर पैनल लगाया जा रहा हैं, ताकि अधिक से अधिक समितियां बिजली खर्च कम कर स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का उपयोग कर सकें। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की यह पहल सहकारिता, आर्थिक बचत और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ते हुए हरित ऊर्जा की दिशा में सकारात्मक बदलाव की कहानी लिख रही है।
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Contact- 
District Public Relation Office, Rajnandgaon 
E-MAIL ID- prorjn@gmail.com


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