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जिला जनसंपर्क कार्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
समाचार
विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान के तहत छूटे हुए एवं पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का किया जा रहा पहचान
- बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन, पात्र व्यक्तियों का फॉर्म-6 के माध्यम से होगा पंजीकरण
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष मतदाता पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न कारणों से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से छूट गए पात्र व्यक्तियों तथा पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं की पहचान कर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल करने की कार्रवाई की जा रही है। अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे तथा मतदाता सूची में किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल न हो। विशेष अभियान अंतर्गत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा वर्तमान मतदाता सूची की तुलना प्री-एसआईआर मतदाता सूची से की जाएगी। इस दौरान ऐसे मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पूर्व की मतदाता सूची में दर्ज थे, लेकिन विभिन्न कारणों से वर्तमान मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। चिह्नित मतदाताओं की सूची तैयार कर बीएलओ घर-घर जाकर उनका सत्यापन करेंगे तथा उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी दर्ज करेंगे। सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले व्यक्तियों को फॉर्म-6 के माध्यम से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बीएलओ द्वारा एक सप्ताह में कम से कम 20 से 25 चिह्नित मतदाताओं का सत्यापन करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि लगभग एक माह की अवधि में इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सके। सत्यापन सूची में प्रत्येक मतदाता की वर्तमान स्थिति तथा जिन मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 भरा गया है, उसका विवरण भी दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही घर-घर सर्वे के दौरान विभिन्न कारणों से नामांकन से छूट गए पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं का पंजीकरण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेष अभियान के तहत बीएलओ द्वारा बूथ स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन जमा करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त रैन बसेरों, मजदूर कॉलोनियों तथा बेघर, वंचित एवं अन्य छूटे हुए पात्र व्यक्तियों के नामांकन के लिए भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे। युवा मतदाताओं को पंजीकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब के माध्यम से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के जरिए पात्र युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है तथा नए मतदाताओं के नामांकन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। विशेष अभियान के अंतर्गत सभी बूथ लेवल अधिकारियों को शिविर आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं तथा बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वे का कार्य किया जा रहा है।
विशेष अभियान के दौरान बीएलओ द्वारा तैयार की गई चिह्नित मतदाताओं की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ साझा की जाएगी। अभियान के अंत में तैयार की गई बूथवार सूचियां निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) द्वारा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी साझा की जाएंगी, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नामांकन का एक और अवसर मिल सके। बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त आवेदन पत्रों तथा क्षेत्र सत्यापन रिपोर्ट के साथ संबंधित सूची निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को प्रस्तुत की जाएगी। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 तथा निर्वाचकों का पंजीकरण नियम, 1960 के प्रावधानों के अनुसार प्रकरणों पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए सक्षम प्राधिकारी हैं।
मतदाता पंजीकरण एक सतत प्रक्रिया है। कोई भी पात्र व्यक्ति, जिसका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है या विभिन्न कारणों से नाम छूट गया है, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है। पात्र युवा एवं अन्य नागरिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप अथवा संबंधित वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा अपने मतदान केंद्र क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी के पास फॉर्म-6 भरकर ऑफलाइन आवेदन भी जमा किया जा सकता है। मतदाता पंजीकरण से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान अथवा सहायता के लिए नागरिक ईसीआईनेट मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक ए कॉल विद बीएलओ विकल्प का उपयोग कर अपने बूथ लेवल अधिकारी से संपर्क करने का अनुरोध कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मतदाता पंजीकरण से संबंधित जानकारी एवं सहायता प्राप्त करने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है। निर्वाचन विभाग ने पात्र नागरिकों, विशेषकर पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
क्रमांक 87 -----------------------
सेवा की कहानी
नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से गौली यादव पढ़ाई जारी रखने में मिली मदद
- आर्थिक सहायता से शिक्षा के सपनों को साकार करने की दिशा में बढ़ाए कदम
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। शासन द्वारा श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए प्रोत्साहित करने तथा आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खुटेरी निवासी गौली यादव को 20 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। प्राप्त आर्थिक सहायता राशि से गौली यादव को अपनी आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि योजना से प्राप्त राशि उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है तथा इससे उन्हें शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिल रहा है। नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के माध्यम से श्रमिक परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उन्हें शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौली यादव ने नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना अंतर्गत शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया को धन्यवाद दिया है।
क्रमांक 88 -----------------------
सेवा की कहानी
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से हेमंत कुमार रात्रे की उच्च शिक्षा को मिला संबल
- 2 लाख 11 हजार 200 रूपए की आर्थिक सहायता से इंजीनियरिंग की पढ़ाई में मिली मदद
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। शासन द्वारा आर्थिक कठिनाइयां प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा में बाधा को दूर करने एवं श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों की उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना से लाभान्वित होकर डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम चांदो निवासी श्री टुमन सतनामी के पुत्र श्री हेमंत कुमार रात्रे को उच्च शिक्षा के लिए 2 लाख 11 हजार 200 रूपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है।
श्री टुमन सतनामी ने बताया कि उनके पुत्र हेमंत कुमार रात्रे वर्ष 2025 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (आईआईआईटी) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार इंजीनियरिंग (ईसीई) पाठ्यक्रम के चतुर्थ वर्ष में अध्ययनरत थे। इस दौरान मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। योजना से प्राप्त सहायता राशि से उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक पुस्तकें, कॉपियां एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने में मदद मिली।
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने और उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है। श्री टुमन सतनामी ने मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के माध्यम से अपने पुत्र हेमंत कुमार रात्रे को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 89 -----------------------
सेवा की कहानी
मिनीमाता महतारी जतन योजना से इंदू कुंभकार को मिला मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल
- 20 हजार रूपए की सहायता राशि से बच्चे के पोषण एवं मजदूरी की क्षतिपूर्ति में मिली मदद
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा श्रमिक परिवारों की महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग देने के लिए मिनीमाता महतारी जतन योजना का संचालन किया जा रहा है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के माध्यम से पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ ही मातृत्व के दौरान कार्य नहीं कर पाने से होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई में सहायक बनी। इस प्रकार की सहायता महिलाओं को अपनी एवं अपने बच्चे की आवश्यकताओं की पूर्ति करने में सहयोग प्रदान करती है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहर के बसंतपुर निवासी श्रीमती इंदू कुंभकार को मिनीमाता महतारी जतन योजना अंतर्गत 20 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। श्रीमती इंदू कुंभकार को योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता से अपने बच्चे की पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिली। इस योजना से श्रमिक परिवारों को आवश्यकता के समय आर्थिक संबल मिल रहा है तथा महिलाओं और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए सहायता मिल रही है।
क्रमांक 90 -----------------------
सेवा की कहानी
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से श्री पुनु राम साहू के पक्के मकान का सपना हुआ साकार
- पक्के आवास के साथ मिला सुरक्षा, स्वच्छता और सम्मानजनक जीवन का आधार
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। हर परिवार का सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत करने के लिए अपना पक्का मकान बनाने का सपना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पक्का मकान बनाने के सपने को साकार करने में सहायता मिल रही है। पक्का आवास बनने से ग्रामीण क्षेत्र के जीवन स्तर में सुधार हुआ है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान बनने से जनपद पंचायत छुरिया के ग्राम लाममेटा निवासी श्री पुनु राम साहू के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। श्री पुनु राम साहू आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना पक्का मकान बनाने के लिए असमर्थ थे। उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में पानी टपकने तथा मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। मकान की असुरक्षित स्थिति के कारण परिवार को हमेशा सुरक्षा की चिंता बनी रहती थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत श्री पुनु राम साहू को पक्का मकान बनाने के लिए 1 लाख 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई। यह राशि नियमानुसार तीन किश्तों में प्रदान की गई। उन्होंने प्राप्त सहायता राशि का उपयोग कर पक्का और सुरक्षित आवास निर्माण कराया। इस तरह पक्का आवास का सपना साकार हुआ। इसके साथ ही आवास निर्माण के दौरान मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस का रोजगार भी उपलब्ध कराया गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण के लिए सहायता मिली। पक्का मकान बनने के बाद श्री पुनु राम साहू और उनका परिवार सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में निवास कर रहा है। बारिश और अन्य मौसमी परिस्थितियों से होने वाली परेशानियों में राहत मिली है। स्वच्छ आवासीय वातावरण से परिवार को बेहतर जीवनशैली अपनाने में मदद मिली है। बच्चों को पढ़ाई के लिए भी अनुकूल वातावरण उपलब्ध हुआ है। श्री पुनु राम साहू ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का मकान मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 91 -----------------------
रबी फसलों की एमएसपी में वृद्धि से किसानों को प्रोत्साहन
- धान के बाद खाली खेतों में दलहन-तिलहन की खेती करने की अपील
- पीएम-आशा के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी की सुविधा से किसानों को मिलेगा लाभ
- किसान रबी में द्वि-फसली खेती अपनाकर बढ़ाएं आमदनी
राजनांदगांव 09 अक्टूबर 2026। केन्द्र सरकार द्वारा रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि किए जाने से किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। विशेष रूप से सरसों, मसूर एवं अन्य रबी फसलों के समर्थन मूल्य में वृद्धि से किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ की उम्मीद है। जिले में कृषि विभाग द्वारा किसानों को धान की खेती के बाद खाली रहने वाले खेतों में रबी फसलें लेने तथा एक ही खेत से वर्ष में दो फसलें प्राप्त कर अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राजनांदगांव जिले में लगभग 1 लाख 72 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है, लेकिन इसके बाद पूरे क्षेत्र में रबी फसलों की खेती नहीं हो पाती। वर्तमान में लगभग 83 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ही रबी फसलें ली जाती हैं। इस प्रकार धान की कटाई के बाद बड़ी मात्रा में कृषि भूमि रबी मौसम में खाली रह जाती है। यदि इस खाली भूमि पर उपलब्ध नमी, सिंचाई सुविधाओं एवं स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपयुक्त रबी फसलों की खेती की करने से जिले के द्वि-फसली क्षेत्र में वृद्धि के साथ कृषकों की वार्षिक आय बढ़ाने की भी अच्छी संभावना है।
सरसों एवं मसूर के समर्थन मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि
केन्द्र सरकार द्वारा रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए घोषित एमएसपी के अनुसार सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रूपए से बढ़ाकर 6613 रूपए प्रति क्विंटल तथा मसूर का समर्थन मूल्य 7000 रूपए से बढ़ाकर 7390 रूपए प्रति क्विंटल किया गया है। इस प्रकार सरसों के समर्थन मूल्य में 413 रूपए तथा मसूर में 390 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त कुसुम, चना, जौ एवं गेहूं के समर्थन मूल्य में भी वृद्धि की गई है। समर्थन मूल्य में इस वृद्धि से किसानों को दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती के लिए बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। साथ ही समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी की व्यवस्था से किसानों को अपनी फसल के विपणन की योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
पीएम-आशा के तहत खरीदी की सुविधा, किसानों को मिलेगा बाजार का भरोसा
दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए पीएम-आशा योजना के अंतर्गत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की जा रही है। जिले के सभी विकासखंडों में चना, मसूर, सरसों एवं अरहर जैसी फसलों की खरीदी के लिए उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। किसानों को इन केंद्रों के माध्यम से निर्धारित पात्रता, पंजीयन, गुणवत्ता मानकों एवं खरीदी संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी उपज समर्थन मूल्य पर बेचने की सुविधा मिलेगी। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खरीदी गई उपज का भुगतान 15 दिवस के भीतर किए जाने की व्यवस्था है। इससे किसानों को उपज बेचने के बाद भुगतान प्राप्त करने में सुविधा होगी तथा बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव की स्थिति में समर्थन मूल्य पर खरीदी एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है।
धान के बाद खेत खाली न छोड़ें, अपनाएं रबी फसलें
कृषि विभाग द्वारा जिले के किसानों से धान की कटाई के बाद अपने खेतों को खाली छोडऩे के बजाय उपलब्ध संसाधनों एवं खेत की परिस्थितियों के अनुरूप रबी फसलों की खेती अपनाने की अपील की है। किसान तिवड़ा, चना, मसूर, सरसों, अलसी, गेहूं एवं अन्य उपयुक्त रबी फसलों का चयन कर सकते हैं। फसल का चयन मिट्टी, उपलब्ध नमी, सिंचाई सुविधा, बीज की उपलब्धता एवं स्थानीय कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। रबी मौसम में कम अवधि वाली तथा उपलब्ध नमी के अनुकूल फसलों को अपनाकर भी खेत का बेहतर उपयोग किया जा सकता है। दलहन एवं तिलहन फसलों को फसल प्रणाली में शामिल करने से कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और केवल धान पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि समर्थन मूल्य पर खरीदी का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित फसल की पात्रता, निर्धारित पंजीयन प्रक्रिया, खरीदी की अवधि एवं अन्य लागू शर्तों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।
फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी
जिले में किसान धान के स्थान पर वैकल्पिक फसलों को अपनाकर फसल विविधीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। विकासखंड छुरिया के ग्राम गेरूघाट निवासी कृषक श्री लखन सुकालु गोंड द्वारा 2 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरसों के समर्थन मूल्य में वृद्धि होने से उनका उत्साह बढ़ा है और तिलहन फसल की खेती के प्रति भरोसा मजबूत हुआ है। इसी प्रकार ग्राम कान्हारपुरी के कृषक श्री गणेश जोशी द्वारा धान के स्थान पर 1 हेक्टेयर क्षेत्र में सरसों की खेती की जा रही है। उन्होंने भी समर्थन मूल्य में वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए शासन के प्रति आभार जताया है। इन किसानों के प्रयास यह दर्शाते हैं कि उपयुक्त वैकल्पिक फसलों का चयन कर धान के बाद खेतों का उपयोग किया जा सकता है। उचित फसल चयन, समय पर बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन एवं समर्थन मूल्य पर खरीदी की सुविधा से किसानों को अपनी खेती की योजना बनाने में मदद मिल सकती है।
कृषि विभाग ने किसानों से की अपील
उप संचालक कृषि द्वारा किसानों से रबी मौसम में अपने खेतों को परती न छोड़ते हुए तथा चना, मसूर, सरसों, तिवड़ा, अलसी एवं गेहूं जैसी उपयुक्त फसलों की खेती को प्राथमिकता देने की अपील की गई है। किसान अपनी भूमि एवं उपलब्ध संसाधनों के अनुसार रबी फसलों का चयन कर द्वि-फसली खेती को बढ़ावा दें। धान के बाद खाली रहने वाले खेतों में रबी फसलें लेने से उपलब्ध कृषि भूमि का बेहतर उपयोग होगा, दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तथा किसानों की वार्षिक आमदनी में वृद्धि की संभावना बनेगी। कृषि विभाग द्वारा किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, बीज चयन, उत्पादन तकनीक एवं योजनाओं से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
क्रमांक 92 -----------------------

Contact- 
District Public Relation Office, Rajnandgaon 
E-MAIL ID- prorjn@gmail.com


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