नागपुर केपूर्व महापौर और वर्तमान MLC संदीप जोशी ने संन्यास लेने का फैसला लिया है
उन्होंने एक पत्र सार्वजनिक किया है मराठी में
आईए बताए हैं हिंदी में उन्होंने क्या लिखा है
नमस्कार,
यह पत्र लिखने का निर्णय मैंने सहजता से नहीं लिया है। राजनीति मेरे लिए हमेशा पद या प्रतिष्ठा से अलग, समाजसेवा और निष्ठा का मार्ग रही है। लेकिन आज सत्ता के लिए हो रहे दल-बदल, अवसरवाद और बढ़ती प्रतिस्पर्धा आम मतदाताओं के साथ-साथ निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी असहज कर रही है। सीमित स्थान और बढ़ती अपेक्षाओं के कारण कोई भी रुकने को तैयार नहीं है—यह एक सच्चाई है। आज भी मैं खुद को भाजपा का एक सामान्य कार्यकर्ता मानता हूँ, लेकिन यह तस्वीर देखकर मन में यह विचार पक्का होता गया कि अब मुझे ही रुक जाना चाहिए… और वही निर्णय इस पत्र के माध्यम से रख रहा हूँ।
मैं अब 55 वर्ष का हो चुका हूँ। अपनी जगह खाली करना और युवा रक्त को आगे बढ़ने देना भी आवश्यक है। इसलिए अपनी आगे की राजनीतिक यात्रा को मैं पूरी सोच-विचार के बाद विराम दे रहा हूँ। मुझे यह भली-भांति ज्ञात है कि पार्टी ने मुझे आगे बढ़ाया है। इसलिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व माननीय श्री नितिनजी गडकरी और राज्य के मुख्यमंत्री माननीय श्री देवेंद्रजी फडणवीस से क्षमा याचना करते हुए आज यह निर्णय घोषित कर रहा हूँ।
मेरे विधान परिषद सदस्यत्व की अवधि, अर्थात मेरी आमदारकी, 13 मई को समाप्त हो रही है। इस अवधि को पार्टी द्वारा दी गई जिम्मेदारी मानकर मैं पूरा करूँगा। आमदार के रूप में मुझ पर जो भी संवैधानिक, नैतिक और सार्वजनिक कर्तव्य हैं, उन्हें मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊँगा। 13 मई के बाद मैं पार्टी से आमदारकी नहीं माँगूँगा और यदि पार्टी दे भी, तो विनम्रतापूर्वक उसे अस्वीकार कर दूँगा। यह जिम्मेदारी किसी सामान्य, युवा कार्यकर्ता को या पार्टी जिसे उचित समझे उसे दी जाए। 13 मई के बाद मैं पूरी तरह सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त होने का निर्णय ले रहा हूँ। यह निर्णय किसी क्षणिक भावना में नहीं, बल्कि गहन विचार के बाद लिया गया है। आगे मैं एक सामान्य सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जीवन जियूँगा और आम लोगों की सेवा तथा उनके लिए कार्य करता रहूँगा।
राजनीति से सेवानिवृत्त होने का यह निर्णय मेरे परिवार, मुझसे प्रेम करने वाले मित्रों और पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए झटका देने वाला है—यह मुझे पूरी तरह पता है। इन सभी से मैं दिल से क्षमा चाहता हूँ और अत्यंत विनम्रता से यह निर्णय घोषित करता हूँ।
राजनीति मेरे जीवन का एक माध्यम थी। इसके जरिए सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल क्षेत्र की विभिन्न जिम्मेदारियाँ निभाने का अवसर मिला। यह कार्य आगे भी निरंतर चलता रहेगा।
कोरोना काल में एकल अभिभावक बनने वाली बहनों के लिए ‘सोबत पालकत्व परियोजना’, नागपुर में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ‘दीनदयाल थाली परियोजना’, मोहगांव-झिल्पी स्थित गोसेवा परियोजना, श्री सिद्धिविनायक सेवा फाउंडेशन के माध्यम से चल रहा गंगाधरराव फडणवीस मेमोरियल डायग्नोस्टिक सेंटर—ये सामाजिक प्रकल्प; महाराष्ट्र ओलंपिक संघ, महाराष्ट्र राज्य बास्केटबॉल संघ, महाराष्ट्र राज्य एमेच्योर हॉकी संघ, महाराष्ट्र कुश्तीगीर संघ, नागपुर बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन, सांसद क्रीड़ा महोत्सव—इन खेल संगठनों में अपनी जिम्मेदारियों को न्याय दूँगा, युवा खिलाड़ियों के साथ खड़ा रहकर उन्हें प्रोत्साहित करूँगा।
समय किसी के लिए नहीं रुकता, वह आगे बढ़ता ही रहता है। लेकिन उस समय के कुछ क्षण हमें भीतर से झकझोर देते हैं। उन क्षणों में लिया गया निर्णय हमें खुद के प्रति ईमानदार रखता है। दूसरों को नहीं, कम से कम खुद को न्याय दे पाना ही जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है—यह मेरा दृढ़ विश्वास है। और वही निर्णय आज मैंने लिया है।
परिवार के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मुझमें संस्कार डाले, मुझे गढ़ा। पार्टी ने मुझ पर भरोसा कर राजनीति में कई अवसर दिए। इस सामान्य कार्यकर्ता को चार बार नगरसेवक, स्थायी समिति अध्यक्ष, महापौर, विधान परिषद सदस्य जैसी जिम्मेदारियाँ देकर सम्मान दिया। इसके लिए मैं भारतीय जनता पार्टी और शीर्ष नेतृत्व का सदा ऋणी रहूँगा।
राजनीति में रहूँ तो आगे भी अवसर मिलेंगे—इसका मुझे विश्वास है। क्योंकि एक सामान्य कार्यकर्ता देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, यह केवल भाजपा में संभव है—यह मैं गर्व से कहता हूँ। लेकिन मेरी मौजूदगी के कारण किसी सामान्य कार्यकर्ता के साथ अन्याय न हो—यह मेरी ईमानदार भावना है। और मेरी गैर-मौजूदगी से किसी का कुछ भी नहीं रुकेगा—यह अंतिम सत्य है। इसलिए अधिक कुछ कहे बिना आज यह निर्णय ले रहा हूँ।
अंत में बस इतना ही…
*कुर्सी नहीं, क़ीमत बचाने चला हूँ,*
*शोर नहीं, सुकून चुनने चला हूँ।*
*किसी और की राह रोशन हो सके,*
*इसलिए ख़ुद एक क़दम पीछे हटा हूँ।*
**अब मैं रुक रहा हूँ…!**
धन्यवाद मित्रों…!
आपका अपना,
**आ. संदीप जो
शी**
सदस्य, विधान परिषद (महाराष्ट्र)


