पेड़ प्रकृति और मानव जीवन के आधार हैं : रामनारायण मिश्र

पेड़ प्रकृति और मानव जीवन के आधार हैं : रामनारायण मिश्र

 




जीरो माइल फाउंडेशन एवं मिनी मिरेकल्स स्पिरिचुअल प्ले स्कूल की अनूठी पहल


‘रक्षा बंधन’ पर पौधों का वितरण कर मनाया गया ‘वृक्षा बंधन’


नागपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागृति की दिशा में एक अभिनव पहल करते हुए जनसेवा के लिए समर्पित जीरो माइल फाउंडेशन एवं मिनी मिरेकल्स स्पिरिचुअल प्ले स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ‘वृक्षा बंधन’ अभियान आयोजित किया गया। नरेंद्र नगर, जय दुर्गा सोसाइटी स्थित मिनी मिरेकल्स स्पिरिचुअल प्ले स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बरगद, पीपल, नीम सहित विभिन्न देववृक्षों एवं पौधों का नि:शुल्क वितरण किया गया।

‘रक्षा बंधन’ की भावना को प्रकृति संरक्षण से जोड़ते हुए आयोजित इस अनूठे अभियान का उद्देश्य लोगों में पेड़-पौधों के संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिल विश्व सरयू पारीण ब्राह्मण महासभा के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रामनारायण मिश्र के हस्ते जनहित में पौधों का वितरण किया गया।

इस अवसर पर प्रसिद्ध उद्योगपति एवं साहित्यकार यतीन्द्र नाडकर्णी, होम फर्निशिंग एक्सपर्ट रामेश्वर बोडखे, मुंबई मंडल मध्य रेलवे के भूतपूर्व वरिष्ठ मुख्य नियंत्रक दानपति शुक्ला, प्रसिद्ध हस्तरेखा विशेषज्ञ पंडित कमलेश पांडेय आचार्य, जीरो माइल फाउंडेशन के अध्यक्ष आनंद शर्मा तथा अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तु विशेषज्ञ श्रीमती रूचि नाडकर्णी प्रमुख रूप से उपस्थित थी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामनारायण मिश्र ने ‘वृक्षा बंधन’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि पेड़- पौधे केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाने वाले तत्व नहीं, बल्कि मानव जीवन और समूचे पर्यावरण के आधार हैं। आज बिगड़ते पर्यावरण संतुलन के कारण कहीं बाढ़, कहीं अत्यधिक गर्मी तो कहीं प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में वृक्षारोपण और वृक्ष संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि पेड़ जल संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर रखती हैं, जिससे वर्षा और बाढ़ के दौरान मिट्टी के कटाव एवं भूस्खलन को रोकने में सहायता मिलती है। पेड़ हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन), फल-फूल एवं अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ प्रदान करने के साथ-साथ औषधीय उपयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

श्री मिश्र ने कहा कि गर्मी के मौसम में पेड़ों की छांव और उनसे मिलने वाली शीतल हवा मानव जीवन को राहत देती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं पौधे लगाए और दूसरों को भी वृक्षारोपण तथा वृक्ष संरक्षण के लिए प्रेरित करे। जीव- जंतुओं एवं प्रकृति का संरक्षण तभी संभव है, जब हम पेड़-पौधों की रक्षा को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

जीरो माइल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के आयोजक आनंद शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व हमें रक्षा और जिम्मेदारी का संदेश देता है। जिस प्रकार भाई अपनी बहन से राखी बंधवाकर उसकी रक्षा का वचन देता है, उसी प्रकार ‘वृक्षा बंधन’ के माध्यम से हम पेड़- पौधे लगाकर प्रकृति और अपनी जीवनदायिनी प्राणवायु की रक्षा का संकल्प ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण असंतुलन का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। अत्यधिक गर्मी, अनियमित वर्षा, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक संकट हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास करा रहे हैं। ऐसे में ‘वृक्षा बंधन’ जैसे जनजागृति अभियान समाज को प्रकृति से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, समाजसेवी एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने ‘वृक्षा बंधन’ अभियान की सराहना करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वास्तु विशेषज्ञ श्रीमती रूचि नाडकर्णी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध उद्योगपति एवं साहित्यकार यतीन्द्र नाडकर्णी ने किया।

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