जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा छात्राओं से संवाद : NALSA SHIKSHA SCHEME 2026 से साइबर सुरक्षा और करियर तक, न्यायाधीशों ने कानून को जोड़ा युवा जीवन से
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026 / "अगर हमें अपने अधिकारों की जानकारी ही न हो, तो हम उनका इस्तेमाल कैसे करेंगे?" एक छात्रा का यह सवाल उस दिन के पूरे संवाद की दिशा तय करने के लिए काफी था। शासकीय प्री/पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास, दुर्ग में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में कानून किताबों और धाराओं तक सीमित नहीं रहा। वह छात्राओं की पढ़ाई, मोबाइल, ऑनलाइन शॉपिंग, सड़क सुरक्षा, करियर और उनके भविष्य से जुड़ता चला गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश श्रीमती अंजली सिंह व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, श्रीमती महिमा शर्मा, सुश्री आरती ध्रुव तथा सुश्री प्रियंका गोस्वामी व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
"कानून हमारे लिए है" यहीं से शुरू हुआ संवाद
शिविर में NALSA SHIKSHA SCHEME, 2026 और Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 पर विशेष चर्चा हुई। छात्राओं को योजना और शिक्षा के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी केवल कानूनी भाषा में नहीं दी गई, बल्कि यह समझाने का प्रयास किया गया कि शिक्षा तक पहुंच, अवसर और अधिकार उनके वर्तमान और भविष्य से किस तरह जुड़े हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य पात्र बच्चों को निजी गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG), प्रवासी एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों से जुड़े परिवारों तथा दिव्यांग बच्चों (CWD) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शिविर में बताया गया कि योजना का उद्देश्य केवल बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उनके अधिकारों की जानकारी देना नहीं है, बल्कि पात्र बच्चे को उसके अधिकार के वास्तविक लाभ अर्थात प्रवेश प्राप्त होने तक तथा प्रवेश के बाद भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत पात्र बच्चों की पहचान, पात्रता संबंधी मार्गदर्शन, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में सहायता, ऑनलाइन आवेदन करने में सहयोग, विद्यालय के चयन की प्रक्रिया समझाना, आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करना, लॉटरी/आवंटन की जानकारी देना तथा विद्यालय में प्रवेश की औपचारिकताएं पूर्ण कराने में सहायता प्रदान की जाएगी।
PLV होंगे परिवारों के लिए प्रथम संपर्क बिंदु
योजना के क्रियान्वयन में पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLVs) की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है। PLVs पात्र परिवारों को योजना की जानकारी देने, पात्रता समझाने, दस्तावेजों की तैयारी, ऑनलाइन आवेदन, विद्यालय चयन, आवेदन की स्थिति जानने तथा आवश्यकता होने पर शिकायत संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। विशेष रूप से ऐसे परिवारों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जाएगा जो डिजिटल सुविधाओं अथवा डिजिटल जानकारी से वंचित हैं।
पूरे वर्ष चलेगी विधिक जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियां
योजना के अंतर्गत जागरूकता गतिविधियों को केवल प्रवेश के समय तक सीमित नहीं रखा गया है। पूरे वर्ष गांव, वार्ड एवं समुदाय स्तर पर विधिक जागरूकता शिविर, ग्राम सभा, पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, विधिक सहायता क्लीनिक आदि के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व विशेष Pre-Admission Awareness Drive भी आयोजित की जाएगी, ताकि पात्र बच्चों की समय रहते पहचान हो सके और उनके परिवार समय पर आवेदन कर सकें।
मोबाइल की स्क्रीन से लेकर साइबर सुरक्षा तक
आज की युवा पीढ़ी के लिए डिजिटल दुनिया जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जहां सुविधा है, वहां सावधानी भी जरूरी है। शिविर में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी धोखाधड़ी पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अनजान लिंक पर क्लिक न करना, गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करना, संदिग्ध संदेशों और ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतना—इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया गया।
अगला सवाल था "हम अपने भविष्य के लिए क्या करें?"
विधिक जागरूकता का यह संवाद केवल अधिकारों तक नहीं रुका। न्यायाधीशों ने छात्राओं से करियर निर्माण को लेकर भी संवाद किया। उन्हें शिक्षा को अपने भविष्य की मजबूत आधारशिला बनाने, अपने लक्ष्य तय करने और उपलब्ध अवसरों का समझदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
और फिर शुरू हुआ सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सवाल
कार्यक्रम का माहौल तब और जीवंत हो गया, जब छात्राओं ने विभिन्न कानूनी और सामाजिक विषयों पर न्यायाधीशों से सवाल पूछने शुरू किए। सवाल अलग-अलग थे, लेकिन उनमें एक बात समान थी - जानने की जिज्ञासा। न्यायाधीशगण ने छात्राओं के प्रश्नों का सरल, सहज और स्पष्ट शब्दों में उत्तर देकर उनका मार्गदर्शन किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग का यह प्रयास छात्राओं तक कानून की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और भविष्य के प्रति अधिक जागरूक बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
::000::
समाचार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा छात्राओं से संवाद : NALSA SHIKSHA SCHEME 2026 से साइबर सुरक्षा और करियर तक, न्यायाधीशों ने कानून को जोड़ा युवा जीवन से
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026 / "अगर हमें अपने अधिकारों की जानकारी ही न हो, तो हम उनका इस्तेमाल कैसे करेंगे?" एक छात्रा का यह सवाल उस दिन के पूरे संवाद की दिशा तय करने के लिए काफी था। शासकीय प्री/पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास, दुर्ग में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में कानून किताबों और धाराओं तक सीमित नहीं रहा। वह छात्राओं की पढ़ाई, मोबाइल, ऑनलाइन शॉपिंग, सड़क सुरक्षा, करियर और उनके भविष्य से जुड़ता चला गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के चार न्यायाधीश श्रीमती अंजली सिंह व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, श्रीमती महिमा शर्मा, सुश्री आरती ध्रुव तथा सुश्री प्रियंका गोस्वामी व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
"कानून हमारे लिए है" यहीं से शुरू हुआ संवाद
शिविर में NALSA SHIKSHA SCHEME, 2026 और Right of Children to Free and Compulsory Education Act, 2009 पर विशेष चर्चा हुई। छात्राओं को योजना और शिक्षा के अधिकार से जुड़े प्रावधानों की जानकारी केवल कानूनी भाषा में नहीं दी गई, बल्कि यह समझाने का प्रयास किया गया कि शिक्षा तक पहुंच, अवसर और अधिकार उनके वर्तमान और भविष्य से किस तरह जुड़े हैं। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य पात्र बच्चों को निजी गैर-अनुदान प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना है। योजना के अंतर्गत विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), वंचित समूह (DG), प्रवासी एवं अन्य संवेदनशील परिस्थितियों से जुड़े परिवारों तथा दिव्यांग बच्चों (CWD) पर विशेष ध्यान दिया गया है।
शिविर में बताया गया कि योजना का उद्देश्य केवल बच्चों एवं उनके अभिभावकों को उनके अधिकारों की जानकारी देना नहीं है, बल्कि पात्र बच्चे को उसके अधिकार के वास्तविक लाभ अर्थात प्रवेश प्राप्त होने तक तथा प्रवेश के बाद भी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत पात्र बच्चों की पहचान, पात्रता संबंधी मार्गदर्शन, आवश्यक दस्तावेज तैयार करने में सहायता, ऑनलाइन आवेदन करने में सहयोग, विद्यालय के चयन की प्रक्रिया समझाना, आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करना, लॉटरी/आवंटन की जानकारी देना तथा विद्यालय में प्रवेश की औपचारिकताएं पूर्ण कराने में सहायता प्रदान की जाएगी।
PLV होंगे परिवारों के लिए प्रथम संपर्क बिंदु
योजना के क्रियान्वयन में पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLVs) की महत्वपूर्ण भूमिका निर्धारित की गई है। PLVs पात्र परिवारों को योजना की जानकारी देने, पात्रता समझाने, दस्तावेजों की तैयारी, ऑनलाइन आवेदन, विद्यालय चयन, आवेदन की स्थिति जानने तथा आवश्यकता होने पर शिकायत संबंधी सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेंगे। विशेष रूप से ऐसे परिवारों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जाएगा जो डिजिटल सुविधाओं अथवा डिजिटल जानकारी से वंचित हैं।
पूरे वर्ष चलेगी विधिक जागरूकता एवं आउटरीच गतिविधियां
योजना के अंतर्गत जागरूकता गतिविधियों को केवल प्रवेश के समय तक सीमित नहीं रखा गया है। पूरे वर्ष गांव, वार्ड एवं समुदाय स्तर पर विधिक जागरूकता शिविर, ग्राम सभा, पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, विधिक सहायता क्लीनिक आदि के माध्यम से लोगों को जानकारी प्रदान की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व विशेष Pre-Admission Awareness Drive भी आयोजित की जाएगी, ताकि पात्र बच्चों की समय रहते पहचान हो सके और उनके परिवार समय पर आवेदन कर सकें।
मोबाइल की स्क्रीन से लेकर साइबर सुरक्षा तक
आज की युवा पीढ़ी के लिए डिजिटल दुनिया जिंदगी का हिस्सा है। लेकिन जहां सुविधा है, वहां सावधानी भी जरूरी है। शिविर में साइबर फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी और ऑनलाइन शॉपिंग से जुड़ी धोखाधड़ी पर विशेष रूप से चर्चा की गई। अनजान लिंक पर क्लिक न करना, गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करना, संदिग्ध संदेशों और ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतना—इन छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुरक्षा उपायों के बारे में छात्राओं को जागरूक किया गया।
अगला सवाल था "हम अपने भविष्य के लिए क्या करें?"
विधिक जागरूकता का यह संवाद केवल अधिकारों तक नहीं रुका। न्यायाधीशों ने छात्राओं से करियर निर्माण को लेकर भी संवाद किया। उन्हें शिक्षा को अपने भविष्य की मजबूत आधारशिला बनाने, अपने लक्ष्य तय करने और उपलब्ध अवसरों का समझदारी से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
और फिर शुरू हुआ सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सवाल
कार्यक्रम का माहौल तब और जीवंत हो गया, जब छात्राओं ने विभिन्न कानूनी और सामाजिक विषयों पर न्यायाधीशों से सवाल पूछने शुरू किए। सवाल अलग-अलग थे, लेकिन उनमें एक बात समान थी - जानने की जिज्ञासा। न्यायाधीशगण ने छात्राओं के प्रश्नों का सरल, सहज और स्पष्ट शब्दों में उत्तर देकर उनका मार्गदर्शन किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग का यह प्रयास छात्राओं तक कानून की जानकारी पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों, जिम्मेदारियों और भविष्य के प्रति अधिक जागरूक बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
::000::
सेवा संकल्प अभियान-
सेवा मेरा योगदान अंतर्गत तांदुला जल संसाधन संभाग दुर्ग की अभिनव पहल
- शिवनाथ नदी के महमरा तट पर नदी संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जल संसाधन प्रबंधन को लेकर समग्र अभियान
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026/ शिवनाथ नदी के तटवर्ती पर्यावरण के संरक्षण, जल स्त्रोतों के प्रदूषण की रोकथाम, हरित आवरण के संवर्धन तथा जल संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति सामुदायिक उत्तरदायित्व विकसित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत तांदुला जल संसाधन संभाग, दुर्ग द्वारा ग्राम महमरा स्थित शिवनाथ नदी तट पर स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण का समन्वित अभियान संचालित किया गया। अभियान में नदी तट की स्वच्छता को ठोस अपशिष्ट नियंत्रण, तटवर्ती पारिस्थितिकी संरक्षण एवं जनभागीदारी से संबद्ध करते हुए व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया।
अधीक्षण अभियंता सह कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारस्वत के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी श्री गौरव सिंह, श्री रोहन शॉ एवं श्री कुलेश्वर जोशी सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रमदान करते हुए नदी तट एवं समीपस्थ क्षेत्र से प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं अन्य ठोस अपशिष्ट का निष्कासन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर निगम दुर्ग के सभापति श्री श्याम शर्मा, श्री महेन्द्र लोढ़ा, श्री राम चंद सेन, श्री संजय अग्रवाल, श्री लीलाधर पाल, श्री कुलेश्वर साहू, श्री जीतू महोबिया, श्री तुलसी यादव उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य नदी में बाह्य अपशिष्ट के प्रवेश की रोकथाम के साथ जल स्त्रोत की पर्यावरणीय गुणवत्ता एवं तटवर्ती क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।
अभियान के अंतर्गत नदी तट पर वृक्षारोपण भी किया गया। तटवर्ती हरित आवरण का संवर्धन मृदा अपरदन के नियंत्रण, सतही अपवाह के विनियमन, तटीय स्थायित्व तथा स्थानीय जैव-विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन के संरक्षण में सहायक है। इस दृष्टि से वृक्षारोपण को केवल पौधरोपण गतिविधि न मानकर नदी तट के पर्यावरणीय पुनसंवर्धन एवं दीर्घकालीन संरक्षण के प्रयास के रूप में लिया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को अवगत कराया गया कि नदी संरक्षण का दायरा केवल नदी की धारा एवं तट की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जलागम क्षेत्र, वर्षाजल संरक्षण, सतही बहाव के नियमन, स्थानीय जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल उपयोग दक्षता से भी प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध है। नागरिकों से नदी एवं अन्य जल स्त्रोंतों में प्लास्टिक, कचरा अथवा अपशिष्ट का निष्पादन नहीं करने, वर्षा जल के संरक्षण तथा जल के अनावश्यक अपव्यय को नियंत्रित करने का आह्वान किया गया।
अभियान के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि जल संसाधनों का संरक्षण एक सतत सामुदायिक उत्तरदायित्व है, जिसमें शासन, विभागीय तंत्र एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता आवश्यक है। स्थानीय ग्रामीणों एवं नागरिकों ने स्वच्छता एवं वृक्षारोपण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नदी एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस प्रकार अभियान को एक दिवसीय गतिविधि के स्थान पर पर्यावरणीय संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, जनभागीदारी एवं दीर्घकालीन जल सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
तांदुला जल संसाधन संभाग, दुर्ग का स्पष्ट संदेश है कि जल संरक्षण केवल जल की बचत नहीं, बल्कि जल स्त्रोतों को प्रदूषण से सुरक्षित रखना, नदी तट एवं जलागम क्षेत्र की पारिस्थितिक संरचना का संरक्षण, हरित आवरण का संवर्धन, वर्षाजल का समुचित संरक्षण तथा उपलब्ध जल का दक्ष एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करने की समग्र प्रक्रिया है। वर्तमान में संरक्षित जल संसाधन एवं पर्यावरणीय संपदा ही भविष्य की जल सुरक्षा की आधारशिला है।
ःः000ःः
सेवा मेरा योगदान अंतर्गत तांदुला जल संसाधन संभाग दुर्ग की अभिनव पहल
- शिवनाथ नदी के महमरा तट पर नदी संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जल संसाधन प्रबंधन को लेकर समग्र अभियान
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026/ शिवनाथ नदी के तटवर्ती पर्यावरण के संरक्षण, जल स्त्रोतों के प्रदूषण की रोकथाम, हरित आवरण के संवर्धन तथा जल संसाधनों के सतत एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति सामुदायिक उत्तरदायित्व विकसित करने के उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत तांदुला जल संसाधन संभाग, दुर्ग द्वारा ग्राम महमरा स्थित शिवनाथ नदी तट पर स्वच्छता, वृक्षारोपण एवं जल संरक्षण का समन्वित अभियान संचालित किया गया। अभियान में नदी तट की स्वच्छता को ठोस अपशिष्ट नियंत्रण, तटवर्ती पारिस्थितिकी संरक्षण एवं जनभागीदारी से संबद्ध करते हुए व्यापक स्वरूप प्रदान किया गया।
अधीक्षण अभियंता सह कार्यपालन अभियंता श्री आशुतोष सारस्वत के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में अनुविभागीय अधिकारी श्री गौरव सिंह, श्री रोहन शॉ एवं श्री कुलेश्वर जोशी सहित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रमदान करते हुए नदी तट एवं समीपस्थ क्षेत्र से प्लास्टिक, पॉलीथिन एवं अन्य ठोस अपशिष्ट का निष्कासन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर निगम दुर्ग के सभापति श्री श्याम शर्मा, श्री महेन्द्र लोढ़ा, श्री राम चंद सेन, श्री संजय अग्रवाल, श्री लीलाधर पाल, श्री कुलेश्वर साहू, श्री जीतू महोबिया, श्री तुलसी यादव उपस्थित रहे। इस पहल का उद्देश्य नदी में बाह्य अपशिष्ट के प्रवेश की रोकथाम के साथ जल स्त्रोत की पर्यावरणीय गुणवत्ता एवं तटवर्ती क्षेत्र की स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना रहा।
अभियान के अंतर्गत नदी तट पर वृक्षारोपण भी किया गया। तटवर्ती हरित आवरण का संवर्धन मृदा अपरदन के नियंत्रण, सतही अपवाह के विनियमन, तटीय स्थायित्व तथा स्थानीय जैव-विविधता एवं पारिस्थितिक संतुलन के संरक्षण में सहायक है। इस दृष्टि से वृक्षारोपण को केवल पौधरोपण गतिविधि न मानकर नदी तट के पर्यावरणीय पुनसंवर्धन एवं दीर्घकालीन संरक्षण के प्रयास के रूप में लिया गया।
इस अवसर पर ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों को अवगत कराया गया कि नदी संरक्षण का दायरा केवल नदी की धारा एवं तट की स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जलागम क्षेत्र, वर्षाजल संरक्षण, सतही बहाव के नियमन, स्थानीय जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण तथा जल उपयोग दक्षता से भी प्रत्यक्ष रूप से संबद्ध है। नागरिकों से नदी एवं अन्य जल स्त्रोंतों में प्लास्टिक, कचरा अथवा अपशिष्ट का निष्पादन नहीं करने, वर्षा जल के संरक्षण तथा जल के अनावश्यक अपव्यय को नियंत्रित करने का आह्वान किया गया।
अभियान के दौरान यह संदेश प्रमुखता से दिया गया कि जल संसाधनों का संरक्षण एक सतत सामुदायिक उत्तरदायित्व है, जिसमें शासन, विभागीय तंत्र एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता आवश्यक है। स्थानीय ग्रामीणों एवं नागरिकों ने स्वच्छता एवं वृक्षारोपण गतिविधियों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नदी एवं जल स्त्रोतों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस प्रकार अभियान को एक दिवसीय गतिविधि के स्थान पर पर्यावरणीय संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन, जनभागीदारी एवं दीर्घकालीन जल सुरक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
तांदुला जल संसाधन संभाग, दुर्ग का स्पष्ट संदेश है कि जल संरक्षण केवल जल की बचत नहीं, बल्कि जल स्त्रोतों को प्रदूषण से सुरक्षित रखना, नदी तट एवं जलागम क्षेत्र की पारिस्थितिक संरचना का संरक्षण, हरित आवरण का संवर्धन, वर्षाजल का समुचित संरक्षण तथा उपलब्ध जल का दक्ष एवं सतत उपयोग सुनिश्चित करने की समग्र प्रक्रिया है। वर्तमान में संरक्षित जल संसाधन एवं पर्यावरणीय संपदा ही भविष्य की जल सुरक्षा की आधारशिला है।
ःः000ःः
सेवा संकल्प अभियान-
सेवा सेतु शिविर में पहले दिन 22 आवेदन प्राप्त, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्रों का त्वरित निराकरण
-समस्या का समाधान आपके द्वार अभियान के तहत 12 वार्डों के नागरिकों को एक ही स्थान पर मिली विभिन्न सेवाएं
-सेवा सेतु शिविर में प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, पेंशन सहित विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026/ नगर निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर समस्या का समाधान आपके द्वार” का आयोजन 23 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पंचशील नगर एवं गया बाई प्राथमिक शाला, गया नगर में दो स्थानों पर एक साथ सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। दोनों शिविरों में कुल 12 वार्डों के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ एवं समस्याओं के समाधान के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई।
शिविर के पहले दिन नागरिकों द्वारा विभिन्न सेवाओं से संबंधित कुल 22 आवेदन प्रस्तुत किए गए। इनमें जन्म प्रमाण पत्र के 8, विवाह प्रमाण पत्र के 16 तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के 2 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं एवं आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा मौके पर ही लिया गया तथा पात्र प्रकरणों के त्वरित निराकरण की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
आज आयोजित शिविर में वार्ड 56 बघेरा, वार्ड 01 नयापारा, वार्ड 02 राजीव नगर, वार्ड 03 मठपारा दक्षिण, वार्ड 04 मठपारा उत्तर, वार्ड 05 मरारपारा, वार्ड 06 ठेठवारपारा, वार्ड 33 चंडी मंदिर, वार्ड 09 विवेकानंद, वार्ड 32 ब्राह्मणपारा, वार्ड 57 उरला पूर्व एवं वार्ड 58 उरला पश्चिम के नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
सेवा सेतु शिविर में नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, विद्युत विभाग, जलघर एवं पंजीयन काउंटर सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
24 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
गुरुवार 24 सितंबर को तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शिक्षक नगर एवं तुलाराम आर्य कन्या विद्यालय, दुर्ग में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वार्ड 07 किल्ला मंदिर, 08 तकियापारा, 10 शंकर नगर पूर्व, 11 शंकरपारा पश्चिम, 30 तेमेरपारा, 12 मोहन नगर पश्चिम, 13 मोहन नगर पूर्व, 25 गायत्री मंदिर, 26 संतरा बाड़ी एवं 27 पोलसायपारा के नागरिक शामिल होंगे।
26 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
शनिवार 26 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिकोला भाठा एवं कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय, दुर्ग में शिविर लगाया जाएगा। इसमें वार्ड 14 सिकोला भाठा, 16 सिकोला बस्ती उत्तर, 15 सिकोला बस्ती दक्षिण, 24 आमदी मंदिर, 20 शहीद भगत सिंह उत्तर, 19 कैलाश नगर दक्षिण, 17 औद्योगिक नगर उत्तर, 18 औद्योगिक नगर दक्षिण, 22 स्टेशनपारा, 21 तितुरडीह, 59 कतुलबोर्ड पूर्व एवं 60 कतुलबोर्ड पश्चिम के नागरिकों के लिए सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
28 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
सोमवार 28 सितंबर को स्वामी आत्मानंद विद्यालय दीपक नगर एवं सरदार वल्लभभाई पटेल आत्मानंद स्कूल, दुर्ग में शिविर आयोजित होगा। इसमें वार्ड 23 दीपक नगर, 28 पचरीपारा, 29 अस्पताल वार्ड, 47 सिविल लाइन उत्तर, 48 सिविल लाइन दक्षिण, 31 लांगुरवीर वार्ड आपापुरी, 34 शिवपारा, 35 रामदेव मंदिर, 36 गंजपारा, 37 आजाद वार्ड, 38 मिलपारा एवं 39 कचहरी वार्ड के नागरिक लाभ ले सकेंगे।
29 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
मंगलवार 29 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कसारीडीह एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरसीबस्ती में शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वार्ड 40 केलाबाड़ी, 41 सुराना कॉलेज, 42 कसारीडीह पूर्व, 43 कसारीडीह पश्चिम, 44 गुरु घासीदास, 45 पदमनाभपुर पूर्व, 46 पदमनाभपुर पश्चिम, 49 विद्युत नगर, 50 बोरसी दक्षिण, 52 बोरसी बस्ती, 53 पोटियाकला कुंद्रापारा एवं 55 पुलगांव के नागरिकों के लिए सेवा सेतु शिविर लगाया जाएगा।नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित तिथि एवं स्थल पर पहुंचकर अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित हों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाएं।
ःः000ःः
सेवा सेतु शिविर में पहले दिन 22 आवेदन प्राप्त, जन्म-मृत्यु एवं विवाह प्रमाण पत्रों का त्वरित निराकरण
-समस्या का समाधान आपके द्वार अभियान के तहत 12 वार्डों के नागरिकों को एक ही स्थान पर मिली विभिन्न सेवाएं
-सेवा सेतु शिविर में प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, पेंशन सहित विभिन्न विभागों के लगाए गए स्टॉल
दुर्ग, 23 सितम्बर 2026/ नगर निगम दुर्ग सीमा क्षेत्र में सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर समस्या का समाधान आपके द्वार” का आयोजन 23 सितंबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को चंद्रशेखर आजाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पंचशील नगर एवं गया बाई प्राथमिक शाला, गया नगर में दो स्थानों पर एक साथ सेवा सेतु शिविर आयोजित किया गया। दोनों शिविरों में कुल 12 वार्डों के नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ एवं समस्याओं के समाधान के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई।
शिविर के पहले दिन नागरिकों द्वारा विभिन्न सेवाओं से संबंधित कुल 22 आवेदन प्रस्तुत किए गए। इनमें जन्म प्रमाण पत्र के 8, विवाह प्रमाण पत्र के 16 तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के 2 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। शिविर में पहुंचे नागरिकों की समस्याओं एवं आवेदनों को संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा मौके पर ही लिया गया तथा पात्र प्रकरणों के त्वरित निराकरण की कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने शिविर में लगाए गए विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए।
आज आयोजित शिविर में वार्ड 56 बघेरा, वार्ड 01 नयापारा, वार्ड 02 राजीव नगर, वार्ड 03 मठपारा दक्षिण, वार्ड 04 मठपारा उत्तर, वार्ड 05 मरारपारा, वार्ड 06 ठेठवारपारा, वार्ड 33 चंडी मंदिर, वार्ड 09 विवेकानंद, वार्ड 32 ब्राह्मणपारा, वार्ड 57 उरला पूर्व एवं वार्ड 58 उरला पश्चिम के नागरिकों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यकताओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए।
सेवा सेतु शिविर में नागरिकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, विद्युत विभाग, जलघर एवं पंजीयन काउंटर सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय एक ही स्थान पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
24 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
गुरुवार 24 सितंबर को तिलक कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, शिक्षक नगर एवं तुलाराम आर्य कन्या विद्यालय, दुर्ग में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वार्ड 07 किल्ला मंदिर, 08 तकियापारा, 10 शंकर नगर पूर्व, 11 शंकरपारा पश्चिम, 30 तेमेरपारा, 12 मोहन नगर पश्चिम, 13 मोहन नगर पूर्व, 25 गायत्री मंदिर, 26 संतरा बाड़ी एवं 27 पोलसायपारा के नागरिक शामिल होंगे।
26 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
शनिवार 26 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिकोला भाठा एवं कुशाभाऊ ठाकरे विद्यालय, दुर्ग में शिविर लगाया जाएगा। इसमें वार्ड 14 सिकोला भाठा, 16 सिकोला बस्ती उत्तर, 15 सिकोला बस्ती दक्षिण, 24 आमदी मंदिर, 20 शहीद भगत सिंह उत्तर, 19 कैलाश नगर दक्षिण, 17 औद्योगिक नगर उत्तर, 18 औद्योगिक नगर दक्षिण, 22 स्टेशनपारा, 21 तितुरडीह, 59 कतुलबोर्ड पूर्व एवं 60 कतुलबोर्ड पश्चिम के नागरिकों के लिए सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।
28 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
सोमवार 28 सितंबर को स्वामी आत्मानंद विद्यालय दीपक नगर एवं सरदार वल्लभभाई पटेल आत्मानंद स्कूल, दुर्ग में शिविर आयोजित होगा। इसमें वार्ड 23 दीपक नगर, 28 पचरीपारा, 29 अस्पताल वार्ड, 47 सिविल लाइन उत्तर, 48 सिविल लाइन दक्षिण, 31 लांगुरवीर वार्ड आपापुरी, 34 शिवपारा, 35 रामदेव मंदिर, 36 गंजपारा, 37 आजाद वार्ड, 38 मिलपारा एवं 39 कचहरी वार्ड के नागरिक लाभ ले सकेंगे।
29 सितंबर को इन वार्डों के लिए शिविर
मंगलवार 29 सितंबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला कसारीडीह एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरसीबस्ती में शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें वार्ड 40 केलाबाड़ी, 41 सुराना कॉलेज, 42 कसारीडीह पूर्व, 43 कसारीडीह पश्चिम, 44 गुरु घासीदास, 45 पदमनाभपुर पूर्व, 46 पदमनाभपुर पश्चिम, 49 विद्युत नगर, 50 बोरसी दक्षिण, 52 बोरसी बस्ती, 53 पोटियाकला कुंद्रापारा एवं 55 पुलगांव के नागरिकों के लिए सेवा सेतु शिविर लगाया जाएगा।नगर निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि निर्धारित तिथि एवं स्थल पर पहुंचकर अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर में उपस्थित हों तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाएं।
ःः000ःः