PRO Durg news & story & photo_ 21 Sitmber 2026_ File 01

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार

सेवा संकल्प अभियान-
मुख्य सचिव ने अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विडियों कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की


दुर्ग, 21 सितम्बर 2026/ मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज विडियों कांफ्रेसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स और कमिश्नर की बैठक लेकर सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर कलेक्टोरेट स्थित एनआईसी कक्ष में संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, नगर निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम दुर्ग की आयुक्त सुश्री लीना कोसम, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, नगर निगम भिलाई-3 चरोदा की आयुक्त श्री दशरथ राजपूत, अपर कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती सिल्ली थामस सहित अभियान से जुड़े विभागों से नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को केवल एक आयोजन के रूप में नहीं लेकर उसे जनभागीदारी और एक दूसरे की संस्कृति को मजबूत करने के अवसर के रूप में लिया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि जिले में अभियान की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आयोजित करते हुए ज्यादा से ज्यादा लोगों, स्वयं सेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के दौरान सेवा मेरा योगदान के तहत विभिन्न गतिविधियां, देह दान, अंग दान करने वाले परिवारों का सम्मान, हरित छत्तीसगढ़ अभियान को एक पेड़ मां के नाम के साथ शामिल कर पौधरोपण किये जाने, सेवा मेरा योगदान उत्सव को सेवा संकल्प एवं योगदान उत्सव के रूप में मनाये जाने, सेवा सेतु शिविरों में आवेदन का समयबद्ध निराकरण आदि की समीक्षा के साथ कलेक्टरों को अभियान का प्रभावी नेतृत्व करने निर्देशित किया गया।      

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सेवा संकल्प अभियान -
जिले में आयोजित होंगे 1 से 5 अक्टूबर तक विकासखंड स्तरीय सेवा सेतु शिविर


दुर्ग, 21 सितम्बर 2026/ छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुक्रम में राज्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक संचालित सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। इसी कड़ी में ’सेवा सेतु अभियान-सरकार आपके द्वार’ के अंतर्गत 01 से 05 अक्टूबर 2026 तक जिले के दुर्ग, धमधा एवं पाटन विकासखंडों में विकासखंड स्तरीय विशेष ’सेवा सेतु शिविरों’ की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आमजनों की समस्याओं के त्वरित निराकरण, पारदर्शी सेवा प्रदायगी तथा प्रत्येक परिवार की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु तिथिवार शिविरों हेतु आदेश जारी कर दिया है।  
विकासखंडवार शिविरों की इस श्रेणी में विकासखंड दुर्ग के अंतर्गत 01 अक्टूबर को विवेकानंद सभागार भवन दुर्ग में शिविर आयोजित होगा। जिसमें शामिल ग्राम पंचायत/नगर पालिका परिषद् उरला, करहीडीह, सिकोला, बघेरा, दुर्ग, फुलगांव, पोटियाकला, बोरसी, कसारीडीह, तितुरडीह व कातुलबोर्ड है। इसी प्रकार 02 अक्टूबर को भिलाई निगम सभागार में आमदी, कोसानाला, रुआबांधा, रिसाली, डुण्डेरा, जुनवानी, खम्हरिया, कोहका, कुरुद, छावनी व सुपेला के नागरिकों के लिए शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बोरई में ग्राम पंचायत रसमड़ा, नगपुरा, बोरई, दमोदा, खुरसुल, गनियारी, पीपरछेड़ी, खपरी (सि), महमरा, अंजोरा (ख), मोहलई, कोटनी, बेलौदी, चंदखुरी, पीसेगांव, कोलिहापुरी, धनोरा, खम्हरिया, हनोदा, कोड़िया, कोकड़ी, उमरपोटी, पुरई, पाउवारा, डुमरडीह व उतई के ग्रामीण तथा 04 अक्टूबर को निकुम शाला में तिरगा, झोला, भरदा, थनौद, बिरेझर, चंगोरी, भोथली, निकुम, खांडा, आलबरस, अण्डा, विनायकपुर, आमटी, चिंगरी, अछोटी, भानपुरी, जंजगिरी, कुथरेल, बोरीगारका, करगाडीह, खोपली, रिसामा, चिरपोटी, मतवारी, कातरो, मचांदुर, घुघसीडीह, कोनारी, मातरोडीह, रूदा व मासाभाट के ग्रामीण शामिल होंगे। वहीं 05 अक्टूबर को करंजाभिलाई शाला में करंजाभिलाई, अंजोरा (ढा), ढाबा, डांडेसरा, भेड़सर, सिरसाखुर्द, चिखली, कुटेलाभांठा, खपरी (कु), जेवरा, भटगांव, समोदा, बोड़ेगांव, ननकट्ठी, रवेलीडीह, अरसनारा, बासीन, ढौर, खेदामारा, कचांदुर, सिलोदा, खुर्सीडीह, मालूद, झेंझरी व गनियारी के नागरिक तथा तहसील कार्यालय भिलाई-03 में आयोजित होने वाले शिविर में जामुल नगर पालिका (ग्राम जामुल) एवं भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम हथखोज, अकलोरडीह) के नागरिक होंगे।  
इसी क्रम मंे विकासखंड धमधा के तहत 01 अक्टूबर को ग्राम पंचायत बोरी में शिविर आयोजित होगा, जहां ग्राम पंचायत चीचा, डोड़की, देउरकोना, अरसी, सुखरीकला, टेकापार, तुमाखुर्द, फुण्डा, सिलतरा, दनिया, परसदाखुर्द, बोरी, डोमा, पथरिया, नवागांव व परसदा के ग्रामीणजन तथा मेड़ेसरा पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम सगनी, परसदा, कोड़िया, मेड़ेसरा, पथरिया, नंदिनी सुंदनी, पोटिया, पिटौरा, सेमरिया व गिरहोला के ग्रामीण शामिल होंगे। 02 अक्टूबर को लिटिया पंचायत में आयोजित शिविर में मड़ियापार, करेली, गाड़ाडीह, पुरदा, जोगीगुफा, लिटिया, सेमरिया, चिखला, विरेझर, हसदा, खर्रा, रौता, हिरी, टेमरी, पोटिया व सैवती तथा कपसदा पंचायत में अकोला, कपसदा, पंचदेवरी, सांकरा, खपरी, लिमतरा, कंडरका, ढाबा, बोरसी व मुर्रा का शिविर लगेगा। 03 अक्टूबर को डंगनिया पंचायत में आयोजित शिविर में ग्रा.पं. देवरी, पेड्री, भिभौरी, गोबरा, नंदवाय, नवागांव, टठिया, ठेगाभाठ, मोहलाई, छिराही, तरकोरी, धौराभाठा, डंगनिया, बिरोदा, गोप्ता, माटरा, हरदी, मोहरेंगा, कंदई, कोकड़ी, खजरी, पेण्ड्रीतराई, बिरझापुर, तितुरघाट, महाराजपुर, सोनेसरार, मोतिमपुर, रहटादाह, सिरनाभाठा, नंदेली, भरनी, रक्सा, खपरी, परसबोड़, धरमपुरा व बरहापुर तथा लहंगा पंचायत में खपरी, पाहरा, डूमर, मलपुरीखुर्द, ढौर (खेरधी), लहंगा, अछोटी, गोढ़ी, मलपुरीकला व ओटेबंद के लिए आयोजन होगा। 04 अक्टूबर को अहिवारा तहसील कार्यालय में आयोजित शिविर में बागडूमर, अहेरी, बिरेभाट, मुड़पार, ढौर (हिं.), खेरधा, मोहंदी, नारधा, रिंगनी, नंदौरी, मुरमुंदा, चेटुवा तथा अहिवारा नगर पालिका (ग्राम अहिवारा, खासाडीह, बानबरद) के शिविर लगेंगे। इसके पश्चात 05 अक्टूबर को पेण्ड्रावन पंचायत के शिविर में ग्राम पंचायत कन्हारपुरी, जाताघर्रा, परसुली, सिल्ली, दानीकोकड़ी, परोड़ा, बसनी, करेली, रौंदा, साल्हेखुर्द, पेण्ड्रावन, परसकोल, कोनका, गोरपा, नवागांव सा., भिलौरी, अगार, राजपुर, कुटहा, पेण्ड्री, अकोली, पगबंधी, अछोली, ठेलका, खैरझिटी, बिरेभाठ, हिरेतरा, घोठा, पेण्ड्री, रूहा, सुखरीखुर्द व खिलोराकला, खिलोराखुर्द, गाड़ाघाट, घसरा, घोटवानी, तुमाकला, धूमा, भाठाकोकड़ी, मुड़पार तथा भिलाई-03 तहसील कार्यालय के शिविर में नगर पालिका परिषद् कुम्हारी (ग्राम कुम्हारी, चोरहा, परसदा, जंजगिरी), भिलाई-चरोदा निगम (ग्राम जरवाय, पर्थरा, दादर) व जामुल पालिका (ग्राम सुरडुंग) के शिविर संपन्न होंगे।  
इसी तरह विकासखंड पाटन के अंतर्गत 01 अक्टूबर को सेलूद पंचायत में आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत फुण्डा, सांतरा, गोंडपेन्डरी, छाटा, अचानकपुर, ढौर, महकाकला, मुड़पार, चुनकट्टा, पतोरा, धौराभाठा, सेलूद, मानिकचौरी, परसाही, फेकारी, गाड़ाडीह, मटंग, गुढ़ियारी व कानाकोट के ग्रामीण तथा 02 अक्टूबर को रानीतराई पंचायत के शिविर में तेलीगुण्डरा, खर्रा, केसरा, जरवाय, कौही, बोरेन्दा, रानीतराई, असोगा, रेंगाकठेरा, डिडगा, चुलगहन, औंसर, ओदरागहन, निपानी, करेला, पाहंदा व बीजाभाठा के लिए शिविर आयोजित होगा। 03 अक्टूबर को जामगांव (एम) पंचायत के शिविर में महकाखुर्द, पहंडोर, पचपेड़ी, करसा, घुघवा, अमेरी, करगा, जामगांव (एम.), रूही, झीट, खुड़मुड़ी, तुलसी, चंगोरी, चीचा, सावनी, तर्रा, रवेली, राखी, लोहरसी, देवादा व अरसनारा तथा जामगांव (आर) पंचायत में आयोजित शिविर में भरर, भनसुली (आर.), कुर्मीगुण्डरा, गब्दी, कुम्हली, पौहा, जामगांव (आर.), बोरवाय, धमना, खोला, बटरेल, अरमरीखुर्द, नवागांव, गातापार, सुरपा, टेमरी, बेल्हारी, अकतई, आगेसरा व किकिरमेटा के ग्रामीण शामिल होंगे। 05 अक्टूबर को पाटन नगर पंचायत के शिविर में मर्रा, बेलौदी, दरबारबमोखली, बोरीद, सोरम, सेमरी, कसही, पन्दर, गुजरा, बठेना, दैमार, सिकोला, सिपकोन्हा, पाटन, अखरा, अटारी, खोरपा, सोनपुर, तरीघाट, खम्हरिया, भनसूली के ग्रामीण और नगर पंचायत अमलेश्वर में आयोजित शिविर में पाहंदा, घुघवा, जमराव, महुदा, कोपेडीह व उफरा, अमलेश्वर नगर पंचायत में सांकरा, मोतीपुर, बटंग, खम्हरिया, अमलीडीह, आँरी, आँधी, नारधी, मगरघटा, भोथली, अमलेश्वर व खुड़मुड़ा के नागरिक गण शामिल होंगे। वहीं भिलाई-03 तहसील कार्यालय में अयोजित शिविर में नगर पालिका निगम भिलाई-चरोदा अंतर्गत आने वाले भिलाई-03, उमदा, पुरेना, कुगदा, सोमनी, गनियारी, मोरिद, सिरसाकला, देवबलौदा, उरला व चरोदा क्षेत्र के नागरिक सम्मिलित होंगे।  
इन सभी सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से नागरिकों को एक ही स्थल पर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अतिक्रमण, खाता विभाजन, डायवर्सन, त्रुटि सुधार, निःशुल्क नक्शा, खसरा, बी-1 व किसान किताब वितरण, आधार-मोबाइल-जेंडर इन्द्राज, एग्रीस्टेक किसान रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना अधिकार अभिलेख वितरण, पीएम-किसान भौतिक सत्यापन, आरबीसी 6(4) राहत प्रकरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र तथा वनाधिकार पत्रक जैसे समस्त राजस्व, किसान व नागरिक कल्याणकारी कार्यों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रदान किया जाएगा।  

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी

अंजली ने मशरूम की खेती से बनाई नई पहचान, बनीं प्रगतिशील महिला किसान

दुर्ग, 21 सितम्बर 2026/ बिहान (एनआरएलएम) और कृषि विभाग द्वारा आयोजित किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर ग्राम बरहापुर, जनपद पंचायत धमधा की महिला किसान अंजली धार्मिक ने खेती के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। परंपरागत खेती के साथ मशरूम उत्पादन को अपनाकर अंजली आज सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं।
अंजली के पास करीब 3 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे टमाटर, धान, चना, अरहर और तिवड़ा जैसी फसलों की खेती करती हैं। बिहान समूह से जुड़ने से पहले भी वे खेती करती थीं, लेकिन खेती में होने वाली लागत की तुलना में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। इसी दौरान बिहान समूह और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किसान गोष्ठी में अंजली ने भाग लिया। यहां उन्हें मशरूम की खेती की तकनीक और इसके लाभों के बारे में जानकारी मिली। प्रशिक्षण से प्रभावित होकर उन्होंने घर पर ही मशरूम उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया। आज अंजली सफलतापूर्वक रसायन रहित मशरूम का उत्पादन कर रही हैं। वे अपने उत्पाद को करीब 200 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रही हैं। गुणवत्ता और रसायन रहित उत्पादन के कारण उनके मशरूम की मांग बनी हुई है और तैयार उत्पाद की बिक्री घर से ही व्यापारियों के माध्यम से कर रही है। अंजली बताती हैं कि बिहान और कृषि विभाग की किसान गोष्ठियों एवं प्रशिक्षणों से उन्हें खेती के नए तरीकों को समझने और अपनी आय बढ़ाने का अवसर मिला। उन्होंने बिहान, कृषि विभाग के अधिकारियों तथा शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके मार्गदर्शन से वे आज एक प्रगतिशील महिला किसान के रूप में अपनी पहचान बना पाई हैं।

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सेवा की कहानी

पक्का घर बनने से खिली नन्ही परी की मुस्कान, चेलाराम का सपना हुआ पूरा


दुर्ग, 21 सितम्बर 2026/ जब शासन की नीतियां सीधे आम नागरिक के संघर्षों को आसान बनाने लगें, तो वह केवल कागजी योजना नहीं रह जाती, बल्कि लोगों की जिंदगी बदलने का सशक्त माध्यम बन जाती है। नगर पालिका निगम रिसाली के ग्राम डुंडेरा वार्ड क्रमांक 35 में रहने वाले चेलाराम साहू की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। भिलाई स्टील प्लांट में कार्य करके वर्ष में करीब 80,000 रुपये अर्जित करने वाले चेलाराम अपने 3 सदस्यों के परिवार (पत्नी और एक छोटी बेटी) के साथ कच्चे व खपरैल वाले घर में रहने को मजबूर थे। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने और बंदरों द्वारा खपरैल तहस-नहस कर देने के कारण उन्हें बार-बार मरम्मत में काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे। इस बदहाली का सबसे बुरा असर उनकी छोटी बिटिया पर पड़ता था, जो नमी के कारण बीमार पड़ जाती थी और उसकी पढ़ाई-लिखाई व सोने में भारी दिक्कतें आती थीं।  
बिटिया की चिंता से परेशान चेलाराम साहू को जब नगर निगम से प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उन्होंने आवश्यक दस्तावेज जमा कर आवेदन किया। योजनांतर्गत 2.66 लाख रुपये की स्वीकृत लागत (जिसमें केंद्रांश 1.50 लाख, राज्यांश 0.665 लाख एवं हितग्राही अंशदान 0.495 लाख रुपये शामिल है) से उनका पक्का मकान एक साल के भीतर बनकर तैयार हो गया। दरअसल, जनसेवा और सुशासन के प्रति यही प्रतिबद्धता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस कार्यशैली को दर्शाती है, जिसने बीते 25 वर्षों में देश में जन-जनकल्याण के नए मानदंड स्थापित किए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियां हर गरीब के सपनों को नया संबल दे रही हैं। पक्का घर बनने पर चेलाराम साहू ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आवास ने उनके सिर पर सुरक्षित छत दी है, साथ ही यह उनकी नन्ही बेटी की मुस्कान और पूरे परिवार की खुशियों का आधार भी बनी है।  

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