जिला जनसंपर्क कार्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
समाचार
सेवा की कहानी
श्रमिक मां के बेटे के सपनों को मिली नई उड़ान
- योजना से नि:शुल्क आवासीय शिक्षा का मिला अवसर
- अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा का सपना था कि उनका बेटा भी बड़े स्कूल में पढ़े, अंग्रेजी बोले, कम्प्यूटर सीखे और अपने सपनों को पूरा करे। लेकिन मजदूरी की कमाई में निजी स्कूल की फीस और हॉस्टल का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। आज शासन की योजना से उनके बेटे को यह अवसर मिला है। अब उन्हें उसकी पढ़ाई की चिंता नहीं है। यह कहना है राजनांदगांव शहर के ममता नगर वार्ड क्रमांक 18 की निवासी एवं निर्माणी श्रमिक श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा का।
श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा ठेकेदार के अधीन मजदूरी का कार्य करती हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना संजोया था। लिलेश्वरी सिन्हा के बेटे पिवेद सिन्हा ने कक्षा 5वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की। इसी दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से उन्हें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने श्रम विभाग के पोर्टल के माध्यम से अपने बेटे के लिए आवेदन किया। कक्षा 5वीं की प्रावीण्य सूची के आधार पर पिवेद सिन्हा का चयन संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल, राजनांदगांव में हुआ। वर्तमान में वह कक्षा 6वीं में अध्ययनरत है और योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त करेगा। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थी की स्कूल की वार्षिक एवं ट्यूशन फीस, छात्रावास में रहने का खर्च, पौष्टिक भोजन, गणवेश, खेल-कूद तथा किताब-कॉपी सहित आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का खर्च मंडल द्वारा वहन किया जा रहा है। इससे श्रमिक परिवार पर शिक्षा का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा है।
श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा बताती हैं कि पहले उन्हें चिंता रहती थी कि सीमित आमदनी में बेटे की अच्छी शिक्षा और हॉस्टल का खर्च कैसे उठाएंगी। योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी यह चिंता दूर हो गई है। अब उनका बेटा बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई कर रहा है और अपने भविष्य के सपनों को नई दिशा दे रहा है। श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा इस योजना के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि उन्हें समय पर योजना की जानकारी मिलने से उनके बेटे के लिए बेहतर शिक्षा का रास्ता खुला। उन्होंने श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए ऐसी योजनाएं संचालित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति भी आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिलेश्वरी सिन्हा कहती हैं कि सरकार की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उनके बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिलती है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
क्रमांक 109 -----------------
सेवा की कहानी
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना से आरती को मिला पोषण का सहारा
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार लेने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की सहायता से डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम ढ़ारा निवासी श्रीमती आरती टाण्डेकर अपने और अपनी संतान के बेहतर पोषण की दिशा में आगे बढ़ीं। श्रीमती आरती टाण्डेकर ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उनका पंजीयन आंगनबाड़ी केन्द्र में किया गया। गर्भावस्था के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र में चौपाल के माध्यम से पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल एवं नियमित जांच के संबंध में लगातार जानकारी दी गई। इसी दौरान उनका पंजीयन प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भी किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती होने पर महिला को दो किश्तों में 5000 रूपए तथा द्वितीय संतान बालिका होने पर एक किश्त में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को अपने तथा शिशु के पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि मां और बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण का बेहतर ध्यान रखा जा सके।
श्रीमती आरती टाण्डेकर ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग अपने पोषण के लिए किया। गर्भावस्था के चौथे माह में उनका हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम था। परिवार की सीमित आय के कारण पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ नहीं ले पा रही थी। योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से पौष्टिक आहार लेने के लिए काफी मदद मिली। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह से दैनिक भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल किया। जिससे गर्भावस्था के नौवें माह तक उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 12 ग्राम हो गया और एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया। जिसका नाम पूर्वी टाण्डेकर रखा गया। जन्म के समय पूर्वी का वजन 3 किलोग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन द्वारा नियमित निगरानी और पोषण संबंधी सलाह दिए जाने से पूर्वी के स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान दिया गया। उनकी बेटी पूर्वी का वजन 12.800 किलोग्राम है और वह सामान्य एवं स्वस्थ स्थिति में है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 110 -----------------
सेवा की कहानी
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण से रोजगार की राह हुई आसान
- मनीष को मिला आत्मनिर्भरता का अवसर
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को उनकी रूचि और योग्यता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पटपर के श्री मनीष कुमार ने अपने लिए रोजगार का अवसर हासिल किया है। आज वे टीवीएस कंपनी बैंगलोर में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन के रूप में कार्य करते हुए प्रतिमाह 21 हजार रूपए की आय अर्जित कर रहे हैं। श्री मनीष कुमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित सेवा संकल्प को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान करने वाली योजनाएं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयासों से युवा आत्मनिर्भर बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
श्री मनीष कुमार ने बताया कि उन्होंने कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वे आगे रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लाइवलीहुड कॉलेज में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी मिली। प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने की जानकारी मिलने पर प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया। उन्होंने प्रशिक्षण के लिए चयनित होने के बाद नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया और 378 घंटे का इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के बाद परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्हें टीवीएस कंपनी बैंगलोर में रोजगार का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, रोजगार से जोडऩे तथा समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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फसलों में रोग एवं कीटों की पहचान कर समय पर करें नियंत्रण
- कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को दी गई समसामयिक सलाह
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा किसानों को धान की फसल में वर्तमान समय में दिखाई देने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, उनके लक्षण तथा रासायनिक एवं समेकित नियंत्रण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा तथा फार्म मैनेजर डॉ. आशीष गौरव शुक्ला ने बताया कि धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक, भूरा माहू, गंधी बग एवं पैनिकल माइट जैसे प्रमुख कीट तथा जीवाणु जनित झुलसा, ब्लास्ट एवं शीथ ब्लाइट जैसे रोग फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की नियमित निगरानी कर प्रारंभिक अवस्था में ही कीट एवं रोग की पहचान करने की सलाह दी है।
तना छेदक की पहचान डेड हार्ट एवं व्हाइट ईयर के लक्षणों से की जा सकती है। प्रारंभिक प्रकोप में प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत + साइपरमेथ्रिन 4 प्रतिशत ईसी 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ तथा अधिक प्रकोप की स्थिति में क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 9.3 प्रतिशत + लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 4.6 प्रतिशत जेडसी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
पत्ती लपेटक पत्तियों के मुडऩे तथा पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है। रासायनिक नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत + साइपरमेथ्रिन 4 प्रतिशत ईसी 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
भूरा माहू पौधों के निचले हिस्से में कीटों का समूह दिखाई देता है तथा अधिक प्रकोप में हॉपर बर्न के कारण पौधे गोलाकार क्षेत्र में सूखने लगते हैं। नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एससी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ अथवा डाइनोटेफ्यूरान 10 प्रतिशत + पाइमेट्रोजीन 40 प्रतिशत डब्ल्यूजी 100 ग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
गंधी बग दूधिया अवस्था में यह दानों का रस चूसकर दानों को अधभरा, खोखला या खराब कर सकता है। आवश्यकता पडऩे पर लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
पैनिकल माइट बालियां निकलने के आसपास इसका प्रकोप होने पर दाने अधभरे, बदरंग या चोकर जैसे हो सकते हैं। प्रस्तुति के अनुसार देर से कल्ले निकलने की अवस्था में डायफेन्थियूरॉन 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 1-2 ग्राम प्रति लीटर पानी $+प्रोपिकोनाजोल 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी का छिड़काव किया जा सकता है।
जीवाणु जनित झुलसा पत्तियों के किनारे या सिरे से पीले एवं पानी से भीगे हुए धब्बे दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है। नियंत्रण के लिए खेत में उचित जल निकास एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन के साथ कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 500 ग्राम प्रति एकड़ + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट 90 प्रतिशत + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10 प्रतिशत एसपी 20 ग्राम प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
ब्लास्ट रोग पत्तियों पर हीरे अथवा नाव के आकार के धब्बे तथा गर्दन ब्लास्ट में बालियों की गर्दन पर भूरा-काला घेरा दिखाई देता है। नियंत्रण के लिए ट्राइसाइक्लाजोल 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 120 ग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
शीथ ब्लाइट पत्ती की खोल पर अंडाकार एवं अनियमित हरे-धूसर धब्बे दिखाई देते हैं, जो बाद में ऊपर की पत्तियों तक फैल सकते हैं। रासायनिक नियंत्रण के लिए हेक्साकोनाजोल 5 प्रतिशत एससी 350 मिलीलीटर प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा रासायनिक दवाओं का प्रयोग केवल आवश्यकता एवं अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करने तथा कीट एवं रोग की सही पहचान के बाद ही नियंत्रण उपाय अपनाएं तथा अनावश्यक एवं बार-बार कीटनाशकों के प्रयोग बचने की सलाह दी गई है। संतुलित उर्वरक उपयोग, उचित जल प्रबंधन, खेत की नियमित निगरानी एवं समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन को अपनाकर फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
क्रमांक 112 -----------------
आईटीआई राजनांदगांव में कैम्पस प्लेसमेंट 23 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 23 सितम्बर 2026 को सुबह 10 बजे से बॉक्स हाइटेक इंजीनियरिंग भिलाई जिला दुर्ग द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक विद्युतकार, फिटर, वेल्डर एवं मैकेनिक डीजल में आईटीआई उत्तीर्ण 18 वर्ष से 30 वर्ष तक के पुरूष उम्मीद्वार अपने समस्त शैक्षणिक एवं आवश्यक प्रमाण पत्र-10वीं, आईटीआई, आधार कार्ड, पेन कार्ड तथा 5 पोसपोर्ट साईज फोटोग्राम के साथ कैम्पस प्लेसमेंट में शामिल हो सकते है।
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जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। जिसके अनुसार 5 सितम्बर 2026 को गोविंदा उत्सव के लिए केवल डोंगरगढ़ तहसील में एवं 25 सितम्बर 2026 को अनंत चतुर्दशी के लिए डोंगरगढ़ तहसील को छोड़कर संपूर्ण जिले में तथा 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के लिए संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। घोषित स्थानीय अवकाश बैंकों एवं कोषालयों पर लागू नहीं होगा।
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नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदान करने परीक्षण मापन शिविर 22 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं एडीप योजना अंतर्गत 22 सितम्बर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में जनपद पंचायत राजनांदगांव एवं नगर पालिक निगम राजनांदगांव के क्षेत्र के दिव्यांजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदान करने परीक्षण मापन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उप संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि शिविर में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क सहायक उपकरण प्रदान आवश्यक माप लिया जाएगा। उन्होंने पात्र सभी हितग्राहियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में शामिल होने की अपील की है।
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आयुर्वेद दिवस पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर 23 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। 11वें आयुर्वेद दिवस पर स्वस्थ्य कल के लिए आयुर्वेद थीम पर 23 सितम्बर 2026 को सुबह 9 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक आयुष पॉलीक्लीनिक परिसर दीनदयाल नगर राजनांदगांव में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में महिला विशेषज्ञ चिकित्सक एवं शल्य चिकित्सक, नेत्र रोग चिकित्सक, आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं योग चिकित्सक उपस्थित रहेंगे। शिविर में बीपी, शुगर की जांच की जाएगी तथा उपचार की व्यवस्था रहेगी। एनोरेक्टल (गुदमत) रोगों, पाईल्स फिशर फिस्टुला के मरीजों की विशेष जांच की जाएगी। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर में अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ लेने की अपील की गई है।
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श्रमिक मां के बेटे के सपनों को मिली नई उड़ान
- योजना से नि:शुल्क आवासीय शिक्षा का मिला अवसर
- अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा का सपना था कि उनका बेटा भी बड़े स्कूल में पढ़े, अंग्रेजी बोले, कम्प्यूटर सीखे और अपने सपनों को पूरा करे। लेकिन मजदूरी की कमाई में निजी स्कूल की फीस और हॉस्टल का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। आज शासन की योजना से उनके बेटे को यह अवसर मिला है। अब उन्हें उसकी पढ़ाई की चिंता नहीं है। यह कहना है राजनांदगांव शहर के ममता नगर वार्ड क्रमांक 18 की निवासी एवं निर्माणी श्रमिक श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा का।
श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा ठेकेदार के अधीन मजदूरी का कार्य करती हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का सपना संजोया था। लिलेश्वरी सिन्हा के बेटे पिवेद सिन्हा ने कक्षा 5वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की। इसी दौरान श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों से उन्हें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत अटल उत्कृष्ट शिक्षा सहायता योजना की जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने श्रम विभाग के पोर्टल के माध्यम से अपने बेटे के लिए आवेदन किया। कक्षा 5वीं की प्रावीण्य सूची के आधार पर पिवेद सिन्हा का चयन संस्कार सिटी इंटरनेशनल स्कूल, राजनांदगांव में हुआ। वर्तमान में वह कक्षा 6वीं में अध्ययनरत है और योजना के तहत कक्षा 6वीं से 12वीं तक नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त करेगा। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थी की स्कूल की वार्षिक एवं ट्यूशन फीस, छात्रावास में रहने का खर्च, पौष्टिक भोजन, गणवेश, खेल-कूद तथा किताब-कॉपी सहित आवश्यक शैक्षणिक सुविधाओं का खर्च मंडल द्वारा वहन किया जा रहा है। इससे श्रमिक परिवार पर शिक्षा का आर्थिक बोझ नहीं पड़ा है।
श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा बताती हैं कि पहले उन्हें चिंता रहती थी कि सीमित आमदनी में बेटे की अच्छी शिक्षा और हॉस्टल का खर्च कैसे उठाएंगी। योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी यह चिंता दूर हो गई है। अब उनका बेटा बेहतर शैक्षणिक वातावरण में पढ़ाई कर रहा है और अपने भविष्य के सपनों को नई दिशा दे रहा है। श्रीमती लिलेश्वरी सिन्हा इस योजना के लिए श्रम विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि उन्हें समय पर योजना की जानकारी मिलने से उनके बेटे के लिए बेहतर शिक्षा का रास्ता खुला। उन्होंने श्रमिक परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए ऐसी योजनाएं संचालित करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति भी आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिलेश्वरी सिन्हा कहती हैं कि सरकार की योजनाओं का लाभ जब जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचता है, तो उनके बच्चों के सपनों को नई उड़ान मिलती है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बेटे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
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सेवा की कहानी
प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना से आरती को मिला पोषण का सहारा
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता राशि से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार लेने में मदद मिल रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की सहायता से डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम ढ़ारा निवासी श्रीमती आरती टाण्डेकर अपने और अपनी संतान के बेहतर पोषण की दिशा में आगे बढ़ीं। श्रीमती आरती टाण्डेकर ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उनका पंजीयन आंगनबाड़ी केन्द्र में किया गया। गर्भावस्था के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र में चौपाल के माध्यम से पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल एवं नियमित जांच के संबंध में लगातार जानकारी दी गई। इसी दौरान उनका पंजीयन प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना में भी किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती होने पर महिला को दो किश्तों में 5000 रूपए तथा द्वितीय संतान बालिका होने पर एक किश्त में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को अपने तथा शिशु के पोषण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि मां और बच्चे के स्वास्थ्य एवं पोषण का बेहतर ध्यान रखा जा सके।
श्रीमती आरती टाण्डेकर ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग अपने पोषण के लिए किया। गर्भावस्था के चौथे माह में उनका हीमोग्लोबिन स्तर 9 ग्राम था। परिवार की सीमित आय के कारण पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ नहीं ले पा रही थी। योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता से पौष्टिक आहार लेने के लिए काफी मदद मिली। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सलाह से दैनिक भोजन में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल किया। जिससे गर्भावस्था के नौवें माह तक उनका हीमोग्लोबिन बढ़कर 12 ग्राम हो गया और एक स्वस्थ पुत्री को जन्म दिया। जिसका नाम पूर्वी टाण्डेकर रखा गया। जन्म के समय पूर्वी का वजन 3 किलोग्राम था। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन द्वारा नियमित निगरानी और पोषण संबंधी सलाह दिए जाने से पूर्वी के स्वास्थ्य पर लगातार ध्यान दिया गया। उनकी बेटी पूर्वी का वजन 12.800 किलोग्राम है और वह सामान्य एवं स्वस्थ स्थिति में है। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के माध्यम से मिली आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण से रोजगार की राह हुई आसान
- मनीष को मिला आत्मनिर्भरता का अवसर
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को उनकी रूचि और योग्यता के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोडऩे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पटपर के श्री मनीष कुमार ने अपने लिए रोजगार का अवसर हासिल किया है। आज वे टीवीएस कंपनी बैंगलोर में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन के रूप में कार्य करते हुए प्रतिमाह 21 हजार रूपए की आय अर्जित कर रहे हैं। श्री मनीष कुमार ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सेवाकाल एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित सेवा संकल्प को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं को कौशल और रोजगार के अवसर प्रदान करने वाली योजनाएं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे प्रयासों से युवा आत्मनिर्भर बनकर विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
श्री मनीष कुमार ने बताया कि उन्होंने कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्राप्त की है। वे आगे रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनना चाहते थे। इसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत लाइवलीहुड कॉलेज में इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी मिली। प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने की जानकारी मिलने पर प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया। उन्होंने प्रशिक्षण के लिए चयनित होने के बाद नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लिया और 378 घंटे का इलेक्ट्रिकल टेक्नीशियन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण के बाद परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके पश्चात उन्हें टीवीएस कंपनी बैंगलोर में रोजगार का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराने, रोजगार से जोडऩे तथा समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
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फसलों में रोग एवं कीटों की पहचान कर समय पर करें नियंत्रण
- कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी द्वारा किसानों को दी गई समसामयिक सलाह
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा किसानों को धान की फसल में वर्तमान समय में दिखाई देने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान, उनके लक्षण तथा रासायनिक एवं समेकित नियंत्रण के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गुंजन झा तथा फार्म मैनेजर डॉ. आशीष गौरव शुक्ला ने बताया कि धान की फसल में तना छेदक, पत्ती लपेटक, भूरा माहू, गंधी बग एवं पैनिकल माइट जैसे प्रमुख कीट तथा जीवाणु जनित झुलसा, ब्लास्ट एवं शीथ ब्लाइट जैसे रोग फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को फसल की नियमित निगरानी कर प्रारंभिक अवस्था में ही कीट एवं रोग की पहचान करने की सलाह दी है।
तना छेदक की पहचान डेड हार्ट एवं व्हाइट ईयर के लक्षणों से की जा सकती है। प्रारंभिक प्रकोप में प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत + साइपरमेथ्रिन 4 प्रतिशत ईसी 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ तथा अधिक प्रकोप की स्थिति में क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 9.3 प्रतिशत + लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 4.6 प्रतिशत जेडसी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
पत्ती लपेटक पत्तियों के मुडऩे तथा पत्तियों पर सफेद धारियां दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है। रासायनिक नियंत्रण के लिए प्रोफेनोफॉस 40 प्रतिशत + साइपरमेथ्रिन 4 प्रतिशत ईसी 400 मिलीलीटर प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
भूरा माहू पौधों के निचले हिस्से में कीटों का समूह दिखाई देता है तथा अधिक प्रकोप में हॉपर बर्न के कारण पौधे गोलाकार क्षेत्र में सूखने लगते हैं। नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 17.8 प्रतिशत एससी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ अथवा डाइनोटेफ्यूरान 10 प्रतिशत + पाइमेट्रोजीन 40 प्रतिशत डब्ल्यूजी 100 ग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
गंधी बग दूधिया अवस्था में यह दानों का रस चूसकर दानों को अधभरा, खोखला या खराब कर सकता है। आवश्यकता पडऩे पर लैम्ब्डा-साइहेलोथ्रिन 5 प्रतिशत ईसी 100 मिलीलीटर प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
पैनिकल माइट बालियां निकलने के आसपास इसका प्रकोप होने पर दाने अधभरे, बदरंग या चोकर जैसे हो सकते हैं। प्रस्तुति के अनुसार देर से कल्ले निकलने की अवस्था में डायफेन्थियूरॉन 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 1-2 ग्राम प्रति लीटर पानी $+प्रोपिकोनाजोल 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी का छिड़काव किया जा सकता है।
जीवाणु जनित झुलसा पत्तियों के किनारे या सिरे से पीले एवं पानी से भीगे हुए धब्बे दिखाई देना इसका प्रमुख लक्षण है। नियंत्रण के लिए खेत में उचित जल निकास एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन के साथ कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 500 ग्राम प्रति एकड़ + स्ट्रेप्टोमाइसिन सल्फेट 90 प्रतिशत + टेट्रासाइक्लिन हाइड्रोक्लोराइड 10 प्रतिशत एसपी 20 ग्राम प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
ब्लास्ट रोग पत्तियों पर हीरे अथवा नाव के आकार के धब्बे तथा गर्दन ब्लास्ट में बालियों की गर्दन पर भूरा-काला घेरा दिखाई देता है। नियंत्रण के लिए ट्राइसाइक्लाजोल 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी 120 ग्राम प्रति एकड़ का प्रयोग किया जा सकता है।
शीथ ब्लाइट पत्ती की खोल पर अंडाकार एवं अनियमित हरे-धूसर धब्बे दिखाई देते हैं, जो बाद में ऊपर की पत्तियों तक फैल सकते हैं। रासायनिक नियंत्रण के लिए हेक्साकोनाजोल 5 प्रतिशत एससी 350 मिलीलीटर प्रति एकड़ का उल्लेख किया गया है।
कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी राजनांदगांव द्वारा रासायनिक दवाओं का प्रयोग केवल आवश्यकता एवं अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही करने तथा कीट एवं रोग की सही पहचान के बाद ही नियंत्रण उपाय अपनाएं तथा अनावश्यक एवं बार-बार कीटनाशकों के प्रयोग बचने की सलाह दी गई है। संतुलित उर्वरक उपयोग, उचित जल प्रबंधन, खेत की नियमित निगरानी एवं समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन को अपनाकर फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
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आईटीआई राजनांदगांव में कैम्पस प्लेसमेंट 23 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था राजनांदगांव में 23 सितम्बर 2026 को सुबह 10 बजे से बॉक्स हाइटेक इंजीनियरिंग भिलाई जिला दुर्ग द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन किया गया है। वर्ष 2020 से 2026 तक विद्युतकार, फिटर, वेल्डर एवं मैकेनिक डीजल में आईटीआई उत्तीर्ण 18 वर्ष से 30 वर्ष तक के पुरूष उम्मीद्वार अपने समस्त शैक्षणिक एवं आवश्यक प्रमाण पत्र-10वीं, आईटीआई, आधार कार्ड, पेन कार्ड तथा 5 पोसपोर्ट साईज फोटोग्राम के साथ कैम्पस प्लेसमेंट में शामिल हो सकते है।
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जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने सामान्य पुस्तक परिपत्र में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कैलेण्डर वर्ष 2026 में राजनांदगांव जिले के लिए स्थानीय अवकाश घोषित किया है। जिसके अनुसार 5 सितम्बर 2026 को गोविंदा उत्सव के लिए केवल डोंगरगढ़ तहसील में एवं 25 सितम्बर 2026 को अनंत चतुर्दशी के लिए डोंगरगढ़ तहसील को छोड़कर संपूर्ण जिले में तथा 19 अक्टूबर 2026 को दशहरा (महाअष्ठमी) एवं 11 नवम्बर 2026 को भाई दूज (दीपावली) के लिए संपूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है। घोषित स्थानीय अवकाश बैंकों एवं कोषालयों पर लागू नहीं होगा।
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नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदान करने परीक्षण मापन शिविर 22 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय वयोश्री योजना एवं एडीप योजना अंतर्गत 22 सितम्बर 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में जनपद पंचायत राजनांदगांव एवं नगर पालिक निगम राजनांदगांव के क्षेत्र के दिव्यांजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क जीवन सहायक उपकरण प्रदान करने परीक्षण मापन शिविर का आयोजन किया जाएगा। उप संचालक समाज कल्याण विभाग श्रीमती वैशाली मरडवार ने बताया कि शिविर में भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) द्वारा दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क सहायक उपकरण प्रदान आवश्यक माप लिया जाएगा। उन्होंने पात्र सभी हितग्राहियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में शामिल होने की अपील की है।
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आयुर्वेद दिवस पर नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर 23 सितम्बर को
राजनांदगांव 21 सितम्बर 2026। 11वें आयुर्वेद दिवस पर स्वस्थ्य कल के लिए आयुर्वेद थीम पर 23 सितम्बर 2026 को सुबह 9 बजे से अपरान्ह 2 बजे तक आयुष पॉलीक्लीनिक परिसर दीनदयाल नगर राजनांदगांव में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में महिला विशेषज्ञ चिकित्सक एवं शल्य चिकित्सक, नेत्र रोग चिकित्सक, आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं योग चिकित्सक उपस्थित रहेंगे। शिविर में बीपी, शुगर की जांच की जाएगी तथा उपचार की व्यवस्था रहेगी। एनोरेक्टल (गुदमत) रोगों, पाईल्स फिशर फिस्टुला के मरीजों की विशेष जांच की जाएगी। आयुर्वेद दिवस के अवसर पर आयोजित नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर में अधिक से अधिक नागरिकों को लाभ लेने की अपील की गई है।
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