जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी
बैटरी ट्राइसायकल ने बदली दिनेश की जिंदगी
दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ जिले के नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आमा कुऑ चौक, पुरेना के रहने वाले दिनेश साहू का जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की एक मिसाल है। दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद, दिनेश ने कभी अपनी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। वे अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए एक प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके इरादे जितने बुलंद थे, राह उतनी ही कठिन थी। रोज काम पर आने-जाने में उन्हें भारी शारीरिक कठिनाइयों और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ता था। सफर का हर एक कदम उनके लिए एक चुनौती जैसा था, लेकिन वे हिम्मत हारने वालों में से नहीं थे।
इसी बीच दिनेश को समाज कल्याण विभाग की उस योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी दिव्यांगता के आधार पर आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण देखते हुए उन्होंने बिना देर किए समाज कल्याण विभाग जिला दुर्ग से संपर्क किया। विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह दिन भी आया जिसने दिनेश के जीवन की राह ही बदल दी। ’सुशासन तिहार’ के अवसर पर आयोजित एक विशेष शिविर में ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर के करकमलों से दिनेश साहू को बैटरी चलित ट्राइसायकल प्रदान किया गया। वह पल दिनेश के लिए केवल एक वाहन प्राप्त करने का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का नया पंख पाने जैसा था। बैटरी चलित ट्राइसायकल मिलने के बाद से अब उन्हें अपने काम पर आने-जाने में किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सफर अब तकलीफदेह नहीं, बल्कि सुलभ और सहज हो गया है।
आज दिनेश साहू बेहद खुश और आत्म-संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी योजनाएं और प्रशासनिक संवेदनशीलता सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो वे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती हैं। वे अपनी इस नई आजादी और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया।
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सेवा की कहानी
बैटरी ट्राइसायकल ने बदली दिनेश की जिंदगी
दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ जिले के नगर पालिक निगम रिसाली क्षेत्र अंतर्गत आने वाले आमा कुऑ चौक, पुरेना के रहने वाले दिनेश साहू का जीवन संघर्ष और अदम्य साहस की एक मिसाल है। दोनों पैरों से 80 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद, दिनेश ने कभी अपनी परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके। वे अपने और अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए एक प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनके इरादे जितने बुलंद थे, राह उतनी ही कठिन थी। रोज काम पर आने-जाने में उन्हें भारी शारीरिक कठिनाइयों और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ता था। सफर का हर एक कदम उनके लिए एक चुनौती जैसा था, लेकिन वे हिम्मत हारने वालों में से नहीं थे।
इसी बीच दिनेश को समाज कल्याण विभाग की उस योजना के बारे में जानकारी मिली, जिसके तहत दिव्यांगजनों को उनकी दिव्यांगता के आधार पर आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं। उम्मीद की एक नई किरण देखते हुए उन्होंने बिना देर किए समाज कल्याण विभाग जिला दुर्ग से संपर्क किया। विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वह दिन भी आया जिसने दिनेश के जीवन की राह ही बदल दी। ’सुशासन तिहार’ के अवसर पर आयोजित एक विशेष शिविर में ग्रामीण विधायक श्री ललित चन्द्राकर के करकमलों से दिनेश साहू को बैटरी चलित ट्राइसायकल प्रदान किया गया। वह पल दिनेश के लिए केवल एक वाहन प्राप्त करने का नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का नया पंख पाने जैसा था। बैटरी चलित ट्राइसायकल मिलने के बाद से अब उन्हें अपने काम पर आने-जाने में किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। सफर अब तकलीफदेह नहीं, बल्कि सुलभ और सहज हो गया है।
आज दिनेश साहू बेहद खुश और आत्म-संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी योजनाएं और प्रशासनिक संवेदनशीलता सही समय पर जरूरतमंदों तक पहुँचती हैं, तो वे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती हैं। वे अपनी इस नई आजादी और सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और समाज कल्याण विभाग का आभार व्यक्त किया।
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भिलाई निवासी राहुल कुमार रसिया को मिला एक ही दिन में आय प्रमाण पत्र
दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ आय प्रमाण पत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज है, जिसकी आवश्यकता नागरिकों को कई आवश्यक सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पड़ती है। चाहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का आवेदन करना हो, शासकीय योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाना हो, अस्पतालों में रियायती इलाज की सुविधा लेनी हो या शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पाना हो। आय प्रमाण पत्र हर जगह प्राथमिक आधार के रूप में मांगा जाता है।
भिलाई-3 निवासी राहुल कुमार रसिया को भी अपने ऐसे ही एक महत्वपूर्ण कार्य के लिए आय प्रमाण पत्र की तत्काल आवश्यकता थी। 21 सितंबर 2026 को राहुल ने सेवा सेतु केंद्र पहुंचकर अपना आवेदन प्रस्तुत किया। वहाँ मौजूद सेवा सेतु प्रबंधक ने पूरी प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन किया और आवेदन को तुरंत दर्ज किया। ई-गवर्नेंस और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण तब देखने को मिला जब उसी दिन 21 सितंबर 2026 को आय प्रमाण पत्र स्वीकृत होकर अनुमोदित भी हो गया।
एक ही दिन में बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर राहुल कुमार रसिया ने अत्यंत खुशी व्यक्त की। राहुल ने कहा सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आम जनता को बिना किसी भटकाव के समय पर सेवाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन व सेवा सेतु केंद्र प्रबंधक का हृदय से धन्यवाद दिया।
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दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ आय प्रमाण पत्र एक अत्यंत महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज है, जिसकी आवश्यकता नागरिकों को कई आवश्यक सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए पड़ती है। चाहे छात्रों के लिए छात्रवृत्ति का आवेदन करना हो, शासकीय योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठाना हो, अस्पतालों में रियायती इलाज की सुविधा लेनी हो या शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पाना हो। आय प्रमाण पत्र हर जगह प्राथमिक आधार के रूप में मांगा जाता है।
भिलाई-3 निवासी राहुल कुमार रसिया को भी अपने ऐसे ही एक महत्वपूर्ण कार्य के लिए आय प्रमाण पत्र की तत्काल आवश्यकता थी। 21 सितंबर 2026 को राहुल ने सेवा सेतु केंद्र पहुंचकर अपना आवेदन प्रस्तुत किया। वहाँ मौजूद सेवा सेतु प्रबंधक ने पूरी प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन किया और आवेदन को तुरंत दर्ज किया। ई-गवर्नेंस और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण तब देखने को मिला जब उसी दिन 21 सितंबर 2026 को आय प्रमाण पत्र स्वीकृत होकर अनुमोदित भी हो गया।
एक ही दिन में बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर राहुल कुमार रसिया ने अत्यंत खुशी व्यक्त की। राहुल ने कहा सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से आम जनता को बिना किसी भटकाव के समय पर सेवाएं प्राप्त हो रही है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन व सेवा सेतु केंद्र प्रबंधक का हृदय से धन्यवाद दिया।
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पाटन क्षेत्र के वृद्धजन सोमनाथ आड़िल को मिली पेंशन की सौगात, सेवा संकल्प अभियान से संवर रहा जीवन
दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ केन्द्र व राज्य शासन सेवा के संकल्प के साथ आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत् है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। जिनमें से एक है, पाटन जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कसही निवासी श्री सोमनाथ आड़िल (पितारू श्री दूजराम)। इनके जीवन में भी इस संकल्प के जरिए एक नया सबेरा आया है। श्री सोमनाथ आड़िल वृद्धावस्था के पड़ाव में आर्थिक सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत थे। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी मंशा के अनुरूप वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु अपना आवेदन प्रस्तुत किया। सचिव द्वारा 2002-03 की बी.पी.एल. सर्वे सूची का सूक्ष्म अवलोकन किया गया। जांच के दौरान श्री सोमनाथ के परिवार का नाम गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज पाया गया। पात्रता सिद्ध होते ही पंचायत प्रशासन ने बिना किसी विलंब के राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत उनका विधिवत फॉर्म भरवाकर स्वीकृति हेतु प्रक्रिया पूरी कराई और आवेदन स्वीकृत होने के साथ ही श्री सोमनाथ आड़िल को प्रतिमाह ₹500.00 की पेंशन राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रारंभ कर दिया गया है। अब उन्हें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और दवाओं के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। योजना का नियमित लाभ मिलने से गदगद श्री सोमनाथ आड़िल ने सेवा स्वरूप प्राप्त सहायता राशि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राप्त राशि के लिए केन्द्र व राज्य शासन के प्रति सहदय आभार व्यक्त किया।
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दुर्ग, 29 सितंबर 2026/ केन्द्र व राज्य शासन सेवा के संकल्प के साथ आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर कार्यरत् है। इसका सीधा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। जिनमें से एक है, पाटन जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत कसही निवासी श्री सोमनाथ आड़िल (पितारू श्री दूजराम)। इनके जीवन में भी इस संकल्प के जरिए एक नया सबेरा आया है। श्री सोमनाथ आड़िल वृद्धावस्था के पड़ाव में आर्थिक सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत थे। उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी मंशा के अनुरूप वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु अपना आवेदन प्रस्तुत किया। सचिव द्वारा 2002-03 की बी.पी.एल. सर्वे सूची का सूक्ष्म अवलोकन किया गया। जांच के दौरान श्री सोमनाथ के परिवार का नाम गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज पाया गया। पात्रता सिद्ध होते ही पंचायत प्रशासन ने बिना किसी विलंब के राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत उनका विधिवत फॉर्म भरवाकर स्वीकृति हेतु प्रक्रिया पूरी कराई और आवेदन स्वीकृत होने के साथ ही श्री सोमनाथ आड़िल को प्रतिमाह ₹500.00 की पेंशन राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से प्रारंभ कर दिया गया है। अब उन्हें अपनी छोटी-मोटी जरूरतों और दवाओं के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। योजना का नियमित लाभ मिलने से गदगद श्री सोमनाथ आड़िल ने सेवा स्वरूप प्राप्त सहायता राशि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्राप्त राशि के लिए केन्द्र व राज्य शासन के प्रति सहदय आभार व्यक्त किया।
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