जिला जनसंपर्क कार्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
समाचार
सेवा की कहानी
कच्चे मकान की बाड़ी में सोलर पैनल लगाकर ग्राम कुहीखुर्द के वासुदेव साहू ने पेश की मिसाल
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ाया कदम, बिजली बिल में मिलेगी राहत
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ग्रामीण परिवारों द्वारा निरंतर पहल की जा रही है। योजना से प्रेरित होकर छुरिया विकासखंड के ग्राम कुहीखुर्द निवासी श्री वासुदेव साहू ने अपने कच्चे मकान की बाड़ी में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्री वासुदेव साहू कृषि कार्य से जुड़े हैं। उनके मकान की छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त नहीं थी। ऐसे में उन्होंने घर की बाड़ी में उपलब्ध खाली एवं उपयुक्त स्थान का उपयोग करते हुए सोलर पैनल स्थापित कराया। उनकी यह पहल बताती है कि सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए केवल पक्के मकान की छत ही जरूरी नहीं है, बल्कि तकनीकी रूप से उपयुक्त सुरक्षित स्थान उपलब्ध होने पर परिसर की अन्य जगह का भी उपयोग किया जा सकता है।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत में आयोजित सूर्य सभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सौर ऊर्जा के लाभों को समझा और अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल अधिक आता था। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उन्हें बिजली बिल में राहत मिलेगी और घर की बिजली जरूरतों के लिए प्राकृतिक एवं स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन से वे विद्युत विभाग को ग्रिड में भेजकर अतिरिक्त आय अर्जित करेंगे।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर उन्हें केंद्र शासन की ओर से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन की ओर से 30 हजार रूपए की सब्सिडी का लाभ प्राप्त होगा। शासन की ओर से मिल रही इस आर्थिक सहायता से सौर ऊर्जा को अपनाना उनके लिए और अधिक आसान हुआ है। श्री वासुदेव साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने से आम नागरिक भी नई तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल से बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। श्री वासुदेव साहू की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और जनभागीदारी का उदाहरण है। कच्चे मकान के बावजूद उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग कर सोलर पैनल स्थापित करना यह संदेश देता है कि जहां इच्छा और पहल हो, वहां स्वच्छ ऊर्जा का रास्ता निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ऐसे प्रयास ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
क्रमांक 124 -----------------
सेवा की कहानी
- सोलर आधारित नलजल योजना से बदली खेड़ेपार की तस्वीर
- जल जीवन मिशन ने साकार किया हर घर जल का सपना
- ग्रामीणों को मिली स्वच्छ पेयजल की सुविधा
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। जल जीवन मिशन के तहत छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम पंचायत बेंदाड़ी के आश्रित ग्राम खेड़ेपार में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से गांव की तस्वीर बदली है। जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल ग्राम खेड़ेपार में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। कभी कुएं, हैंडपंप, नाले और दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के घरों में अब नल से नियमित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत नलजल प्रदाय योजना आने से पहले गांव में घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों के सूखने से पानी की समस्या और बढ़ जाती थी। ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी, जिसमें समय भी बहुत लगता है। साथ ही जल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम खेड़ेपार को जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना से जोड़ा गया। योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और 10 हजार लीटर क्षमता के सोलर टैंक का निर्माण किया गया। ग्रामीणों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा के लिए प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया। गांव में जल एवं स्वच्छता समिति का गठन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा नलजल योजना के रख-रखाव के प्रति जागरूक किया गया।
हर घर नल कनेक्शन मिलने के बाद ग्राम खेड़ेपार के ग्रामीणों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों तक नहीं जाना पड़ता। ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों को भी पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है। जिससे बच्चे पढ़ाई और महिलाएं अन्य आर्थिक गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण, पानी के सदुपयोग और नलजल व्यवस्था के रख-रखाव की जिम्मेदारी निभा रहे है। नल के माध्यम से घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से ग्राम के प्रत्येक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 125 -----------------
सेवा की कहानी
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मत्स्य पालन को मिला रहा बढ़ावा
- मत्स्य पालक श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया की आय में हुई वृद्धि
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक अपनाने और कम भूमि एवं पानी में अधिक मत्स्य उत्पादन करने में सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाइनर निर्माण कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धर्मापुर की श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने आधुनिक मत्स्य पालन की दिशा में कदम बढ़ाया। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाईनर निर्माण की 2 इकाइयों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना की इकाई लागत 14 लाख रूपए आयी तथा योजना अंतर्गत 16 लाख 80 हजार रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य पालन करने पर कम भूमि एवं पानी में अधिक घनत्व के साथ मछली पालन संभव हुआ। उन्होंने बताया कि पारंपरिक तालाबों की तुलना में पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य उत्पादन में बेहतर प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा कम समय में मछलियों की वृद्धि हुई है। इस परियोजना में मत्स्य उत्पादन पर 6 लाख रूपए का व्यय हुआ तथा विक्रय से 5 लाख रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। शासकीय अनुदान और आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन एक लाभकारी व्यवसाय बन रहा है। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 126 -----------------
ग्राम पारागांव खुर्द, पार्रीकला, तेलीनबांधा, परमालकसा, पदुमतरा, बनभेड़ी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का हुआ आयोजन
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एसओपी अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों के वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में मोबाईल कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। मोबाईल कैम्प के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा पात्र आवेदक को योजनाओं से लाभान्वित करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे है। इसी क्रम में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पारागांव खुर्द, छुरिया विकासखंड के ग्राम पार्रीकला एवं तेलीनबांधा, राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम परमालकसा एवं पदुमतरा, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बनभेड़ी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का आयोजन किया गया। इन मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर में 510 श्रमिक उपस्थित हुए। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत 97 श्रमिकों का पंजीयन हेतु आवेदन किया गया। शिविर में 27 वैधता अवधि समाप्त होने वाले श्रमिक पंजीयन का नवीनीकरण आवेदन किया गया एवं 9 हितग्राहियों के संशोधन एवं 12 योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। शिविर में ई-श्रम साथी एप के माध्यम से 5 रजिस्ट्रेशन एवं 109 श्रमिकों का ई-केवायसी सत्यापन किया गया। शिविर में 220 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई एवं ब्रोसर का वितरण किया गया। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों से जिले में आयोजित मोबाईल कैम्पों में शामिल होकर नवीन श्रमिक पंजीयन एवं श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। मोबाईल कैम्पों में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
क्रमांक 127 -----------------
आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने दैवीय विपत्तियों के संबंध में राहत मद अंतर्गत जिले के आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से एक मकान पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 20 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तूफान से 6 मकान आंशिक क्षति होने पर 24 हजार रूपए तथा डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से एक पशुकोठा आंशिक क्षति होने पर 22 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तूफान से 5 मकान आंशिक क्षति होने पर 20 हजार रूपए, आग से एक मकान पूर्णत: क्षति होने पर 12 हजार रूपए, आग से एक पक्का मकान की आंशिक क्षति होने पर 6500 रूपए, तालाब के पानी में डूबने से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, कुआ के पानी में डूबने से 2 जनहानि होने पर 8 लाख रूपए आपदा प्रभावितों एवं उनके आश्रितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
क्रमांक 128 -----------------
समाचार
सेवा की कहानी
कच्चे मकान की बाड़ी में सोलर पैनल लगाकर ग्राम कुहीखुर्द के वासुदेव साहू ने पेश की मिसाल
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ाया कदम, बिजली बिल में मिलेगी राहत
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से जिले में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में ग्रामीण परिवारों द्वारा निरंतर पहल की जा रही है। योजना से प्रेरित होकर छुरिया विकासखंड के ग्राम कुहीखुर्द निवासी श्री वासुदेव साहू ने अपने कच्चे मकान की बाड़ी में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित कराकर स्वच्छ ऊर्जा की ओर महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। श्री वासुदेव साहू कृषि कार्य से जुड़े हैं। उनके मकान की छत सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त नहीं थी। ऐसे में उन्होंने घर की बाड़ी में उपलब्ध खाली एवं उपयुक्त स्थान का उपयोग करते हुए सोलर पैनल स्थापित कराया। उनकी यह पहल बताती है कि सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए केवल पक्के मकान की छत ही जरूरी नहीं है, बल्कि तकनीकी रूप से उपयुक्त सुरक्षित स्थान उपलब्ध होने पर परिसर की अन्य जगह का भी उपयोग किया जा सकता है।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत में आयोजित सूर्य सभा के माध्यम से उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी मिली। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने सौर ऊर्जा के लाभों को समझा और अपने घर में 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल अधिक आता था। सोलर पैनल स्थापित होने के बाद उन्हें बिजली बिल में राहत मिलेगी और घर की बिजली जरूरतों के लिए प्राकृतिक एवं स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग हो सकेगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही अतिरिक्त बिजली उत्पादन से वे विद्युत विभाग को ग्रिड में भेजकर अतिरिक्त आय अर्जित करेंगे।
श्री वासुदेव साहू ने बताया कि 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करने पर उन्हें केंद्र शासन की ओर से 78 हजार रूपए तथा राज्य शासन की ओर से 30 हजार रूपए की सब्सिडी का लाभ प्राप्त होगा। शासन की ओर से मिल रही इस आर्थिक सहायता से सौर ऊर्जा को अपनाना उनके लिए और अधिक आसान हुआ है। श्री वासुदेव साहू ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचने से आम नागरिक भी नई तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोलर पैनल से बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देने का अवसर मिल रहा है। श्री वासुदेव साहू की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता और जनभागीदारी का उदाहरण है। कच्चे मकान के बावजूद उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग कर सोलर पैनल स्थापित करना यह संदेश देता है कि जहां इच्छा और पहल हो, वहां स्वच्छ ऊर्जा का रास्ता निकाला जा सकता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ऐसे प्रयास ग्रामीण परिवारों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
क्रमांक 124 -----------------
सेवा की कहानी
- सोलर आधारित नलजल योजना से बदली खेड़ेपार की तस्वीर
- जल जीवन मिशन ने साकार किया हर घर जल का सपना
- ग्रामीणों को मिली स्वच्छ पेयजल की सुविधा
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। जल जीवन मिशन के तहत छुरिया विकासखंड के दूरस्थ वनांचल ग्राम पंचायत बेंदाड़ी के आश्रित ग्राम खेड़ेपार में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से गांव की तस्वीर बदली है। जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। वनांचल ग्राम खेड़ेपार में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंच रहा है। कभी कुएं, हैंडपंप, नाले और दूरस्थ जलस्रोतों पर निर्भर रहने वाले ग्रामीणों के घरों में अब नल से नियमित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
जल जीवन मिशन अंतर्गत नलजल प्रदाय योजना आने से पहले गांव में घर-घर नल कनेक्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ग्रामीणों को अपनी दैनिक जरूरतों के लिए कुएं, हैंडपंप, तालाब एवं अन्य जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। गर्मी के दिनों में जलस्रोतों के सूखने से पानी की समस्या और बढ़ जाती थी। ग्रामीण महिलाओं को दूर से पानी लाने में काफी मेहनत करनी पड़ती थी, जिसमें समय भी बहुत लगता है। साथ ही जल की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। ग्रामीणों की इस समस्या के समाधान के लिए ग्राम खेड़ेपार को जल जीवन मिशन अंतर्गत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना से जोड़ा गया। योजना के तहत गांव में पाइपलाइन बिछाई गई और 10 हजार लीटर क्षमता के सोलर टैंक का निर्माण किया गया। ग्रामीणों को घर पर ही स्वच्छ पेयजल की सुविधा के लिए प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन पहुंचाया गया। गांव में जल एवं स्वच्छता समिति का गठन कर ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छ पेयजल के उपयोग तथा नलजल योजना के रख-रखाव के प्रति जागरूक किया गया।
हर घर नल कनेक्शन मिलने के बाद ग्राम खेड़ेपार के ग्रामीणों के दैनिक जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आया है। अब ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दराज के जलस्रोतों तक नहीं जाना पड़ता। ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों को भी पानी लाने की जिम्मेदारी से राहत मिली है। जिससे बच्चे पढ़ाई और महिलाएं अन्य आर्थिक गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीणों ने योजना के कार्यों में सहयोग देने के साथ ही जलस्रोतों के संरक्षण, पानी के सदुपयोग और नलजल व्यवस्था के रख-रखाव की जिम्मेदारी निभा रहे है। नल के माध्यम से घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हुआ है। ग्रामीणों ने जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित नलजल प्रदाय योजना के माध्यम से ग्राम के प्रत्येक घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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सेवा की कहानी
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मत्स्य पालन को मिला रहा बढ़ावा
- मत्स्य पालक श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया की आय में हुई वृद्धि
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना मत्स्य पालन को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक अपनाने और कम भूमि एवं पानी में अधिक मत्स्य उत्पादन करने में सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाइनर निर्माण कर राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम धर्मापुर की श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने आधुनिक मत्स्य पालन की दिशा में कदम बढ़ाया। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत पॉण्ड लाईनर निर्माण की 2 इकाइयों के माध्यम से मत्स्य उत्पादन का कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना की इकाई लागत 14 लाख रूपए आयी तथा योजना अंतर्गत 16 लाख 80 हजार रूपए का अनुदान प्राप्त हुआ। पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य पालन करने पर कम भूमि एवं पानी में अधिक घनत्व के साथ मछली पालन संभव हुआ। उन्होंने बताया कि पारंपरिक तालाबों की तुलना में पॉण्ड लाइनर तकनीक से मत्स्य उत्पादन में बेहतर प्रबंधन, रोग नियंत्रण तथा कम समय में मछलियों की वृद्धि हुई है। इस परियोजना में मत्स्य उत्पादन पर 6 लाख रूपए का व्यय हुआ तथा विक्रय से 5 लाख रूपए का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। शासकीय अनुदान और आधुनिक तकनीक से मत्स्य पालन एक लाभकारी व्यवसाय बन रहा है। श्रीमती सुखविंदर कौर भाटिया ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्रमांक 126 -----------------
ग्राम पारागांव खुर्द, पार्रीकला, तेलीनबांधा, परमालकसा, पदुमतरा, बनभेड़ी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का हुआ आयोजन
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए एसओपी अंतर्गत जिले के नगरीय निकायों के वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में मोबाईल कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। मोबाईल कैम्प के माध्यम से श्रमिकों के कल्याण के लिए चलाए जा रहे शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा पात्र आवेदक को योजनाओं से लाभान्वित करने आवेदन प्राप्त किए जा रहे है। इसी क्रम में डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पारागांव खुर्द, छुरिया विकासखंड के ग्राम पार्रीकला एवं तेलीनबांधा, राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम परमालकसा एवं पदुमतरा, डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बनभेड़ी में मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर का आयोजन किया गया। इन मोबाईल कैम्प एवं ई-केवायसी शिविर में 510 श्रमिक उपस्थित हुए। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत तथा छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत 97 श्रमिकों का पंजीयन हेतु आवेदन किया गया। शिविर में 27 वैधता अवधि समाप्त होने वाले श्रमिक पंजीयन का नवीनीकरण आवेदन किया गया एवं 9 हितग्राहियों के संशोधन एवं 12 योजनाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए गए। शिविर में ई-श्रम साथी एप के माध्यम से 5 रजिस्ट्रेशन एवं 109 श्रमिकों का ई-केवायसी सत्यापन किया गया। शिविर में 220 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित जानकारी दी गई एवं ब्रोसर का वितरण किया गया। सहायक श्रमायुक्त ने श्रमिकों से जिले में आयोजित मोबाईल कैम्पों में शामिल होकर नवीन श्रमिक पंजीयन एवं श्रमिक पंजीयन नवीनीकरण कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है। मोबाईल कैम्पों में श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत
राजनांदगांव 22 सितम्बर 2026। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने दैवीय विपत्तियों के संबंध में राहत मद अंतर्गत जिले के आपदा प्रभावितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। इसके अंतर्गत राजनांदगांव तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से एक मकान पूर्णत: क्षति होने पर 1 लाख 20 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तूफान से 6 मकान आंशिक क्षति होने पर 24 हजार रूपए तथा डोंगरगढ़ तहसील अंतर्गत अतिवृष्टि व आंधी तूफान से एक पशुकोठा आंशिक क्षति होने पर 22 हजार रूपए, अतिवृष्टि व आंधी तूफान से 5 मकान आंशिक क्षति होने पर 20 हजार रूपए, आग से एक मकान पूर्णत: क्षति होने पर 12 हजार रूपए, आग से एक पक्का मकान की आंशिक क्षति होने पर 6500 रूपए, तालाब के पानी में डूबने से एक जनहानि होने पर 4 लाख रूपए, कुआ के पानी में डूबने से 2 जनहानि होने पर 8 लाख रूपए आपदा प्रभावितों एवं उनके आश्रितों को सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
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