भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग का फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है. गोल्ड के लिए हुए फाइनल मुकाबले में उन्होंने दक्षिण कोरिया के मुक्केबाज किम मिनसॉन्ग को 4-0 से हराया. ये भारत का एशियन गेम्स 2026 में 14वां गोल्ड था, जिसके एक मिनट बाद ही सुजीत ने भारत को 15वां गोल्ड भी जीता दिया.
26 वर्षीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने फाइनल में कोरियाई बॉक्सर को एकतरफा मुकाबले में हराया. उन्होंने सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलिद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया था, जो 75kg वर्ग के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन हैं.
अंकुश रचा इतिहास
अंकुश पंघाल 2018 एशियन गेम्स के बाद से एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए. उनसे पहले मुक्केबाजी में आखिरी मेडल अमित पंघाल ने 2018 में जीता था.
अंकुश पंघाल के बारे में
अंकुश पंघाल हरियाणा के हिसार से आते हैं. उनका जन्म 13 अगस्त, 2005 को किसान परिवार में हुआ था. उनके पिता कबड्डी प्लेयर थे और अंकुश भी पहले कबड्डी ही खेलते थे. अंकुश ने कबड्डी में जिला स्तर पर गोल्ड भी जीता था, लेकिन अपने पिता के कहने पर ही वह बॉक्सिंग में आए.
उन्होंने 11 साल की उम्र में बॉक्सिंग शुरू की, वह ट्रेनिंग के लिए अपने गांव से 15 किलोमीटर दूर जाते थे. उनके पिता ही उन्हें लाने और छोड़ने जाते थे. उनको लेकर कहा जाता है कि 2018 में स्टेट चैंपियनशिप का फाइनल हरने के बाअद वह बॉक्सिंग भी छोड़ना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ने उन्हें ऐसा नहीं करने के लिए मना लिया था. यूं कह सकते हैं कि आज अंकुश ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है, और इसमें उनके पिता की भी बराबर की मेहनत है.
1 मिनट में 2 गोल्ड!
अंकुश ने जो मेडल जीता वो एशियन गेम्स 2026 में भारत का 14वां गोल्ड था, ये करीब दोपहर 3 बजकर 11 मिनट में उन्होंने जीता और 3 बजकर 12 मिनट में भारत के कुल गोल्ड की संख्या 15 हो गई. सुजीत कलकल ने जारी संस्करण में कुश्ती में भारत को पहला गोल्ड दिलाया. उन्होंने फाइनल में अब्दुलमाजिद कुडियेव को 10-9 से हराया.