जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब जरूरी दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
- लोक सेवा गारंटी के दायरे में आई माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं, तय समय-सीमा में होंगे विद्यार्थियों के काम
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज समय पर मिल सकें, इसे लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पहल की है। मंत्री के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यार्थियों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। दस्तावेज के अनुसार इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा भी तय की गई है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित है। वहीं उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान दें, उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में अपना समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ने का उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को उनके जरूरी कार्यों के लिए स्पष्ट व्यवस्था मिले और अनावश्यक विलंब की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर परीक्षा और उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर सुविधाजनक एवं पारदर्शी व्यवस्था मिले। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित सेवाओं को समयबद्ध किए जाने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र अथवा उत्तर पुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से इन कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश पर विद्यार्थियों को बड़ी राहत, अब जरूरी दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
- लोक सेवा गारंटी के दायरे में आई माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं, तय समय-सीमा में होंगे विद्यार्थियों के काम
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े कार्यों के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज समय पर मिल सकें, इसे लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने पहल की है। मंत्री के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समयबद्ध किए जाने की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यार्थियों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की समस्या से राहत मिलेगी।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया और समय-सीमा के भीतर उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। दस्तावेज के अनुसार इन सेवाओं के लिए निर्धारित समय-सीमा भी तय की गई है। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित है। वहीं उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी से संबंधित सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए समय पर दस्तावेज उपलब्ध होना जरूरी है। ऐसे में विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि हमारी कोशिश है कि विद्यार्थी पढ़ाई और अपने भविष्य पर ध्यान दें, उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में अपना समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े। लोक सेवा गारंटी के माध्यम से सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ने का उद्देश्य यही है कि विद्यार्थियों को उनके जरूरी कार्यों के लिए स्पष्ट व्यवस्था मिले और अनावश्यक विलंब की स्थिति न बने। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। स्कूल शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को स्कूल से लेकर परीक्षा और उच्च शिक्षा तक हर स्तर पर सुविधाजनक एवं पारदर्शी व्यवस्था मिले। इसी क्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित सेवाओं को समयबद्ध किए जाने से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बड़ी राहत मिलेगी।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम किया जाए और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित किया जाए। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने या परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा, जिन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र अथवा उत्तर पुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा निर्धारित होने से इन कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
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सेवा संकल्प अभियान-
ग्राम बासीन में आंगन मिलन कार्यक्रम में गूंजा पोषण और संस्कार का संदेश
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेक्टर ननकट्ठी, परियोजना दुर्ग ग्रामीण के ग्राम बासीन में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी श्रीमती ऊषा झा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सभापति श्री जितेंद्र यादव, जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा वर्मा, सरपंच श्रीमती चित्ररेखा साहू, उपसरपंच श्री तुकेश्वर देवांगन, पूर्व सरपंच श्री प्रमोद साहू एवं जेवरा मंडल महामंत्री श्री सचिन राजपूत सहित पंचगण एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों ने योजनाओं से प्राप्त राशि के सदुपयोग के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। जिला पंचायत सभापति श्री जितेंद्र यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शासन की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता एवं मितानिन शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा वर्मा ने गोदभराई एवं अन्नप्राशन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की सराहना की। परियोजना अधिकारी श्रीमती उषा झा ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाने की अपील की तथा योजना की जानकारी दी। पर्यवेक्षक श्रीमती चंद्रकला वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी।
कार्यक्रम में चार गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा छह माह की आयु पूर्ण कर चुके चार बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इसके साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के लिए कुर्सी दौड़, रंगोली एवं व्यंजन प्रतियोगिता, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। रेडी-टू-ईट से तैयार पौष्टिक व्यंजनों तथा पौष्टिक थाली का प्रदर्शन भी किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र में अतिथियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में न्यौता भोज का आयोजन किया गया।
कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली माताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों का सम्मान किया गया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तुलेश्वरी बंछोर, आशा बंछोर, अंजनी सोनी, सहायिकाएं मनीषा, नम्रता, मंजुला सहित विभागीय कर्मचारी, मितानिन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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ग्राम बासीन में आंगन मिलन कार्यक्रम में गूंजा पोषण और संस्कार का संदेश
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेक्टर ननकट्ठी, परियोजना दुर्ग ग्रामीण के ग्राम बासीन में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय के निर्देशन एवं परियोजना अधिकारी श्रीमती ऊषा झा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत सभापति श्री जितेंद्र यादव, जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा वर्मा, सरपंच श्रीमती चित्ररेखा साहू, उपसरपंच श्री तुकेश्वर देवांगन, पूर्व सरपंच श्री प्रमोद साहू एवं जेवरा मंडल महामंत्री श्री सचिन राजपूत सहित पंचगण एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों ने योजनाओं से प्राप्त राशि के सदुपयोग के संबंध में अपने अनुभव साझा किए। जिला पंचायत सभापति श्री जितेंद्र यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शासन की योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता एवं मितानिन शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। जनपद सदस्य श्रीमती पूर्णिमा वर्मा ने गोदभराई एवं अन्नप्राशन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की सराहना की। परियोजना अधिकारी श्रीमती उषा झा ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक बालिकाओं के सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाने की अपील की तथा योजना की जानकारी दी। पर्यवेक्षक श्रीमती चंद्रकला वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों को दी।
कार्यक्रम में चार गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा छह माह की आयु पूर्ण कर चुके चार बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इसके साथ ही महिलाओं एवं बच्चों के लिए कुर्सी दौड़, रंगोली एवं व्यंजन प्रतियोगिता, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। रेडी-टू-ईट से तैयार पौष्टिक व्यंजनों तथा पौष्टिक थाली का प्रदर्शन भी किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र में अतिथियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में न्यौता भोज का आयोजन किया गया।
कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली माताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं मितानिनों का सम्मान किया गया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तुलेश्वरी बंछोर, आशा बंछोर, अंजनी सोनी, सहायिकाएं मनीषा, नम्रता, मंजुला सहित विभागीय कर्मचारी, मितानिन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना हेतु 30 अक्टूबर तक आफलाईन आवेदन आमंत्रित
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / छत्तीसगढ़ राज्य के मेधावी एवं निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शिक्षण सत्र 2026-27 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों (जैसे आईआईटी, एम्स, आईआईएम, एनएलयू, एमबीबीएस, एनआईआईटी, आईआईआईटी आदि) में प्रवेश प्राप्त कर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को तात्कालिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग दुर्ग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक का नाम राज्य हेतु अधिसूचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, संबंधित संस्थान में चयन एवं प्रवेश से संबंधित प्रामाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
पात्रता की शर्तें व आय सीमा-
योजना के तहत आवेदक के माता-पिता या पालक की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शासकीय सेवकों के आश्रित इसके पात्र नहीं होंगे, किन्तु चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
आवेदन जमा करने की प्रक्रिया-
पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रपत्र में अपना ऑफलाइन आवेदन 30 अक्टूबर 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, जिला दुर्ग में जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप व विस्तृत नियम-शर्तें जिला दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट (durg.gov.in) तथा एकलव्य पोर्टल (eklavya.cg.nic.in) से डाउनलोड की जा सकती हैं। निर्धारित समय-सीमा के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026 / छत्तीसगढ़ राज्य के मेधावी एवं निम्न आय वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च व्यावसायिक शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना शिक्षण सत्र 2026-27 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों (जैसे आईआईटी, एम्स, आईआईएम, एनएलयू, एमबीबीएस, एनआईआईटी, आईआईआईटी आदि) में प्रवेश प्राप्त कर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को तात्कालिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास विभाग दुर्ग से प्राप्त जानकारी के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है। आवेदक का नाम राज्य हेतु अधिसूचित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में शामिल होना चाहिए। इसके अलावा, संबंधित संस्थान में चयन एवं प्रवेश से संबंधित प्रामाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
पात्रता की शर्तें व आय सीमा-
योजना के तहत आवेदक के माता-पिता या पालक की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। शासकीय सेवकों के आश्रित इसके पात्र नहीं होंगे, किन्तु चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के बच्चों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
आवेदन जमा करने की प्रक्रिया-
पात्र एवं इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रपत्र में अपना ऑफलाइन आवेदन 30 अक्टूबर 2026 तक सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यालय, जिला दुर्ग में जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र का प्रारूप व विस्तृत नियम-शर्तें जिला दुर्ग की आधिकारिक वेबसाइट (durg.gov.in) तथा एकलव्य पोर्टल (eklavya.cg.nic.in) से डाउनलोड की जा सकती हैं। निर्धारित समय-सीमा के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
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मृतक के परिजनों को मिली 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राकृतिक आपदा एवं दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार झझरा नगर नयापारा दुर्ग निवासी पूर्णिमा बाई कौशल की 19 अगस्त 2025 को खेत में कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार ढांचा भवन, कुरूद वी.टी.सी.आई.ई भिलाई निवासी मोहम्मद साहिल अंसारी की 02 जून 2025 को मरोदा डेम नेवई में नहाते समय पानी में डूबने से तथा ग्राम कातरो थाना उतई निवासी चन्द्रकला साहू की 19 अगस्त 2025 को खेत में निदाई करते समय आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हुई थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों (आरबीसी 6-4) के अनुरूप स्व. पूर्णिमा बाई कौशल के पति हेमप्रकाश कौशल को, स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी की माता श्रीमती मैमुल निशा को तथा स्व. चन्द्रकला साहू के पति झुमुक लाल साहू को 4 लाख-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
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दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राकृतिक आपदा एवं दुर्घटनाओं में मृतकों के परिजनों को 04-04 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार झझरा नगर नयापारा दुर्ग निवासी पूर्णिमा बाई कौशल की 19 अगस्त 2025 को खेत में कार्य के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गई थी। इसी प्रकार ढांचा भवन, कुरूद वी.टी.सी.आई.ई भिलाई निवासी मोहम्मद साहिल अंसारी की 02 जून 2025 को मरोदा डेम नेवई में नहाते समय पानी में डूबने से तथा ग्राम कातरो थाना उतई निवासी चन्द्रकला साहू की 19 अगस्त 2025 को खेत में निदाई करते समय आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हुई थी। कलेक्टर द्वारा शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों (आरबीसी 6-4) के अनुरूप स्व. पूर्णिमा बाई कौशल के पति हेमप्रकाश कौशल को, स्व. मोहम्मद साहिल अंसारी की माता श्रीमती मैमुल निशा को तथा स्व. चन्द्रकला साहू के पति झुमुक लाल साहू को 4 लाख-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
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