PRO Durg success story & photo _ 05 October 2026 _ File 02

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी

सेवा सेतु शिविर में मिनटों में मिला मृत्यु प्रमाण पत्र


दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु शिविर आम नागरिकों के लिए शासकीय सेवाएं त्वरित और सहज रूप से उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। शिविर में जरूरतमंद लोगों को विभिन्न प्रमाण पत्र और सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिवपारा, दुर्ग निवासी स्वर्गीय तेज प्रकाश यादव के परिवार को शिविर में सहायता प्राप्त हुई। परिवारजनों ने बताया कि तेज प्रकाश यादव का 25 सितम्बर 2026 को निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बन पाया था। इसी दौरान परिजनों को सेवा सेतु शिविर के आयोजन की जानकारी मिली। उन्होंने शिविर में पहुंचकर मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
शिविर में मौजूद विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आवेदन की जांच कर आवश्यक प्रक्रिया तत्काल पूरी की। अधिकारियों की तत्परता के चलते महज कुछ ही मिनटों में मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर परिजनों को सौंप दिया गया। मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने से परिवार को आवश्यक शासकीय एवं अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में सुविधा मिली। परिजनों ने शिविर में त्वरित सेवा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया। परिजनों ने कहा कि सेवा सेतु शिविर के माध्यम से ‘सरकारी सेवाएं, आपके द्वार’ की भावना को साकार कर रही हैं और नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिल रही है।

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सेवा की कहानी

शासन की सेवा संकल्प ने दूर की निर्मल की खामोशी

-निर्मल को मिला दिव्यांग प्रमाण-पत्र और निःशुल्क डिजिटल कान की मशीन


दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026/ शासन द्वारा संचालित सेवा संकल्प अभियान दिव्यांगजनों के जीवन में भी नया सवेरा लाने का कार्य कर रहा है। इसी क्रम में ग्राम साल्हेखुर्द (विकासखंड धमधा, जिला दुर्ग) के निवासी निर्मल जंघेल (पिता श्री मनराखन) की जिंदगी में एक सुखद बदलाव आया है। निर्मल जंघेल दोनों कानों से श्रवण बाधित हैं। लंबे समय से सुनने में आ रही गंभीर समस्या के कारण वे दूसरों की बातें समझने और अपनी बात कहने में बेहद असहज महसूस करते थे। अभियान के कार्यों के परिणामतः जब उन्हें जानकारी मिली कि शासन द्वारा श्रवण बाधित दिव्यांगों का प्रमाण-पत्र बनाया जाता है, तो उन्होंने समाज कल्याण विभाग दुर्ग से संपर्क किया। विभाग के अधिकारियों ने न केवल उन्हें प्रमाण-पत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया समझाई, बल्कि निःशुल्क कान की मशीन (हेयरिंग एड) उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। तत्पश्चात, जिला चिकित्सालय दुर्ग के माध्यम से निर्मल का परीक्षण कर श्रवण बाधित दिव्यांग प्रमाण-पत्र जारी किया गया और समाज कल्याण विभाग में उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें निःशुल्क सहायक उपकरण (श्रवण यंत्र) प्रदान किया गया। मशीन मिलने के बाद अपनी खुशी व्यक्त करते हुए निर्मल जंघेल ने बताया, "कान की मशीन मिलने से मेरी सालों पुरानी सुनने की समस्या अब पूरी तरह दूर हो गई है। अब मैं किसी की भी बात आसानी से सुनकर उसका जवाब दे पाता हूँ। इस सहायता ने मेरे जीवन को बहुत आसान बना दिया है। मैं शासन के इस संकल्पित सेवा भावना से की गयी मदद के लिए दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।"

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