PRO Durg news & success story & photo _ 14 October 2026 _ File 01

PRO Durg news & success story & photo _ 14 October 2026 _ File 01

जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार

घास भूमि पर अतिक्रमण कर मकान निर्माण की शिकायत, हटाने के आदेश के बावजूद जारी है काम

- ग्राम मेड़ेसरा में शासकीय नाले का रास्ता बदलने की शिकायत, जलभराव से फसलों को नुकसान

- जनदर्शन में प्राप्त हुए 84 आवेदन


दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 84 आवेदन प्राप्त हुए।
इसी कड़ी पाटन तहसील के ग्राम बोदल में घास भूमि पर अतिक्रमण कर मकान निर्माण किए जाने की शिकायत की। ग्रामवासी ने शिकायत कर अतिक्रमण हटाने और निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि घास भूमि के एक हिस्से पर कब्जा कर मकान निर्माण किया जा रहा है। इससे आम रास्ते की चौड़ाई कम होकर लगभग 3.4 मीटर रह गई है, जबकि पहले रास्ता करीब 20 फीट चौड़ा था। दोनों पक्षों के दस्तावेजों और पटवारी प्रतिवेदन के आधार पर अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया था। आदेश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया और निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार पाटन को त्वरित कार्यवाही कर निराकरण करने के निर्देश दिए।
भिलाई के वार्ड क्रमांक 25 स्थित हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में मोबाइल टावर लगाने को लेकर मोहल्लेवासियों ने शिकायत की। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पहले से ही छत पर मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब वहां दोबारा टावर लगाने का काम किया जा रहा है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि उनकी अनुमति के बिना निर्माण कार्य किया जा रहा है। निवासियों ने मोबाइल टावर से निकलने वाले विद्युतचुंबकीय विकिरण के संभावित स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर चिंता जताई। इस पर कलेक्टर ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
ग्राम पंचायत मेड़ेसरा तहसील अहिवारा निवासी ने शासकीय नाले का रास्ता अवैध रूप से बदलने और शासकीय भूमि पर कब्जे की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि पुराने प्राकृतिक नाले का रास्ता बदलकर उसे छोटा कर दिया गया है तथा शेष भूमि पर खेती की जा रही है। इससे बारिश और बाढ़ का पानी खेतों में भरने से फसलों को नुकसान तथा खेतों की मेड़ों का कटाव हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार अहिवारा को मौके का जांच व नाप करवाकर अतिक्रमण पाए जाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।  

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दुर्ग न्यायालय में डिजिटल न्याय की ओर एक और कदम: ई-टिकट और प्रमाणित प्रतिलिपियों की ऑनलाइन प्रक्रिया पर प्रशिक्षण

- तकनीक के माध्यम से न्यायालयीन सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और सुलभ बनाने की पहल


दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ न्यायालय से किसी आदेश या निर्णय की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करना पक्षकारों और अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में दुर्ग न्यायालय में ई-टिकट जनरेशन एवं ई-प्रमाणित प्रतिलिपि (ई-सर्टिफाइड कॉपी) विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़, बिलासपुर की ई-कमेटी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल कर्मचारियों को नई तकनीकी प्रक्रिया से परिचित कराना नहीं, बल्कि न्यायालयीन सेवाओं को इस तरह विकसित करना था कि तकनीक का लाभ अंततः आम नागरिक, पक्षकार और अधिवक्ता तक पहुँचे।

कागजी प्रक्रिया से डिजिटल सुविधा की ओर

कार्यशाला में ई-टिकट तैयार करने की प्रक्रिया, ऑनलाइन सत्यापन तथा प्रमाणित प्रतिलिपि से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। उच्च न्यायालय के तकनीकी विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देते हुए यह समझाया कि डिजिटल प्रणाली का प्रभावी उपयोग न्यायालयीन कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने और प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को सुगम करने में किस प्रकार सहायक हो सकता है। प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि कर्मचारियों को केवल प्रक्रिया की जानकारी देने तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनके व्यावहारिक प्रश्नों और कार्य के दौरान सामने आने वाली तकनीकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

एक सभागार से कई न्यायालयों तक पहुँचा प्रशिक्षण


जिला न्यायालय दुर्ग परिसर स्थित सभागार से जिला न्यायालय एवं कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग के प्रतिलिपि अनुभाग के कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ सहित कुल 15 प्रतिभागियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया। वहीं, पाटन, भिलाई-3 एवं धमधा स्थित बाह्य तालुका न्यायालयों के संबंधित कर्मचारी भी अपने-अपने न्यायालय परिसरों से ऑनलाइन जुड़े। इस व्यवस्था ने प्रशिक्षण को एक स्थान तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग न्यायालयों के कर्मचारियों को एक साझा डिजिटल मंच पर जोड़ने का अवसर दिया। इससे तकनीकी जानकारी के आदान-प्रदान और प्रक्रियाओं की बेहतर समझ विकसित करने में सहायता मिली।

तकनीक का वास्तविक उद्देश्य नागरिक को सुविधा

प्रशिक्षण के दौरान उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (कम्प्यूटरीकरण) / सी.पी.सी. की उपस्थिति में तकनीकी विशेषज्ञों ने कर्मचारियों की व्यावहारिक शंकाओं का समाधान किया। इससे प्रतिभागियों को ई-टिकट जनरेशन और ई-प्रमाणित प्रतिलिपि से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक स्पष्टता से समझने का अवसर मिला। डिजिटल न्याय व्यवस्था की सफलता केवल नई तकनीक अपनाने में नहीं, बल्कि उसके माध्यम से नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने में निहित है। इस दृष्टि से ऐसे प्रशिक्षण न्यायालयीन कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ-साथ प्रतिलिपि संबंधी सेवाओं को अधिक सहज और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।  

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भक्ति के पंडालों में न्याय और जागरूकता का संदेश: नवरात्र में डीएलएसए दुर्ग की अनूठी पहल

- माँ दुर्गा की आराधना के साथ नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाव और बच्चों की शिक्षा के अधिकारों के प्रति किया जागरूक


दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ नवरात्र केवल आस्था, उपासना और शक्ति की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक चेतना, सुरक्षा और जागरूकता का संदेश प्रसारित करने का भी अवसर है। इसी भावना को जनसेवा से जोड़ते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा नवरात्र के अवसर पर आयोजित दुर्गा पूजा पंडालों में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। इस अनूठी पहल के माध्यम से धार्मिक उत्सव में शामिल नागरिकों तक कानून, डिजिटल सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ पहुँचाई गई।
यह पहल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में संचालित की गई। इसका उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना तथा ऐसे सार्वजनिक आयोजनों को जनहितकारी संदेशों के प्रसार का माध्यम बनाना रहा।
आस्था के साथ जागरूकता का संगम
नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों में बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएँ, युवा और परिवार एकत्रित होते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने इस जनसहभागिता को विधिक जागरूकता से जोड़ते हुए लोगों के बीच पहुँचकर सरल भाषा में उपयोगी कानूनी जानकारियाँ साझा की। इन शिविरों की विशेषता यह रही कि विधिक साक्षरता को न्यायालय परिसर तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिकों के दैनिक जीवन और सामाजिक सहभागिता के बीच पहुँचाने का प्रयास किया गया। भक्ति के वातावरण में आयोजित इन जागरूकता गतिविधियों ने धार्मिक आयोजन को सामाजिक उत्तरदायित्व और नागरिक चेतना से जोड़ने का संदेश दिया।

साइबर फ्रॉड से बचावः डिजिटल युग में सतर्कता ही सुरक्षा

शिविरों में नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों के प्रति सचेत किया गया। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी साझा करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने तथा डिजिटल माध्यमों से होने वाली अन्य धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। लोगों को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें, संदिग्ध संदेशों और लिंक से सावधान रहें तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से सहायता लेने की दिशा में कदम उठाएँ। इस जागरूकता का उद्देश्य नागरिकों को केवल साइबर अपराध के प्रति सचेत करना ही नहीं, बल्कि उन्हें डिजिटल दुनिया में अधिक सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित करना भी था।

शिक्षा का अधिकार और नाल्सा की नवीन शिक्षा योजना, 2026

कार्यक्रम में बच्चों की शिक्षा और उनके अधिकारों से संबंधित विषयों को भी प्रमुखता दी गई। नागरिकों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की शिक्षा योजना, 2026 के संबंध में जानकारी देते हुए शिक्षा के अधिकार, बच्चों के हितों की सुरक्षा तथा जरूरतमंद पात्र व्यक्तियों तक विधिक सहायता पहुँचाने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत विकास का साधन नहीं, बल्कि एक जागरूक, सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला भी है। बच्चों की शिक्षा से जुड़े अधिकारों और उपलब्ध सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाना सामाजिक उत्तरदायित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

न्याय को नागरिकों के करीब लाने की पहल

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग की यह पहल इस विचार को रेखांकित करती है कि विधिक जागरूकता के लिए नागरिकों को केवल संस्थागत केंद्रों तक आने की प्रतीक्षा करना आवश्यक नहीं है; जनसामान्य जहाँ एकत्रित होता है, वहाँ तक भी कानून और अधिकारों की जानकारी पहुँचाई जा सकती है। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित इन शिविरों ने भक्ति, सामाजिक उत्तरदायित्व और विधिक जागरूकता को एक साझा मंच पर लाने का प्रयास किया। माँ दुर्गा की आराधना के बीच नागरिकों को साइबर सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा के अधिकारों के प्रति जागरूक करने की यह पहल जनहित में कानून को सरल, सुलभ और जीवनोपयोगी बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम है।  

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जनपद पंचायतों में रिक्त संविदा पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी

दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ वीबी जी-राम-जी जिला दुर्ग के जनपद पंचायतों में रिक्त संविदा पदों की पूर्ति किये जाने हेतु जिला पंचायत द्वारा विज्ञापन दिनांक 12 अक्टूबर 2026 जारी करते हुए दिनांक 30 अक्टूबर 2026 तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। जिला पंचायत के सीईओ श्री बी.के. दुबे से प्राप्त जानकारी अनुसार विज्ञापन का विस्तृत अवलोकन दुर्ग जिले के वेब-साईट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडाटाडीयूआरजीडाटइन में अवलोकन किया जा सकता है एवं आवेदन पत्र प्रारूप को डाउनलोड भी किया जा सकता हैं।  

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26 अक्टूबर से 01 नवम्बर 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह
 
दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशानुसार जिले में 26 अक्टूबर से 01 नवंबर 2026 तक सत्यनिष्ठा से समृध्दि प्रोबिटी फॉर प्रोस्पेरिटी थीम पर सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 मनाया जाएगा। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के प्रथम दिवस अर्थात् 26 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे अधिकारियों / कर्मचारियों द्वारा सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा अनुसार शपथ ली जाएगी।  

नागरिकों के लिए सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा-

मेरा मानना है कि भ्रष्टाचार हमारे देश की आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक प्रगति में एक प्रमुख बाधा रहा है। मेरा मानना है कि भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार, नागरिक और निजी क्षेत्र जैसे सभी हितधारकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। मैं समझता / समझती हूँ कि प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहना चाहिए और हर समय ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानको का पालन करना चाहिए तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग देना चाहिए।

इसलिए, मै प्रतिज्ञा करता/करती हूँ -

जीवन के सभी क्षेत्रों में ईमानदारी और कानून के शासन का पालन करना, न तो रिश्वत लेना और न ही रिश्वत देना, सभी कार्यों को ईमानदारी और पारदर्शिता से करना, जनहित में कार्य करना, व्यक्तिगत व्यवहार में सत्यनिष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत करना, भ्रष्टाचार की किसी भी घटना की सूचना उचित एजेंसी को देना।

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी

मुख्यमंत्री सक्षम योजना से कमलेश्वरी यादव के स्वरोजगार को मिली नई मजबूती

- दो लाख के ऋण से डेली नीड्स दुकान को आगे बढ़ाने की दिशा में बढ़ाए कदम


दुर्ग, 14 अक्टूबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री सक्षम योजना से लाभान्वित दुर्ग निवासी श्रीमती कमलेश्वरी यादव भी इसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं। श्रीमती कमलेश्वरी यादव डेली नीड्स की दुकान का संचालन करती हैं। अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने तथा दुकान का विस्तार करने के उद्देश्य से उन्होंने मुख्यमंत्री सक्षम योजना के तहत ’दो लाख का ऋण’ प्राप्त किया है। इस आर्थिक सहायता से उन्हें अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और स्वरोजगार को नई मजबूती देने का अवसर मिला है। कमलेश्वरी यादव का प्रयास है कि उनकी दुकान का व्यवसाय और बेहतर हो तथा वे आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकें। शासन की इस पहल से उन्हें अपने सपनों को साकार करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली है। इस सहयोग के लिए श्रीमती कमलेश्वरी यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है। मुख्यमंत्री सक्षम योजना उनके लिए स्वरोजगार को सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनी है।  

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