भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अक्टूबर-नवंबर (2026) में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली गई 5 मैचों की टी20 सीरीज के जरिए टीम इंडिया में वापसी की. करीब 4 साल के लंबे इंतजार के बाद उन्हें टीम इंडिया में दोबारा मौका मिला था, लेकिन भुवी का कमबैक किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा. वह पूरी तरह से फ्लॉप रहे. भुवनेश्वर की खराब गेंदबाजी से उनके नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया.
5 मैचों की सीरीज में भुवी ने 4 मैच खेले, जिसमें उन्होंने गेंदबाजी करते हुए सिर्फ 1 विकेट अपने नाम किया. हर मैच में उन्होंने 4-4 ओवर पूरे फेंके, यानी 16 ओवर में भुवी को सिर्फ 1 विकेट मिल सका. भारतीय गेंदबाज ने 11.25 की इकॉनमी से सीरीज में 180 रन खर्चे किए, यानी औसत हर ओवर में उन्होंने 11 से ज्यादा रन लुटाए.
टी20 सीरीज में सबसे खराब औसत
180 रन खर्च करने के बाद सिर्फ 1 विकेट लेने वाले भुवनेश्वर कुमार के नाम एक टी20 सीरीज में सबसे खराब बॉलिंग औसत का रिकॉर्ड दर्ज हो गया. उनका औसत 180 का रहा. 2021 में न्यूजीलैंड के काइल जेमिसन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 175 का शर्मनाक औसत दर्ज किया था. अब भुवी उनसे उस शर्मनाक रिकॉर्ड में आगे निकल गए हैं.
अगर आप नहीं जानते हैं कि बॉलिंग औसत क्या होता है? तो आपको बता दें कि गेंदबाज के टोटल खर्च किए गए रनों का लिए गए विकेट से भाग दिया जाता है, तो औसत निकल आता है. जैसे भुवी ने सीरीज में 180 रन खर्च किए और 1 विकेट लिया. लिहाजा उनका बॉलिंग औसत 180 का हुआ. बैटिंग में हर मैच में बनाए गए रनों से औसत निकलता है. फर्क इतना है कि बैटिंग औसत जितना ज्यादा हो उतना अच्छा माना जाता है; लेकिन बॉलिंग में औसत जितना कम हो उतना अच्छा माना जाता है.
क्या टीम इंडिया की अगली सीरीज में भुवी को मिलेगा मौका?
खराब प्रदर्शन के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सिलेक्टर भुवी को अगली टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का हिस्सा बनाते हैं या नहीं.
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