PRO Durg news & success stroy photo _ 12 October 2026 _ File 01

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार

अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री साव


दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026/ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन विभाग, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरूण साव रविवार की रात्रि अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए। महाराजा अग्रसेन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस समारोह में स्कूल शिक्षा, गामोद्योग, विधि एवं विधायी मंत्री श्री गजेन्द्र यादव और सांसद श्री विजय बघेल भी सम्मिलित हुए।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि समाज सेवा अग्र बंधुओं के संस्कार में है। महाराजा अग्रसेन ने समाज को एकता, सहयोग और सेवा का संदेश दिया। उनका जीवन परोप्कार, सद्भाव और समानता की मिसाल है। उनका संदेश सम्पूर्ण मानवता हेतु प्रेरणादायी है। उन्होंने हमेशा सत्य, अहिंसा और समानता को जीवन का मूल मंत्र माना। आज भी अग्रसेन समाज के सिद्धांत सामुहिक सहयोग, न्याय और सामाजिक उत्थान की राह दिखाते है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अग्रसेन महाराज की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए सम्पूर्ण समाज को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने स्मरण कराया कि सामाजिक एकता को मजबूती प्रदान करने महाराजा अग्रसेन ने समाज में एक ईट और एक रूपए की अनूठी परम्परा शुरू की। जिससे समाज में बंधुत्व और समाज की भावना को बढ़ावा मिला। आज भी यह समाज निरंतर अग्रसर है। सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि ईमानदारी से सेवा समाज का धर्म है। यह धारा अविरल चलती रहे, जिससे प्रेरित होकर अन्य समाज भी सेवा की भावना को आत्मसात कर सके। उन्होंने सभी उपस्थित जनों को अग्रसेन जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर अतिथियों ने अग्रवाल समाज अंतर्गत उल्लेखनीय कार्य करने वालों और समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों को समाज की ओर से सम्मानित किया। समारोह में नगर निगम दुर्ग की महापौर श्रीमती अल्का बाघमार, वरिष्ठ नागरिक श्री सुरेन्द्र कौशिक, श्री देवनारायण चन्द्राकर एवं नगर के अन्य गणमान्य नागरिक, अग्रवाल समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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मन की सेहत से डिजिटल सुरक्षा तक: दुर्ग में विद्यार्थियों को मिला अधिकारों, संवेदनशीलता और सुरक्षित भविष्य का संदेश

- विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर डीएलएसए दुर्ग की पहल; न्यायिक मार्गदर्शन से विद्यालयों में मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा के अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता पर जागरूकता


दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026 / स्वस्थ मन, सुरक्षित बचपन और अधिकारों के प्रति जागरूक युवा—एक सशक्त समाज की नींव इन्हीं से बनती है। इसी सोच के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के० विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर के समन्वय में आयोजित इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा के अधिकार, साइबर सुरक्षा और निःशुल्क विधिक सहायता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।
पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में आयोजित शिविर का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपने मन की बात कहने का भरोसा देना, दूसरों की परेशानियों को समझने की संवेदनशीलता विकसित करना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना भी था।
कार्यक्रम में तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री यशवंत कुमार सारथी तथा अष्टम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री पुरुषोत्तम सिंह मरकाम ने विद्यार्थियों से संवाद किया।
मानसिक स्वास्थ्य: चुप्पी नहीं, संवाद है समाधान
विद्यार्थियों को बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। पढ़ाई का दबाव, परीक्षा की चिंता, असफलता का डर और व्यक्तिगत परेशानियां किसी भी विद्यार्थी को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसी स्थितियों में स्वयं को अकेला समझने या परेशानी को छिपाने के बजाय परिवार, मित्रों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति से बात करना और आवश्यकता पड़ने पर योग्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सहायता लेना महत्वपूर्ण है।
मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम, 2017 के प्रमुख प्रावधानों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े अधिकारों और सम्मानजनक व्यवहार के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में NALSA की Legal Services to Persons with Mental Illness & Persons with Intellectual Disabilities Scheme, 2024 के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके माध्यम से मानसिक बीमारी तथा बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों, संरक्षण और निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में समझाया गया।
शिक्षा का अधिकार: हर बच्चे के सपनों तक पहुंचने का रास्ता
जागरूकता सत्र में शिक्षा को केवल विद्यालय तक सीमित विषय न मानकर बच्चों के भविष्य और समान अवसरों से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों को NALSA SHIKSHA SCHEME, 2026 तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के संबंध में जानकारी देकर सरल भाषा में समझाया गया कि शिक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधान बच्चों के अवसरों, समावेशन और शैक्षणिक अधिकारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं।
डिजिटल दुनिया में सतर्कता ही सुरक्षा
ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बीच साइबर सुरक्षा भी जागरूकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रही। विद्यार्थियों को अनजान लिंक, फर्जी संदेश, ऑनलाइन ठगी और ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों का परिचय देते हुए OTP, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी और व्यक्तिगत डिजिटल विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने की समझाइश दी गई।
करियर के संबंध में मार्गदर्शन
शिविर का एक महत्वपूर्ण पक्ष विद्यार्थियों और न्यायाधीशों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी और सामाजिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशगण ने सरल और सहज भाषा में समाधान किया। विद्यार्थियों को करियर निर्माण, शिक्षा, अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास के महत्व पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
एक विद्यालय से पूरे जिले तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
DLSA दुर्ग की इस पहल का दायरा विद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर अध्यक्ष श्री के० विनोद कुजूर के मार्गदर्शन एवं सचिव श्री उमेश कुमार भागवतकर के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा विद्यालय स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम के साथ-साथ जिले के विभिन्न गांवों और जनसामान्य के बीच भी जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, शिक्षा के अधिकार तथा निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाए गए।
इस अभियान में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित विभिन्न आयु वर्गों के लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक परेशानियों के प्रति संवेदनशीलता तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के साथ सहयोगपूर्ण व्यवहार के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही साइबर फ्रॉड से बचाव, शिक्षा के अधिकार, NALSA SHIKSHA SCHEME, 2026 और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारी भी साझा की गई।
नागरिकों को बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे संबंधित विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क कर सकते हैं और निःशुल्क विधिक सहायता के लिए NALSA की हेल्पलाइन 15100 का उपयोग कर सकते हैं।

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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी

महतारी वंदन योजना श्रीमती लेखिका की छोटी-बड़ी ज़रूरतों का बना सशक्त आधार

-लेखिका जी के जीवन में आई आत्मनिर्भरता की नई रोशनी


दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश की महिलाओं के सर्वांगीण विकास, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा के प्रति पूर्ण सेवा भाव से निरंतर कार्य कर रही है। इसी कल्याणकारी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए ’महतारी वंदन योजना’ का संचालन किया जा रहा है। दुर्ग जिले की निवासी लेखिका जी के लिए महतारी वंदन योजना जीवन में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आई है। योजना के अंतर्गत हर माह मिलने वाली 1,000 रुपये की निश्चित आर्थिक सहायता ने उनके जीवन को एक नया आधार और आत्मविश्वास दिया है।
लेखिका जी बताती हैं कि पहले दैनिक जीवन में अपनी या घर की छोटी-मोटी जरूरतों के लिए छोटी राशि के लिए भी उन्हें दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन जब से उनके बैंक खाते में हर महीने महतारी वंदन योजना की राशि सीधे अंतरित हो रही है, तब से परिस्थितियां बदल चुकी हैं। अब वे इस प्राप्त राशि से अपने दैनिक खर्च, घर-परिवार की छोटी-बड़ी आवश्यकताएं, स्वास्थ्य देखभाल और बच्चों की ज़रूरतों को बिना किसी झिझक व परेशानी के आसानी से पूरा कर पा रही हैं। महीने की 1,000 रुपये की यह राशि उनके लिए केवल पैसे नहीं, बल्कि स्वाभिमान का एक मजबूत जरिया बन चुकी है। अपने दैनिक जीवन की ज़रूरतों को खुद पूरा करने की खुशी व्यक्त करते हुए देविका जी कहती हैं कि महतारी वंदन योजना ने महिलाओं को सही मायने में आत्मनिर्भर बनाया है। लेखिका जी ने महिलाओं के कल्याण और सम्मान के लिए समर्पित इस योजना को संवेदनशीलता के साथ लागू करने के लिए़ सरकार और जिला प्रशासन के प्रति सहदय आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं को सशक्त और स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रही है।

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सेवा की कहानी

बकरी पालन से आत्मनिर्भर बनीं किकिरमेटा की ज्योति निषाद, गांव की महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा

- बकरियों की बिक्री से हो रही 20 से 25 हजार रूपए तक की आमदनी


दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026/ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। योजना से जुड़कर जिले की अनेक महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। ग्राम पंचायत किकिरमेटा की श्रीमती ज्योति निषाद जिन्होंने बकरी पालन को आजीविका का साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। ज्योति निषाद पहले सीमित संसाधनों के बीच अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। कम आय के कारण परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। इसी दौरान वे ‘बिहान’ योजना के अंतर्गत जागृति स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं। समूह की बैठकों और आपसी चर्चा के माध्यम से उन्हें स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी मिली। इससे प्रेरित होकर उन्होंने बकरी पालन शुरू करने का निर्णय लिया।
ज्योति निषाद को जागृति स्वयं सहायता समूह और महामाया महिला ग्राम संगठन से जुड़कर आजीविका संबंधी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिला। उन्होंने बकरी पालन के लिए लगभग 15 हजार रूपए से 50 हजार रूपए तक की राशि का निवेश किया। बकरियों के पालन-पोषण और उनकी संख्या बढ़ाने पर ध्यान देते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार किया। पशुपालन विभाग और बिहान योजना से प्राप्त मार्गदर्शन ने भी उनके प्रयासों को आगे बढ़ाने में मदद की। लगातार मेहनत और देखभाल के परिणामस्वरूप ज्योति निषाद के बकरी पालन के कार्य में वृद्धि हुई। आज उन्हें बकरियों की बिक्री से लगभग 20 हजार से 25 हजार तक की आमदनी प्राप्त हो रही है। इस आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने में पहले से अधिक सक्षम हुई हैं। ज्योति निषाद ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, सही मार्गदर्शन और सामूहिक सहयोग से आत्मनिर्भरता की राह बनाई जा सकती है। जागृति स्वयं सहायता समूह और महामाया महिला ग्राम संगठन से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आजीविका को मजबूत किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से महिलाओं को समूहों से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
 
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सेवा की कहानी

कभी अपना घर बनाना था बड़ी चुनौती, प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ अपना घर बनाने का सपना-मनोज यादव


दुर्ग, 12 अक्टूबर 2026 /  गरीबों और जरूरतमंदों के लिए सिर पर छत होना एक बहुत बड़ा सपना होता है, जिसकी तुलना अक्सर लोग बेटी की शादी जैसी बड़ी जिम्मेदारी से करते हैं। वैशाली नगर विधानसभा अंतर्गत इंदिरा नगर वार्ड-16 निवासी मनोज यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले सहयोग से अपने पक्के मकान का सपना सच कर दिखाया है।  
मनोज यादव ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, जिसके चलते खुद का पक्का मकान बनाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना उनके और उनके परिवार के लिए एक बड़ा संबल बनकर आई। इस योजना की मदद से उन्हें अपने घर का निर्माण कराने में आर्थिक सहयोग मिला। अपने पक्के घर के निर्माण पूरा होने पर खुशी जाहिर करते हुए मनोज यादव ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ही आज उनका घर बनने का सपना साकार हो सका है। उन्होंने कहा कि गरीबों की जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा अपने घर को खड़ा करने में ही निकल जाता है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों की इस बड़ी चिंता को समझा और उनके इस सपने को पूरा किया है।  

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