जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
जहाँ विवाद रुकता है, वहीं से संवाद शुरू होता है
मीडिएशन 3.0 को नई गति देने के लिए दुर्ग में मीडिएटर अधिवक्ताओं की विशेष बैठक
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026 / हर विवाद का अंत अदालत के आदेश से ही हो, यह जरूरी नहीं। कई बार एक बातचीत, एक समझ और एक सही समय पर उठाया गया संवाद का कदम, वर्षों से चले आ रहे विवाद को खत्म कर सकता है। इसी सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मीडिएशन 3.0 अब एक ऐसे अभियान के रूप में आगे बढ़ रहा है, जिसका केंद्र केवल केस का निपटारा नहीं, बल्कि लोगों के बीच समाधान की संस्कृति विकसित करना है।
इसी उद्देश्य से माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के मार्गदर्शन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में मीडिएटर अधिवक्ताओं एवं एडवोकेट मीडिएटर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि मीडिएशन 3.0 के माध्यम से अधिक से अधिक विवादों को संवाद, सहमति और मध्यस्थता की राह पर कैसे लाया जाए।
बैठक का मूल संदेश स्पष्ट था "विवाद बढ़ाना नहीं, समाधान तक पहुंचना है।
मीडिएशन 3.0 को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में ऐसे प्रकरणों की पहचान और उन्हें मध्यस्थता के लिए रेफर करने पर फोकस है। इसके बाद संवाद और समझौते की प्रक्रिया होगी और अंतिम चरण में हुए समझौतों के सत्यापन एवं प्रकरणों के समापन की कार्यवाही की जाएगी।
Mediation 3.0 : तीन चरण, एक लक्ष्य
Stage I - Identification & Referral 01 अगस्त से 30 सितंबर 2026
Stage II - Mediation & Settlement 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
Stage III - Settlement, Verification & Closure 01 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026
इन तीनों चरणों का उद्देश्य एक ही है-जहाँ संभव हो, विवाद को संघर्ष से संवाद और मुकदमे से समाधान की ओर ले जाना। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान पक्षकारों को यह जानकारी दी जा रही है कि वे निर्धारित अवधि में मीडिएशन सेंटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग अथवा संबंधित न्यायालय से संपर्क कर मीडिएशन 3.0 का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मध्यस्थता की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसमें समाधान केवल थोपा नहीं जाता, बल्कि पक्षकार स्वयं अपने समाधान का हिस्सा बनते हैं। यही वजह है कि यह प्रक्रिया केवल कानूनी विवाद को समाप्त करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई बार टूटते संबंधों को संवाद का एक और अवसर भी देती है।
दुर्ग में न्याय अब केवल अदालत की दीवारों तक सीमित नहीं
मीडिएशन 3.0 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभिन्न स्तरों पर लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि हर विवाद का समाधान लंबी लड़ाई में नहीं, बल्कि सही समय पर की गई सही बातचीत में भी संभव है।
युवा पीढ़ी की भाषा में कहें तो- "Argument से पहले Conversation, और Conflict से पहले Mediation."
यही विचार मीडिएशन 3.0 को एक अभियान से आगे बढ़ाकर संवाद आधारित न्याय की नई संस्कृति बनाने की दिशा में ले जा रहा है। दुर्ग से उठ रही यह पहल इस संदेश के साथ आगे बढ़ रही है कि न्याय केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि जहां संभव हो वहां पक्षकारों को स्वयं समाधान तक पहुंचने का अवसर देना भी है।
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समाचार
जहाँ विवाद रुकता है, वहीं से संवाद शुरू होता है
मीडिएशन 3.0 को नई गति देने के लिए दुर्ग में मीडिएटर अधिवक्ताओं की विशेष बैठक
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026 / हर विवाद का अंत अदालत के आदेश से ही हो, यह जरूरी नहीं। कई बार एक बातचीत, एक समझ और एक सही समय पर उठाया गया संवाद का कदम, वर्षों से चले आ रहे विवाद को खत्म कर सकता है। इसी सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में मीडिएशन 3.0 अब एक ऐसे अभियान के रूप में आगे बढ़ रहा है, जिसका केंद्र केवल केस का निपटारा नहीं, बल्कि लोगों के बीच समाधान की संस्कृति विकसित करना है।
इसी उद्देश्य से माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दुर्ग के मार्गदर्शन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के सभागार में मीडिएटर अधिवक्ताओं एवं एडवोकेट मीडिएटर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में इस बात पर गहन चर्चा हुई कि मीडिएशन 3.0 के माध्यम से अधिक से अधिक विवादों को संवाद, सहमति और मध्यस्थता की राह पर कैसे लाया जाए।
बैठक का मूल संदेश स्पष्ट था "विवाद बढ़ाना नहीं, समाधान तक पहुंचना है।
मीडिएशन 3.0 को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले चरण में ऐसे प्रकरणों की पहचान और उन्हें मध्यस्थता के लिए रेफर करने पर फोकस है। इसके बाद संवाद और समझौते की प्रक्रिया होगी और अंतिम चरण में हुए समझौतों के सत्यापन एवं प्रकरणों के समापन की कार्यवाही की जाएगी।
Mediation 3.0 : तीन चरण, एक लक्ष्य
Stage I - Identification & Referral 01 अगस्त से 30 सितंबर 2026
Stage II - Mediation & Settlement 01 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026
Stage III - Settlement, Verification & Closure 01 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026
इन तीनों चरणों का उद्देश्य एक ही है-जहाँ संभव हो, विवाद को संघर्ष से संवाद और मुकदमे से समाधान की ओर ले जाना। मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान पक्षकारों को यह जानकारी दी जा रही है कि वे निर्धारित अवधि में मीडिएशन सेंटर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग अथवा संबंधित न्यायालय से संपर्क कर मीडिएशन 3.0 का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
मध्यस्थता की सबसे बड़ी ताकत यही है कि इसमें समाधान केवल थोपा नहीं जाता, बल्कि पक्षकार स्वयं अपने समाधान का हिस्सा बनते हैं। यही वजह है कि यह प्रक्रिया केवल कानूनी विवाद को समाप्त करने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि कई बार टूटते संबंधों को संवाद का एक और अवसर भी देती है।
दुर्ग में न्याय अब केवल अदालत की दीवारों तक सीमित नहीं
मीडिएशन 3.0 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभिन्न स्तरों पर लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जा रहा है कि हर विवाद का समाधान लंबी लड़ाई में नहीं, बल्कि सही समय पर की गई सही बातचीत में भी संभव है।
युवा पीढ़ी की भाषा में कहें तो- "Argument से पहले Conversation, और Conflict से पहले Mediation."
यही विचार मीडिएशन 3.0 को एक अभियान से आगे बढ़ाकर संवाद आधारित न्याय की नई संस्कृति बनाने की दिशा में ले जा रहा है। दुर्ग से उठ रही यह पहल इस संदेश के साथ आगे बढ़ रही है कि न्याय केवल फैसला सुनाना नहीं, बल्कि जहां संभव हो वहां पक्षकारों को स्वयं समाधान तक पहुंचने का अवसर देना भी है।
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सेवा संकल्प अभियान-
ग्राम देवरी, पिटौरा और भिंभौरी में महिलाओं ने निकाली भव्य स्वच्छता रैली
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ’सेवा मेरा योगदान’ के तहत आज दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत देवरी, ग्राम पिटौरा और ग्राम भिंभौरी में ग्रामीण महिलाओं द्वारा स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। जिले की सभी 381 ग्राम पंचायतों में यह अभियान पूर्ण जनभागीदारी के साथ संचालित किया गया।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रखकर जन-आंदोलन का रूप देना है, जिससे सार्वजनिक स्थलों, जलस्रोतों व परिवेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। आज आयोजित इस रैली के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हाथों में स्वच्छता संदेश लिखी तख्तियां लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। इस दौरान ग्राम के सार्वजनिक स्थलों, रास्तों और जलस्रोतों के आसपास विशेष साफ-सफाई की गई तथा रैली के माध्यम से ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यप्रद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस प्रभावी बदलाव अभियान से ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना जागृत हो रही है, जिससे स्वस्थ और सुंदर गांवों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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ग्राम देवरी, पिटौरा और भिंभौरी में महिलाओं ने निकाली भव्य स्वच्छता रैली
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ’सेवा मेरा योगदान’ के तहत आज दुर्ग जिले के जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत देवरी, ग्राम पिटौरा और ग्राम भिंभौरी में ग्रामीण महिलाओं द्वारा स्वच्छता रैली का आयोजन किया गया। जिले की सभी 381 ग्राम पंचायतों में यह अभियान पूर्ण जनभागीदारी के साथ संचालित किया गया।
इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को केवल एक सरकारी कार्यक्रम न रखकर जन-आंदोलन का रूप देना है, जिससे सार्वजनिक स्थलों, जलस्रोतों व परिवेश को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जा सके। आज आयोजित इस रैली के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और हाथों में स्वच्छता संदेश लिखी तख्तियां लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। इस दौरान ग्राम के सार्वजनिक स्थलों, रास्तों और जलस्रोतों के आसपास विशेष साफ-सफाई की गई तथा रैली के माध्यम से ग्रामीणों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यप्रद बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस प्रभावी बदलाव अभियान से ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता के प्रति एक नई चेतना जागृत हो रही है, जिससे स्वस्थ और सुंदर गांवों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
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सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए जनसमुदाय से खिलौने, खेल सामग्री एवं वस्त्र दान करने की अपील
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला दुर्ग द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और खेल-आधारित सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनसमुदाय से सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया गया है।
जिले में वर्तमान में 1550 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाएं तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन केंद्रों से मुख्य रूप से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे जुड़े हुए हैं।
कई बच्चों के घरों में पर्याप्त खिलौने, खेल सामग्री एवं आवश्यक वस्त्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेलते हुए सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नागरिकों से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए सुरक्षित खिलौने, खेल सामग्री एवं उपयोगी वस्त्र दान करने की अपील की गई है।
दान सामग्री में सुरक्षा और गुणवत्ता मापदण्ड
दान किए जाने वाले खिलौने मजबूत, सुरक्षित और अच्छी स्थिति में होने चाहिए। उनमें नुकीले सिरे, धारदार किनारे, कांटे या चोट पहुंचाने वाले हिस्से नहीं होने चाहिए। खिलौने का कोई ऐसा छोटा हिस्सा नहीं होना चाहिए जिसे बच्चा आसानी से तोड़कर मुंह में डाल सके या निगल सके। खिलौनों में विषैले, हानिकारक अथवा संदिग्ध रसायनों का उपयोग नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए बड़े आकार के रिंग, सॉफ्ट ब्लॉक्स, बड़े आकार के टेडी बियर, स्टैकिंग एवं शेपिंग खिलौने जैसे आसानी से पकड़ने और सुरक्षित रूप से उपयोग किए जा सकने वाले खिलौने दान किए जा सकते हैं।
इसी प्रकार दान किए जाने वाले वस्त्र साफ, धुले हुए, अच्छी स्थिति में और बच्चों के पहनने योग्य होने चाहिए। अत्यधिक पुराने, फटे या दागदार वस्त्र दान न किए जाएं। वस्त्र बच्चों की आयु एवं आकार के अनुरूप होना भी आवश्यक है। दान/सहयोग हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग श्रीमती पूजा तिवारी, दूरभाष नंबर-0788-2323704 संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए सामग्री परियोजना स्तर पर प्रदाय करने हेतु संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।
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दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला दुर्ग द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और खेल-आधारित सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनसमुदाय से सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया गया है।
जिले में वर्तमान में 1550 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाएं तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन केंद्रों से मुख्य रूप से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे जुड़े हुए हैं।
कई बच्चों के घरों में पर्याप्त खिलौने, खेल सामग्री एवं आवश्यक वस्त्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेलते हुए सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नागरिकों से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए सुरक्षित खिलौने, खेल सामग्री एवं उपयोगी वस्त्र दान करने की अपील की गई है।
दान सामग्री में सुरक्षा और गुणवत्ता मापदण्ड
दान किए जाने वाले खिलौने मजबूत, सुरक्षित और अच्छी स्थिति में होने चाहिए। उनमें नुकीले सिरे, धारदार किनारे, कांटे या चोट पहुंचाने वाले हिस्से नहीं होने चाहिए। खिलौने का कोई ऐसा छोटा हिस्सा नहीं होना चाहिए जिसे बच्चा आसानी से तोड़कर मुंह में डाल सके या निगल सके। खिलौनों में विषैले, हानिकारक अथवा संदिग्ध रसायनों का उपयोग नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए बड़े आकार के रिंग, सॉफ्ट ब्लॉक्स, बड़े आकार के टेडी बियर, स्टैकिंग एवं शेपिंग खिलौने जैसे आसानी से पकड़ने और सुरक्षित रूप से उपयोग किए जा सकने वाले खिलौने दान किए जा सकते हैं।
इसी प्रकार दान किए जाने वाले वस्त्र साफ, धुले हुए, अच्छी स्थिति में और बच्चों के पहनने योग्य होने चाहिए। अत्यधिक पुराने, फटे या दागदार वस्त्र दान न किए जाएं। वस्त्र बच्चों की आयु एवं आकार के अनुरूप होना भी आवश्यक है। दान/सहयोग हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग श्रीमती पूजा तिवारी, दूरभाष नंबर-0788-2323704 संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए सामग्री परियोजना स्तर पर प्रदाय करने हेतु संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।
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सेवा संकल्प अभियान-
आंगन मिलन समारोह में गुंजा सुपोषण का संदेश, गर्भवती माताओं को दी स्वास्थ्य की जानकारी
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पंचायत पाटन के ग्राम दरबार मोखली एवं ग्राम पंचायत भरर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, गर्भवती माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। जिले के विभिन्न परियोजनाओं में आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। दुर्ग शहरी/ग्रामीण, अहिवारा, धमधा, भिलाई-01/02, जामगांव-एम एवं पाटन परियोजनाओं के अंतर्गत विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्रीमती रमशीला बाई उपस्थित रहीं। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही महिलाओं को सम्मानित कर मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करना मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसके बाद शुरुआती वर्षों तक उचित पोषण एवं देखभाल से बच्चों को कुपोषण से बचाने में मदद मिलती है। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री भास्कर वर्मा द्वारा न्योता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चों को सम्मानित कर उनके अभिभावकों को भी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
आंगन मिलन समारोह में महिला मुक्ति मोर्चा की महामंत्री श्रीमती नंदिनी साहू, ग्राम पंचायत भरर की सरपंच श्रीमती कौशल्या साहू, पंच श्रीमती मालती धीवर, मनीष चंद्राकर, संतोषी धनकर सहित महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राही तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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आंगन मिलन समारोह में गुंजा सुपोषण का संदेश, गर्भवती माताओं को दी स्वास्थ्य की जानकारी
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जनपद पंचायत पाटन के ग्राम दरबार मोखली एवं ग्राम पंचायत भरर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं, गर्भवती माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। जिले के विभिन्न परियोजनाओं में आंगन मिलन समारोह का आयोजन किया गया। दुर्ग शहरी/ग्रामीण, अहिवारा, धमधा, भिलाई-01/02, जामगांव-एम एवं पाटन परियोजनाओं के अंतर्गत विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में श्रीमती रमशीला बाई उपस्थित रहीं। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं के लिए गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही महिलाओं को सम्मानित कर मातृत्व के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और ग्रामीणों को बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक सावधानियों का पालन करना मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म और उसके बाद शुरुआती वर्षों तक उचित पोषण एवं देखभाल से बच्चों को कुपोषण से बचाने में मदद मिलती है। इस अवसर पर जनपद सदस्य श्री भास्कर वर्मा द्वारा न्योता भोज का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चों को सम्मानित कर उनके अभिभावकों को भी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया।
आंगन मिलन समारोह में महिला मुक्ति मोर्चा की महामंत्री श्रीमती नंदिनी साहू, ग्राम पंचायत भरर की सरपंच श्रीमती कौशल्या साहू, पंच श्रीमती मालती धीवर, मनीष चंद्राकर, संतोषी धनकर सहित महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राही तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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सेवा संकल्प अभियान-
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं ने उत्साह से लिया हिस्सा
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026 / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत परियोजना भिलाई-1 के परिक्षेत्र मरौदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2, तेलुगुपारा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, श्री राजू जंघेल, मंडल अध्यक्ष श्रीमती शिखा तिवारी, पार्षद सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिला हितग्राही, बच्चे एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर बच्चों के लिए चित्रकला एवं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, जबकि महिलाओं के लिए रंगोली एवं खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के साथ पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन एवं उनकी विधि की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में स्वस्थ शिशु को ‘हमर सुघ्घर लइका’ के रूप में प्रदर्शित किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों एवं महिलाओं को विधायक श्री ललित चंद्राकर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। परियोजना अधिकारी श्रीमती पद्मजा सिन्हा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ एवं अपने अनुभव भी साझा किए।
इस दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने अपने संबोधन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्यों और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए महिलाओं एवं बच्चों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में लगभग 70 लोगों की सहभागिता रही। परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं सहित बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
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आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में बच्चों और महिलाओं ने उत्साह से लिया हिस्सा
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026 / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत परियोजना भिलाई-1 के परिक्षेत्र मरौदा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2, तेलुगुपारा में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, श्री राजू जंघेल, मंडल अध्यक्ष श्रीमती शिखा तिवारी, पार्षद सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित महिला हितग्राही, बच्चे एवं विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर बच्चों के लिए चित्रकला एवं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, जबकि महिलाओं के लिए रंगोली एवं खेल प्रतियोगिता आयोजित की गई। महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच के साथ पौष्टिक व्यंजनों का प्रदर्शन एवं उनकी विधि की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में स्वस्थ शिशु को ‘हमर सुघ्घर लइका’ के रूप में प्रदर्शित किया गया। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों एवं महिलाओं को विधायक श्री ललित चंद्राकर द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। परियोजना अधिकारी श्रीमती पद्मजा सिन्हा ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के हितग्राहियों ने योजनाओं से प्राप्त लाभ एवं अपने अनुभव भी साझा किए।
इस दौरान केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। विधायक श्री ललित चंद्राकर ने अपने संबोधन में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्यों और विभिन्न विभागों द्वारा संचालित प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए महिलाओं एवं बच्चों की सक्रिय सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में लगभग 70 लोगों की सहभागिता रही। परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं सहित बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
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जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
सेवा की कहानी
संकट के समय मिला सहारा : जब रमला बाई के लिए तिनके का सहारा बनी राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ जीवन में कई बार ऐसा मोड़ आ जाता है जब खुशहाल जिंदगी अचानक दुखों के अंधेरे में डूब जाती है। कसही गांव की रहने वाली श्रीमती रमला बाई पटेल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। 3 सितंबर 2025 का दिन उनके परिवार के लिए काल बनकर आया, जब उनके पति श्री हुबलाल पटेल का अचानक निधन हो गया। पति के चले जाने से न केवल रमला बाई पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि घर का कमाने वाला सदस्य खो देने से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया। रोजमर्रा की जरूरतों और जीवन यापन को लेकर अनिश्चितता छा गई। अधिक पढ़ी-लिखी न होने के कारण रमला बाई को सरकारी योजनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
ऐसे कठिन और निराशाजनक समय में ग्राम पंचायत कसही की सरपंच संकटमोचक बनकर उभरी। सरपंच श्रीमती योगेश्वरी गायकवाड़ और ग्राम पंचायत सचिव खुद रमला बाई के घर पहुंचे। उन्होंने न केवल दुखी परिवार को ढांढस बंधाया, बल्कि ’राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना’ के बारे में विस्तार से बताया। जब रमला बाई के बीपीएल रिकॉर्ड देखा गया तो उनका नाम बीपीएल सर्वे वर्ष 2002-03 में दर्ज पाया गया। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने खुद पहल करते हुए फॉर्म भरने से लेकर जरूरी कागजी कार्यवाही तक पूरी मदद की।
दफ्तरों के चक्कर से मिली मुक्ति, बैंक खाते में आई राशि
आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लगता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनपद या जिला पंचायत कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे। लेकिन रमला बाई को इस कार्य के लिए बाहर नहीं जाना पड़ा और ग्राम पंचायत स्तर पर ही सारा काम समय पर पूरा हो गया। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होते ही योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे रमला बाई के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। रमला बाई ने कहा कि जब कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था, तब यह राशि वर्तमान जरूरतों को पूरा करने में बहुत बड़ी मददगार साबित हुई। मुझे ब्लॉक या जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ी, सब कुछ गांव में ही हो गया। इसके लिए मैं अपनी ग्राम पंचायत और छत्तीसगढ़ शासन का दिल से आभार मानती हूँ।
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सेवा की कहानी
संकट के समय मिला सहारा : जब रमला बाई के लिए तिनके का सहारा बनी राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना
दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/ जीवन में कई बार ऐसा मोड़ आ जाता है जब खुशहाल जिंदगी अचानक दुखों के अंधेरे में डूब जाती है। कसही गांव की रहने वाली श्रीमती रमला बाई पटेल के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। 3 सितंबर 2025 का दिन उनके परिवार के लिए काल बनकर आया, जब उनके पति श्री हुबलाल पटेल का अचानक निधन हो गया। पति के चले जाने से न केवल रमला बाई पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, बल्कि घर का कमाने वाला सदस्य खो देने से परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया। रोजमर्रा की जरूरतों और जीवन यापन को लेकर अनिश्चितता छा गई। अधिक पढ़ी-लिखी न होने के कारण रमला बाई को सरकारी योजनाओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
ऐसे कठिन और निराशाजनक समय में ग्राम पंचायत कसही की सरपंच संकटमोचक बनकर उभरी। सरपंच श्रीमती योगेश्वरी गायकवाड़ और ग्राम पंचायत सचिव खुद रमला बाई के घर पहुंचे। उन्होंने न केवल दुखी परिवार को ढांढस बंधाया, बल्कि ’राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना’ के बारे में विस्तार से बताया। जब रमला बाई के बीपीएल रिकॉर्ड देखा गया तो उनका नाम बीपीएल सर्वे वर्ष 2002-03 में दर्ज पाया गया। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने खुद पहल करते हुए फॉर्म भरने से लेकर जरूरी कागजी कार्यवाही तक पूरी मदद की।
दफ्तरों के चक्कर से मिली मुक्ति, बैंक खाते में आई राशि
आमतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लगता है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जनपद या जिला पंचायत कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे। लेकिन रमला बाई को इस कार्य के लिए बाहर नहीं जाना पड़ा और ग्राम पंचायत स्तर पर ही सारा काम समय पर पूरा हो गया। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होते ही योजना के तहत 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे रमला बाई के बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई। रमला बाई ने कहा कि जब कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा था, तब यह राशि वर्तमान जरूरतों को पूरा करने में बहुत बड़ी मददगार साबित हुई। मुझे ब्लॉक या जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ी, सब कुछ गांव में ही हो गया। इसके लिए मैं अपनी ग्राम पंचायत और छत्तीसगढ़ शासन का दिल से आभार मानती हूँ।
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