जिला जनसंपर्क कार्यालय, दुर्ग (छ.ग.)
समाचार
विकास की नई पहल
लोक निर्माण विभाग, दुर्ग संभाग द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य
- दुर्ग जिले में 5.89 करोड़ से बनेंगे 6 नए स्कूल भवन
- विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ जिले में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार अधोसंरचना विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग, दुर्ग संभाग दुर्ग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 नवीन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
इन कार्यों के लिए शासन द्वारा कुल 589.17 लाख रूपए अर्थात लगभग 5.89 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। पाटन, धमधा, दुर्ग और भिलाई क्षेत्र के इन भवनों को नवंबर-दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके। इनमें विकासखंड पाटन एवं धमधा सहित दुर्ग एवं भिलाई क्षेत्र के शासकीय स्कूल भवन शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वीकृत कार्यों में पाटन विकासखंड के तेलीगुंडरा में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, धमधा विकासखंड के खिलोराकला और देवरी में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन शामिल हैं। वहीं दुर्ग विकासखंड के पुलगांव और कैंप-02 भिलाई में शासकीय हाईस्कूल भवन तथा धमधा विकासखंड के मलपुरीकला में हाईस्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा। तेलीगुंडरा, खिलोराकला और देवरी में बनने वाले हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 121.16 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार तीनों भवनों के निर्माण पर कुल 363.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार पुलगांव, मलपुरीकला और कैंप-02 भिलाई में बनने वाले हाईस्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 75.23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। तीनों भवनों पर कुल 225.69 लाख रुपये खर्च होंगे।
हायर सेकेंडरी स्कूलों में 9 क्लासरूम और दो प्रयोगशालाएं
निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों में 9 क्लासरूम, भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के लिए पृथक प्रयोगशालाएं, प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय की सुविधा रहेगी। इससे कक्षा संचालन के साथ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए भी उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा।
हाईस्कूलों में आर्ट और कंप्यूटर रूम की सुविधा
नवीन हाईस्कूल भवनों में 4 क्लासरूम, आर्ट रूम, कंप्यूटर रूम और लैब रूम का प्रावधान है। साथ ही प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय भी बनाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कला, कंप्यूटर एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों के लिए सुविधाएं मिलेंगी।
नवीन स्कूल भवनों से विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण
इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा जिले में शासकीय स्कूलों की अधोसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
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विकास की नई पहल
लोक निर्माण विभाग, दुर्ग संभाग द्वारा कराया जा रहा निर्माण कार्य
- दुर्ग जिले में 5.89 करोड़ से बनेंगे 6 नए स्कूल भवन
- विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने की दिशा में बड़ा कदम
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ जिले में स्कूल शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों को सुविधायुक्त शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में लोक निर्माण विभाग द्वारा लगातार अधोसंरचना विकास के कार्य कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में लोक निर्माण विभाग, दुर्ग संभाग दुर्ग द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 6 नवीन हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं।
इन कार्यों के लिए शासन द्वारा कुल 589.17 लाख रूपए अर्थात लगभग 5.89 करोड़ रूपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। पाटन, धमधा, दुर्ग और भिलाई क्षेत्र के इन भवनों को नवंबर-दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों को इनका लाभ मिल सके। इनमें विकासखंड पाटन एवं धमधा सहित दुर्ग एवं भिलाई क्षेत्र के शासकीय स्कूल भवन शामिल हैं।
लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वीकृत कार्यों में पाटन विकासखंड के तेलीगुंडरा में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन, धमधा विकासखंड के खिलोराकला और देवरी में हायर सेकेंडरी स्कूल भवन शामिल हैं। वहीं दुर्ग विकासखंड के पुलगांव और कैंप-02 भिलाई में शासकीय हाईस्कूल भवन तथा धमधा विकासखंड के मलपुरीकला में हाईस्कूल भवन का निर्माण कराया जाएगा। तेलीगुंडरा, खिलोराकला और देवरी में बनने वाले हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 121.16 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस प्रकार तीनों भवनों के निर्माण पर कुल 363.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी प्रकार पुलगांव, मलपुरीकला और कैंप-02 भिलाई में बनने वाले हाईस्कूल भवनों के लिए प्रत्येक भवन हेतु 75.23 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। तीनों भवनों पर कुल 225.69 लाख रुपये खर्च होंगे।
हायर सेकेंडरी स्कूलों में 9 क्लासरूम और दो प्रयोगशालाएं
निर्माणाधीन हायर सेकेंडरी स्कूल भवनों में 9 क्लासरूम, भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र के लिए पृथक प्रयोगशालाएं, प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय की सुविधा रहेगी। इससे कक्षा संचालन के साथ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन के लिए भी उपयुक्त स्थान उपलब्ध होगा।
हाईस्कूलों में आर्ट और कंप्यूटर रूम की सुविधा
नवीन हाईस्कूल भवनों में 4 क्लासरूम, आर्ट रूम, कंप्यूटर रूम और लैब रूम का प्रावधान है। साथ ही प्राचार्य एवं स्टाफ के लिए कार्यालय तथा आवश्यक शौचालय भी बनाए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कला, कंप्यूटर एवं प्रयोगात्मक गतिविधियों के लिए सुविधाएं मिलेंगी।
नवीन स्कूल भवनों से विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण
इन भवनों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिलेगा तथा जिले में शासकीय स्कूलों की अधोसंरचना को और मजबूती मिलेगी।
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सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 अक्टूबर 2026 तक भेज सकेंगे अपना नवाचार
- आपकी नवाचारी सोच दिला सकती है 10 लाख रूपए का पुरस्कार प्रत्येक क्षेत्र में पाँच विजेता, कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपए
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पूर्व में आवेदन 17 अक्टूबर 2026 तक किए जाने थे, जिसे अब बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026’ कर दिया गया है। जो विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह और नवाचारी अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह एक और अवसर है।
चैलेंज का उद्देश्य अपने आसपास की चुनौतियों को पहचानकर उनके लिए नए और व्यावहारिक नवाचारी समाधान सामने लाना है। इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक, स्टार्टअप, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम, कंपनियों, स्व-सहायता समूह, स्वयंसेवी संस्थाएँ तथा स्वतंत्र नवाचारी व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर भाग ले सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है, और केवल विचार के स्तर पर भी आवेदन किया जा सकता है।
प्रत्येक विजेता को 10 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में पाँच विजेता होंगेः तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपए है।
आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर किया जा सकता है। आवेदन में समस्या, समाधान और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम का विवरण और छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति अपलोड करनी होगी। एक नवाचार केवल एक बार, एक ही क्षेत्र और उप-विषय में भेजा जा सकेगा, दोहरे आवेदन निरस्त किए जाएँगे।
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सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज 2026: आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 30 अक्टूबर 2026 तक भेज सकेंगे अपना नवाचार
- आपकी नवाचारी सोच दिला सकती है 10 लाख रूपए का पुरस्कार प्रत्येक क्षेत्र में पाँच विजेता, कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपए
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। पूर्व में आवेदन 17 अक्टूबर 2026 तक किए जाने थे, जिसे अब बढ़ाकर 30 अक्टूबर 2026’ कर दिया गया है। जो विद्यार्थी, युवा, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह और नवाचारी अब तक आवेदन नहीं कर पाए हैं, उनके लिए यह एक और अवसर है।
चैलेंज का उद्देश्य अपने आसपास की चुनौतियों को पहचानकर उनके लिए नए और व्यावहारिक नवाचारी समाधान सामने लाना है। इसमें विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के विद्यार्थी, शोधार्थी, प्राध्यापक, स्टार्टअप, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम, कंपनियों, स्व-सहायता समूह, स्वयंसेवी संस्थाएँ तथा स्वतंत्र नवाचारी व्यक्तिगत रूप से या टीम बनाकर भाग ले सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है, और केवल विचार के स्तर पर भी आवेदन किया जा सकता है।
प्रत्येक विजेता को 10 लाख रूपए की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में पाँच विजेता होंगेः तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि 5 करोड़ रूपए है।
आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर किया जा सकता है। आवेदन में समस्या, समाधान और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम का विवरण और छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति अपलोड करनी होगी। एक नवाचार केवल एक बार, एक ही क्षेत्र और उप-विषय में भेजा जा सकेगा, दोहरे आवेदन निरस्त किए जाएँगे।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 8 पदों पर कौशल परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 18 पदों हेतु ऑनलाईन आवेदन मंगाया गया था। उक्त विज्ञापित पदों में से 10 पदों हेतु साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर - एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट एनयूएचएम, सिक्योरिटी गार्ड (आईसीयू), अकाउंटेंट (एनयूएचएम), फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) के अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों का दावा निराकरण उपरांत दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं अंतिम पात्र-अपात्र सूची बनाई गई है जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड किया गया है।
दावा आपत्ति निराकरण उपरांत उक्त विज्ञापित पदों में से 08 पदों साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट - एनयूएचएम, फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) पर पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट अनुसार 1ः5 एवं 1ः10 के आधार पर कौशल परीक्षा हेतु सूची तैयार की गई है। जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड की किया गया है। उक्त पदों पर दिनांक 04 नवम्बर 2026 को आयोजित दस्तावेज सत्यापन एवं लिखित/कौशल परीक्षा हेतु परीक्षा समय सारिणी तिथि की सूचना प्रकाशित किया गया है। विस्तृत जानकारी दुर्ग जिलें की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता हैं।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 8 पदों पर कौशल परीक्षा के लिए पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत 18 पदों हेतु ऑनलाईन आवेदन मंगाया गया था। उक्त विज्ञापित पदों में से 10 पदों हेतु साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर - एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट एनयूएचएम, सिक्योरिटी गार्ड (आईसीयू), अकाउंटेंट (एनयूएचएम), फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) के अंतिम तिथि तक प्राप्त आवेदनों का दावा निराकरण उपरांत दावा आपत्ति निराकरण सूची एवं अंतिम पात्र-अपात्र सूची बनाई गई है जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड किया गया है।
दावा आपत्ति निराकरण उपरांत उक्त विज्ञापित पदों में से 08 पदों साइकोलॉजिस्ट क्लिनिकल (एनएमएचपी), प्रोग्राम एसोसिएट एनटीईपी, सोशल वर्कर एनएमएचपी, डेंटल असिस्टेंट (एनओएचपी,एनयूएचएम), एमपीडब्ल्यू (पुरुष) - यूएएएम, ऑप्थेल्मिक असिस्टेंट - एनयूएचएम, फार्मासिस्ट (एनयूएचएम) और लैब सुपरवाइजर (एनटीईपी) पर पात्र अभ्यर्थियों की मेरिट अनुसार 1ः5 एवं 1ः10 के आधार पर कौशल परीक्षा हेतु सूची तैयार की गई है। जिसे दुर्ग जिले के विभागीय वेबसाईट www.durg.gov.in पद में अपलोड की किया गया है। उक्त पदों पर दिनांक 04 नवम्बर 2026 को आयोजित दस्तावेज सत्यापन एवं लिखित/कौशल परीक्षा हेतु परीक्षा समय सारिणी तिथि की सूचना प्रकाशित किया गया है। विस्तृत जानकारी दुर्ग जिलें की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता हैं।
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समाचार
कुहारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
- 26.60 किमी मार्ग का होगा उन्नयन, ₹24.06 करोड़ की लागत से डामरीकरण व पुल-पुलिया सहित होंगे विकास कार्य
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ दुर्ग जिले के महत्वपूर्ण कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक-21) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन का कार्य क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 26.60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के उन्नयन से सड़क की स्थिति बेहतर होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाने के लिए डामरीकरण सहित आवश्यक संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे।
भौगोलिक संपर्क की दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश को जोड़ने के साथ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों एवं महत्वपूर्ण आवागमन केंद्रों के लिए संपर्क मार्ग के रूप में उपयोगी है। मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। इसके अलावा दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से राजधानी रायपुर की ओर आवागमन में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
मार्ग के सुदृढीकरण से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क से यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगी तथा समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को भी गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
26.60 किमी सड़क का होगा सुदृढ़ीकरण
परियोजना के तहत कुल 26.60 किमी मार्ग का सुदृढीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क पर 60 मिलीमीटर डीबीएम तथा 40 मिलीमीटर बीसी की डामरीकरण परत का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2 मीटर साइड शोल्डर का निर्माण प्रस्तावित है। इन कार्यों से सड़क की मजबूती, टिकाऊपन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा।
कुल लागत और प्रशासनिक स्वीकृति
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹24 करोड़ 6 लाख 23 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति 24 नवंबर 2025 को जारी हुई थी, जबकि कार्यादेश 8 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
परियोजना से मिलेगा बहुआयामी लाभ
किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा। यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मार्ग के उन्नयन से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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कुहारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार
- 26.60 किमी मार्ग का होगा उन्नयन, ₹24.06 करोड़ की लागत से डामरीकरण व पुल-पुलिया सहित होंगे विकास कार्य
दुर्ग, 22 अक्टूबर 2026/ दुर्ग जिले के महत्वपूर्ण कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग (राज्य मार्ग क्रमांक-21) के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन का कार्य क्षेत्रीय आवागमन को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। 26.60 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के उन्नयन से सड़क की स्थिति बेहतर होने के साथ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग को सुरक्षित, सुगम और टिकाऊ बनाने के लिए डामरीकरण सहित आवश्यक संरचनात्मक कार्य कराए जाएंगे।
भौगोलिक संपर्क की दृष्टि से यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह छत्तीसगढ़ एवं मध्यप्रदेश को जोड़ने के साथ क्षेत्र के प्रमुख मार्गों एवं महत्वपूर्ण आवागमन केंद्रों के लिए संपर्क मार्ग के रूप में उपयोगी है। मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली राष्ट्रीय उद्यान की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग महत्वपूर्ण संपर्क प्रदान करता है। इसके अलावा दुर्ग जिले के ग्रामीण अंचलों एवं अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से राजधानी रायपुर की ओर आवागमन में इस मार्ग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगी गति
मार्ग के सुदृढीकरण से किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। बेहतर सड़क से यात्रा अधिक सुगम एवं सुरक्षित होगी तथा समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को भी गति मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
26.60 किमी सड़क का होगा सुदृढ़ीकरण
परियोजना के तहत कुल 26.60 किमी मार्ग का सुदृढीकरण एवं उन्नयन किया जाएगा। सड़क पर 60 मिलीमीटर डीबीएम तथा 40 मिलीमीटर बीसी की डामरीकरण परत का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 2 मीटर साइड शोल्डर का निर्माण प्रस्तावित है। इन कार्यों से सड़क की मजबूती, टिकाऊपन और जल निकासी व्यवस्था में सुधार होगा।
कुल लागत और प्रशासनिक स्वीकृति
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹24 करोड़ 6 लाख 23 हजार की प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रशासनिक स्वीकृति 24 नवंबर 2025 को जारी हुई थी, जबकि कार्यादेश 8 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा है।
परियोजना से मिलेगा बहुआयामी लाभ
किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को आवागमन में सुविधा। यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित होगी। समय और परिवहन लागत में कमी आएगी। कृषि उपज एवं अन्य सामग्री के परिवहन को गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापारिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। मार्ग के उन्नयन से ग्रामीण संपर्क व्यवस्था मजबूत होने के साथ क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय व्यापार, कृषि गतिविधियों और आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान होगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
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