जिला जनसंपर्क कार्यालय, राजनांदगांव (छत्तीसगढ़)
समाचार
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण
- सीएम हेल्पलाइन से 13 सुरक्षा गार्डों को मिला 2.91 लाख रूपए का बकाया वेतन
- मेहनत की कमाई मिलने से श्रमिकों के परिवारों को मिली आर्थिक राहत
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत के बाद श्रम विभाग ने की त्वरित कार्रवाई
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्रमिकों के लिए समय पर वेतन मिलना सबसे बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में मेहनत की कमाई रूक जाए, तो घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 उम्मीद की किरण साबित हुई। श्रम विभाग की तत्परता से उन्हें कुल 2 लाख 91 हजार 754 रूपए का बकाया वेतन मिला। इससे श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों को नियोजन पक्ष द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक श्रम आयुक्त राजनांदगांव ने तत्काल प्रकरण की जानकारी प्राप्त की और संबंधित नियोजन पक्ष से संपर्क कर नियमानुसार कार्रवाई की। विभागीय पहल के परिणामस्वरूप सभी 13 सुरक्षा गार्डों को उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया गया। लंबे इंतजार के बाद मेहनत की कमाई मिलने से श्रमिकों की आर्थिक चिंता कम हुई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली इस राहत ने शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा मजबूत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम विभाग राजनांदगांव द्वारा श्रमिकों से अपील की गई है कि वेतन भुगतान में विलंब, बकाया वेतन अथवा अन्य श्रम संबंधी समस्याओं की स्थिति में संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें उनका अधिकार दिलाया जा सके।
क्रमांक 210 -----------------
नशामुक्त युवा ही सशक्त और स्वस्थ समाज की आधारशिला
- शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में नशा मुक्त युवा विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन
- युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक, नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। माय भारत राजनांदगांव द्वारा शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में नशा मुक्त युवा विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निर्मला उमरे, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती वैशाली मराड़वार, विषय विशेषज्ञ एनटीपीसी की जिला सलाहकार डॉ. नीहारिका टोप्पो एवं समाज सेविका श्रीमती गीता साहू उपस्थित थी।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की लत से बचाव, व्यसन से मुक्ति तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपायों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। साथ ही युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार एवं समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। पड़ोस युवा संसद में युवाओं ने नशामुक्ति के संबंध में अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसआर कन्नौजे एवं माय भारत राजनांदगांव के जिला युवा अधिकारी श्री शुभजीत दे विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री दिनेश्वर साहू, श्री आकाश तिवारी, मोनिका देवांगन, मुस्कान निषाद, अमृता ठाकुर, संध्या यादव, श्री मुरली साहू, सुनीधि देवांगन, चैतन्य साहू, गरिमा साहू एवं देवीलाल का विशेष योगदान रहा।
क्रमांक 211 -----------------
दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर से जिले में आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानी के लिए आवश्यक सलाह जारी की गई है। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पटाखे हमेशा लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें की सलाह दी गई है। साथ ही दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए सुनिश्चित करें कि गुणवत्तापूर्ण एवं अनुमोदित पटाखे ही खरीद रहे हैं। ईमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क, बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में फटाखे जलाए। फटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाल्टी निकट रखें। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकते है। फटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके की वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे है। फटाखे फोडऩे के बाद इस्तेमाल किये गये फटाखों का पानी की बाल्टी में सुनिश्चित तरीके से निपटान करें ताकि किसी बची हुयी चिंगारी से अग्नि दुर्घटना ना हो। एक बार में एक ही फटाखे जलाए, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई फटाखे जलाने से बचे। फटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुनिश्चित दूरी रखें। फटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिसे की उसकी चिंगारी घरों व व्यक्तियों की ओर नहीं उड़े।
घर के अन्दर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी फटाखे नहीं जलाए। फटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें, क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थ के पास पटाखों का उपयोग नहीं करें, पटाखों को सूखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर एवं वाहनों जैसी वस्तुओ से दूर रखें। यदि कोई फटाखे जलाने में विफल रहता है तो उसे पुन: जलाने का प्रयास न करें, अपितु कुछ देर प्रतिक्षा करने के उपरान्त उसका सुनिश्चित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में नहीं जलाये जाये जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दिए या मोमबत्ती को जलाते हुए उपेक्षित न छोड़े, विशेष रूप से पर्दे या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह कि चोट लगने या जलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह ले तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार न करें।
क्रमांक 212 -----------------
फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जिले में सभी स्थायी व अस्थायी फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2018 व छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जारी नियमों के अनुसार फटाखा दुकान किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी, टैंट इत्यादि का नहीं होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। फटाखा दुकान कम से कम एक दुसरे से 03 मीटर की दूरी (साईड) पर एवं एक दूसरे के सामने न बनायी जाए। फटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल लैंप, गैस लैंप एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अन्दर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होने चाहिए। विद्युत तारों में ज्वांइट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूस या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिये। जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वत: बन्द हो जाये। दुकाने ट्रांसफार्मर के पास न हो और उसके उपर से हाईटेंशन पावर लाईन न गुजरती हो। प्रत्येक फटाखा दुकान में 06 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना चाहिये। इसकी मारक क्षमता 06 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अन्तराल में 500 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। फटाखा दुकानों के सामने बाईक व कार की पार्किंग प्रतिबंधित होनी चाहिए। अग्निशमन वाहन एवं एम्बुलेंस का फोन नम्बर दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मुव्हमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
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समाचार
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनी उम्मीद की किरण
- सीएम हेल्पलाइन से 13 सुरक्षा गार्डों को मिला 2.91 लाख रूपए का बकाया वेतन
- मेहनत की कमाई मिलने से श्रमिकों के परिवारों को मिली आर्थिक राहत
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत के बाद श्रम विभाग ने की त्वरित कार्रवाई
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। मेहनत कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्रमिकों के लिए समय पर वेतन मिलना सबसे बड़ी जरूरत होती है। ऐसे में मेहनत की कमाई रूक जाए, तो घर की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता है। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 उम्मीद की किरण साबित हुई। श्रम विभाग की तत्परता से उन्हें कुल 2 लाख 91 हजार 754 रूपए का बकाया वेतन मिला। इससे श्रमिकों और उनके परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत मिली। राजनांदगांव जिले के 13 सुरक्षा गार्डों को नियोजन पक्ष द्वारा वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सहायक श्रम आयुक्त राजनांदगांव ने तत्काल प्रकरण की जानकारी प्राप्त की और संबंधित नियोजन पक्ष से संपर्क कर नियमानुसार कार्रवाई की। विभागीय पहल के परिणामस्वरूप सभी 13 सुरक्षा गार्डों को उनके बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराया गया। लंबे इंतजार के बाद मेहनत की कमाई मिलने से श्रमिकों की आर्थिक चिंता कम हुई।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से मिली इस राहत ने शासन की शिकायत निवारण व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा मजबूत किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण और उनकी समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। श्रम विभाग राजनांदगांव द्वारा श्रमिकों से अपील की गई है कि वेतन भुगतान में विलंब, बकाया वेतन अथवा अन्य श्रम संबंधी समस्याओं की स्थिति में संबंधित विभाग के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं, ताकि नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई कर उन्हें उनका अधिकार दिलाया जा सके।
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नशामुक्त युवा ही सशक्त और स्वस्थ समाज की आधारशिला
- शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय में नशा मुक्त युवा विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन
- युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया गया जागरूक, नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। माय भारत राजनांदगांव द्वारा शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय राजनांदगांव की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सहयोग से महाविद्यालय परिसर में नशा मुक्त युवा विषय पर पड़ोस युवा संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के साथ ही स्वस्थ, सकारात्मक एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. निर्मला उमरे, समाज कल्याण विभाग की उप संचालक श्रीमती वैशाली मराड़वार, विषय विशेषज्ञ एनटीपीसी की जिला सलाहकार डॉ. नीहारिका टोप्पो एवं समाज सेविका श्रीमती गीता साहू उपस्थित थी।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने नशे की लत से बचाव, व्यसन से मुक्ति तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपायों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। साथ ही युवाओं को स्वयं नशे से दूर रहने और परिवार एवं समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया। पड़ोस युवा संसद में युवाओं ने नशामुक्ति के संबंध में अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं युवाओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. एसआर कन्नौजे एवं माय भारत राजनांदगांव के जिला युवा अधिकारी श्री शुभजीत दे विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री दिनेश्वर साहू, श्री आकाश तिवारी, मोनिका देवांगन, मुस्कान निषाद, अमृता ठाकुर, संध्या यादव, श्री मुरली साहू, सुनीधि देवांगन, चैतन्य साहू, गरिमा साहू एवं देवीलाल का विशेष योगदान रहा।
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दीपावली पर्व पर अग्नि सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। नगर सेना अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर से जिले में आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानी के लिए आवश्यक सलाह जारी की गई है। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि पटाखे हमेशा लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें की सलाह दी गई है। साथ ही दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए सुनिश्चित करें कि गुणवत्तापूर्ण एवं अनुमोदित पटाखे ही खरीद रहे हैं। ईमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क, बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में फटाखे जलाए। फटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाल्टी निकट रखें। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपड़े आसानी से आग पकड़ सकते है। फटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके की वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे है। फटाखे फोडऩे के बाद इस्तेमाल किये गये फटाखों का पानी की बाल्टी में सुनिश्चित तरीके से निपटान करें ताकि किसी बची हुयी चिंगारी से अग्नि दुर्घटना ना हो। एक बार में एक ही फटाखे जलाए, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई फटाखे जलाने से बचे। फटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुनिश्चित दूरी रखें। फटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिसे की उसकी चिंगारी घरों व व्यक्तियों की ओर नहीं उड़े।
घर के अन्दर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी फटाखे नहीं जलाए। फटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें, क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थ के पास पटाखों का उपयोग नहीं करें, पटाखों को सूखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर एवं वाहनों जैसी वस्तुओ से दूर रखें। यदि कोई फटाखे जलाने में विफल रहता है तो उसे पुन: जलाने का प्रयास न करें, अपितु कुछ देर प्रतिक्षा करने के उपरान्त उसका सुनिश्चित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में नहीं जलाये जाये जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दिए या मोमबत्ती को जलाते हुए उपेक्षित न छोड़े, विशेष रूप से पर्दे या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह कि चोट लगने या जलने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह ले तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार न करें।
क्रमांक 212 -----------------
फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी
राजनांदगांव 23 अक्टूबर 2026। नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा जिले में सभी स्थायी व अस्थायी फटाखा दुकानों में आग से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए है। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा अधिनियम 2018 व छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि जारी नियमों के अनुसार फटाखा दुकान किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी, टैंट इत्यादि का नहीं होकर अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होना चाहिए। फटाखा दुकान कम से कम एक दुसरे से 03 मीटर की दूरी (साईड) पर एवं एक दूसरे के सामने न बनायी जाए। फटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल लैंप, गैस लैंप एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबंधित होना चाहिए। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अन्दर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबंधित होने चाहिए। विद्युत तारों में ज्वांइट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर स्विच में फ्यूस या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिये। जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वत: बन्द हो जाये। दुकाने ट्रांसफार्मर के पास न हो और उसके उपर से हाईटेंशन पावर लाईन न गुजरती हो। प्रत्येक फटाखा दुकान में 06 किलोग्राम क्षमता का डीसीपी अग्निशामक यंत्र होना चाहिये। इसकी मारक क्षमता 06 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अन्तराल में 500 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। फटाखा दुकानों के सामने बाईक व कार की पार्किंग प्रतिबंधित होनी चाहिए। अग्निशमन वाहन एवं एम्बुलेंस का फोन नम्बर दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मुव्हमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए।
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