निगम नेता प्रतिपक्ष के भेदभाव के आरोप बेबुनियाद - रवि सिन्हा
राजनांदगांव। नगर निगम में विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन को लेकर नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले द्वारा महापौर मधुसूदन यादव पर लगाए जा रहे भेदभाव के आरोपों पर भाजपा पार्षद रवि सिन्हा ने कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच भ्रम फैलाने और राजनीतिक बयानबाजी कर विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगा देना न तो उचित है और न ही इससे जनता की समस्याओं का समाधान होगा।
सिन्हा ने कहा कि सभी वार्ड में बिना किसी भेदभाव के कार्य स्वीकृत हुए हैं और विधायक,सांसद एवं महापौर के प्रयासों से विकास कार्य निर्बाध गति से चल रहे हैं यदि किन्ही कारणों से किसी वार्ड में अगर राशि का आवंटन नहीं हुआ है तो उन वार्डों के लिए राशि की व्यवस्था हेतु निरंतर प्रयास किया जा रहे हैं इसके लिए कांग्रेस या बीजेपी का मापदंड तय करना उचित नहीं है l
रवि सिन्हा ने कहा कि नगर निगम में विकास कार्यों की प्राथमिकता राजनीतिक दल के आधार पर नहीं, बल्कि वार्डों की वास्तविक आवश्यकताओं, नागरिक सुविधाओं की स्थिति और उपलब्ध बजट के आधार पर तय होती है । सड़क, नाली, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, सफाई और अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक वार्ड की आवश्यकता हैं। यदि किसी वार्ड में कोई आवश्यक कार्य लंबित है, तो संबंधित पार्षद को उस कार्य का प्रस्ताव मांग पत्र के रूप मे रखना चाहिए l
उन्होंने आगे कहा कि किसी कार्य में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक प्रक्रिया अथवा बजट संबंधी कारणों से विलंब हो सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित विभाग से जानकारी लेकर समस्या के निराकरण के लिए प्रयास करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। प्रत्येक लंबित कार्य को राजनीतिक भेदभाव का नाम देना उचित नहीं है। विपक्ष का दायित्व केवल आरोप लगाना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर जनता के हित में सवाल उठाना और समाधान के लिए रचनात्मक भूमिका निभाना भी है।
सिन्हा ने कहा कि महापौर मधुसूदन यादव का दायित्व पूरे राजनांदगांव शहर का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इसी भावना के अनुरूप सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने वार्डों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता के साथ सामने रखना चाहिए।
अंत में रवि सिन्हा ने कहा कि राजनांदगांव का विकास राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों, पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों के सामूहिक प्रयासों से होगा। जनता को बयानबाजी नहीं, बल्कि बेहतर सड़कें, व्यवस्थित नालियां, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं में सुधार चाहिए। इसलिए कांग्रेस सहित सभी जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर शहर के हित में काम करना चाहिए। विकास के मुद्दे पर सवाल अवश्य उठाए जाएं, लेकिन वे जनहित की भावना पर आधारित होने चाहिए।